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JiviAI का AI-आधारित हेल्थकेयर भाषा मॉडल Google और OpenAI से बेहतर, गुरुग्राम स्थित स्टार्टअप का दावा

JiviAI: भारतीय स्टार्टअप ने एक बयान में कहा कि जीवी के बड़े भाषा मॉडल 'जीवी मेडएक्स' ने लीडरबोर्ड की नौ बेंचमार्क कैटेगरी में 91.65 के औसत स्कोर के साथ ओपनएआई के जीपीटी-4 और गूगल के मेड-पीएएलएम 2 जैसे लोकप्रिय एआई-आधारित भाषा सीखने के मॉडल से बेहतर परफॉर्म किया है।

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JiviAI: घरेलू स्वास्थ्य सेवा स्टार्टअप जीवीएआई ने शुक्रवार को कहा कि उसके एआई आधारित लैंग्वेज लर्निंग मॉडल ने गूगल और ओपनएआई के मशीन लर्निंग एल्गोरिदम को पीछे छोड़ दिया है और ग्लोबल बेंचमार्क पर नंबर एक स्थान प्राप्त किया है। यह रैंकिंग ओपन मेडिकल एलएलएम लीडरबोर्ड द्वारा दी गई है। यह स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र-केंद्रित बड़े भाषा मॉडल के प्रदर्शन को ट्रैक और मूल्यांकन करता है।

मेडिकल एलएलएम लीडरबोर्ड

ओपन मेडिकल एलएलएम लीडरबोर्ड को एआई मंच हगिंग फेस, एडिनबर्ग विश्वविद्यालय और ओपन लाइफ साइंस एआई द्वारा होस्ट किया गया है। कंपनी के फाउंडर एवं चेयरमैन जी. वी. संजय रेड्डी ने कहा, ‘‘यह किसी भारतीय कंपनी के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। जीवी (Jivi) में हमारा मिशन दुनिया भर में सभी के लिए बेहतरीन स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराना है। हमारा एलएलएम दुनिया भर में सर्वश्रेष्ठ है, जिससे हमें बहुत गर्व और आत्मविश्वास मिलता है क्योंकि हम जीवी को एक अरब से अधिक लोगों तक पहुंचाने की तैयारी कर रहे हैं।’’

MedX लॉन्च करेगी कंपनी

जीवीएआई एक गुरुग्राम स्थित स्टार्टअप है, जिसकी स्थापना भारतपे के पूर्व चीफ प्रोडक्ट ऑफिसर अंकुर जैन और रेड्डी वेंचर्स के अध्यक्ष जी वी संजय रेड्डी ने की थी। कंपनी अगस्त 2024 में जीवी मेडएक्स पेश करने की भी योजना बना रही है। भारतीय स्टार्टअप ने एक बयान में कहा कि जीवी के बड़े भाषा मॉडल 'जीवी मेडएक्स' ने लीडरबोर्ड की नौ बेंचमार्क कैटेगरी में 91.65 के औसत स्कोर के साथ ओपनएआई के जीपीटी-4 और गूगल के मेड-पीएएलएम 2 जैसे लोकप्रिय एआई-आधारित भाषा सीखने के मॉडल से बेहतर परफॉर्म किया है।

Vishal Maithil
Vishal Mathelauthor

विशाल मैथिल टाइम्स नाऊ नवभारत में बतौर सीनियर कॉपी एडिटर 2023 से जुड़े हुए हैं। पत्रकारिता में 6+ वर्षों के अनुभव के साथ वह टेक्नोलॉजी, सोशल मीडिया, गैजेट्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे विषयों पर गहरी समझ रखते हैं। वे ऑटोमोबाइल, बिजनेस, यूटिलिटी और हाइपरलोकल से लेकर एजुकेशन और इंटरनेशनल बीट्स पर भी काम कर चुके हैं। भोपाल से ताल्लुक रखने वाले विशाल ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय से मीडिया रिसर्च में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। रिसर्च के क्षेत्र में उनके कई पेपर राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय जर्नल में प्रकाशित हो चुके हैं। उन्होंने दैनिक भास्कर, अमर उजाला, मासिक पत्रिका "संदेश" और सोशल मीडिया फर्म में भी काम किया है। टेक-यूटिलिटी और बिजनेस से जुड़ी खबरों को आसान और काम की भाषा में समझाना विशाल को खूब आता है। वो कोशिश करते हैं कि कम शब्दों में ज्यादा और साफ-सुथरी जानकारी मिल जाए। किताबें पढ़ना और संगीत सुनना उनका पसंदीदा काम है। आप इनसे Vishal.mathel@timesgroup.com पर संपर्क कर सकते हैं।

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