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उड़ान के दौरान यात्रियों को मिलेगी Wi-Fi सर्विस, लेकिन जान लें नए नियम

WiFi services In flight: सरकार ने भारतीय हवाई क्षेत्र में 3,000 मीटर की ऊंचाई पर पहुंचने के बाद ही मोबाइल संचार सेवाएं देने की अनुमति दी हुई है। ऐसा स्थलीय मोबाइल नेटवर्क के साथ हस्तक्षेप से बचने के लिए किया गया है।

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(Photo: Pexels)

WiFi services In flight: सरकार ने हवाई सफर करने वाले यात्रियों के लिए सुविधा में बदलाव किया है। सरकार ने सोमवार को स्पष्ट किया कि उड़ान के दौरान यात्री वाई-फाई के जरिये इंटरनेट सेवाओं का इस्तेमाल केवल तभी कर पाएंगे जब 3,000 मीटर की ऊंचाई पर पहुंच चुके विमान में इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का उपयोग करने की अनुमति होगी।

भारत सरकार ने घोषणा की है कि इन-फ़्लाइट वाईफ़ाई केवल तभी यात्रियों के लिए सुलभ होगी जब इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस का उपयोग 3,000 मीटर से ऊपर की अनुमति होगी। यह स्पष्टीकरण फ़्लाइट और मैरीटाइम कनेक्टिविटी नियमों में संशोधन के हिस्से के रूप में आया है, जिसे शुरू में 2018 में ग्राउंड-आधारित मोबाइल नेटवर्क के साथ हस्तक्षेप को कम करने के लिए स्थापित किया गया था।

क्या हैं नए नियम

सरकार ने उड़ान और समुद्री संपर्क नियम, 2018 के तहत विमान के भारतीय हवाई क्षेत्र में 3,000 मीटर की ऊंचाई पर पहुंचने के बाद ही मोबाइल संचार सेवाएं देने की अनुमति दी हुई है। ऐसा स्थलीय मोबाइल नेटवर्क के साथ हस्तक्षेप से बचने के लिए किया गया है।

इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के उपयोग की अनुमति होने पर ही मिलेगा Wifi सुविधा

इस संदर्भ में सरकार ने अधिसूचित नए नियम में कहा, ‘‘उप-नियम (एक) में निर्दिष्ट भारतीय हवाई क्षेत्र में न्यूनतम ऊंचाई होने के बावजूद विमान में वाई-फाई के जरिये इंटरनेट सेवाएं तभी उपलब्ध कराई जाएंगी, जब विमान में इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का उपयोग करने की अनुमति होगी।’’ नए अधिसूचित नियम को उड़ान और समुद्री संपर्क (संशोधन) नियम, 2024 कहा जाएगा।

इनपुट-भाषा

Vishal Maithil
Vishal Mathelauthor

विशाल मैथिल टाइम्स नाऊ नवभारत में बतौर सीनियर कॉपी एडिटर 2023 से जुड़े हुए हैं। पत्रकारिता में 6+ वर्षों के अनुभव के साथ वह टेक्नोलॉजी, सोशल मीडिया, गैजेट्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे विषयों पर गहरी समझ रखते हैं। वे ऑटोमोबाइल, बिजनेस, यूटिलिटी और हाइपरलोकल से लेकर एजुकेशन और इंटरनेशनल बीट्स पर भी काम कर चुके हैं। भोपाल से ताल्लुक रखने वाले विशाल ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय से मीडिया रिसर्च में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। रिसर्च के क्षेत्र में उनके कई पेपर राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय जर्नल में प्रकाशित हो चुके हैं। उन्होंने दैनिक भास्कर, अमर उजाला, मासिक पत्रिका "संदेश" और सोशल मीडिया फर्म में भी काम किया है। टेक-यूटिलिटी और बिजनेस से जुड़ी खबरों को आसान और काम की भाषा में समझाना विशाल को खूब आता है। वो कोशिश करते हैं कि कम शब्दों में ज्यादा और साफ-सुथरी जानकारी मिल जाए। किताबें पढ़ना और संगीत सुनना उनका पसंदीदा काम है। आप इनसे Vishal.mathel@timesgroup.com पर संपर्क कर सकते हैं।

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