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पूरी दुनिया का इंटरनेट होगा बंद, ईरान ने दी समुद्री केबल काटने की धमकी!

स्ट्रेट ऑफ हॉर्मूज तेल-गैस के साथ-साथ दूसरी कई जरूरी है। तेल-गैस के साथ साथ यह समुद्री मार्ग इंटरनेट केबलों के लिए भी एक जरूरी है। ये केबल यूएई, कतर, बहरीन, कुवैत और सऊदी अरब जैसे देशों को इंटरनेट से जोड़ते हैं।

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स्ट्रेट ऑफ हॉर्मूज से कई देशों के लिए इंटरनेट केबल्स निकलती हैं।

Iran internet shutdown risk: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ सीजफायर को अनिश्चितकाल के लिए बढ़ा दिया है। इस युद्ध विराम की घोषणा के बाद भी मिडिल ईस्ट में हालात काफी नाजुक बने हुए हैं। इस बीच एक हैरान करने वाली खबर सामने आई है। आईआरजीसी से जुड़े तसनीम न्यूज ने फारस की खाड़ी में समुद्र के नीचे बिछे इंटरनेट केबल और क्लाउड सिस्टम का विस्तार से नक्शा दिखाया है। इसे एक छिपी हुई चेतावनी के तौर पर देखा जा रहा है कि अब उस नक्शे में मौजूद इलाके का पूरा डिजिटल नेटवर्क ईरान के निशाने पर हो सकता है।

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज व्यापारिक दृष्टि से काफी ज्यादा महत्वपूर्ण है। आपको बता दें कि यह समुद्री मार्ग तेल-गैस के साथ-साथ दूसरी कई जरूरी है। बुधवार को जारी रिपोर्ट में तेल-गैस के साथ साथ स्ट्रेट ऑफ हॉर्मूज इंटरनेट केबलों के लिए भी एक जरूरी मार्ग बताया गया है। ये केबल यूएई, कतर, बहरीन, कुवैत और सऊदी अरब जैसे देशों को इंटरनेट से जोड़ते हैं।

कई देशों के केबल इसी रास्ते से गुजरते हैं

रिपोर्ट में कहा गया है कि कई बड़े इंटरनेट केबल इसी रास्ते से गुजरते हैं या इसके पास से जाते हैं। साथ ही यह भी बताया गया कि फारस की खाड़ी के दक्षिणी देशों की इंटरनेट व्यवस्था समुद्री केबलों पर ईरान की तुलना में ज्यादा निर्भर है। यह रिपोर्ट केवल जानकारी देने वाली नहीं लगती, बल्कि इसमें इन केबलों, डेटा सेंटर और कनेक्टिविटी सिस्टम को संघर्ष में दबाव बनाने के साधन के रूप में दिखाया गया है।

संचार व्यवस्था पर पड़ सकता है असर

तसनीम ने खास तौर पर यूएई और बहरीन जैसे देशों में मौजूद क्लाउड और डेटा सेंटर की बड़ी संख्या पर भी ध्यान दिलाया है। इससे यह संकेत मिलता है कि इन पर असर पड़ने से आर्थिक और संचार व्यवस्था पर बड़ा प्रभाव पड़ सकता है। इस चेतावनी को इसलिए भी गंभीर माना जा रहा है क्योंकि इस युद्ध में पहले ही डिजिटल ढांचे पर हमले हो चुके हैं।

हाल की रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान के ड्रोन हमलों में यूएई और बहरीन में अमेजन वेब सर्विसेज के ठिकाने निशाना बने थे। इससे यह साफ होता है कि खाड़ी क्षेत्र में क्लाउड सिस्टम भी सुरक्षित नहीं हैं। तसनीम की इस रिपोर्ट से यह संकेत मिलता है कि अब इस संघर्ष में समुद्री केबल, डेटा सेंटर, बंदरगाह, शिपिंग रूट और ऊर्जा ठिकाने समेत सब संभावित निशाने बनते जा रहे हैं।

Gaurav Tiwari
गौरव तिवारीauthor

गौरव तिवारी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में टेक और ऑटो बीट को कवर करते हैं। मीडिया इंडस्ट्री में 9 वर्षों के अनुभव के साथ, गौरव तकनीकी दुनिया की तेजी से बदलती जानकारियो को सरल और समझने योग्य भाषा में पेश करने के लिए जाने जाते हैं। वह गैजेट रिव्यू, टेलिकॉम अपडेट्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर क्राइम, टिप्स एंड ट्रिक्स, ई-कॉमर्स और ऑटोमोबाइल सेक्टर की महत्वपूर्ण खबरों पर लगातार काम करते हैं। गौरव अब तक 10,000 से अधिक आर्टिकल्स लिख चुके हैं। उनकी स्टोरीज न सिर्फ टेक-सेवी पाठकों के लिए उपयोगी होती हैं, बल्कि आम यूजर्स को भी नई तकनीक समझने और अपनाने में मदद करती हैं।

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