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नॉर्मल गीजर से कितना अलग होता है इंडक्शन गीजर? जानें कैसे करता है काम और क्या हैं इसके फायदे

यह समझना जरूरी है कि बाजार में मिलने वाले हर प्रोडक्ट को सिर्फ इंडक्शन गीजर कह देने से उसकी टेक्नोलॉजी वेरिफाई नहीं होती है। इसलिए खरीदने से पहले यह देखना चाहिए कि उसमें वास्तव में इंडक्शन हीटिंग का इस्तेमाल किया गया है या कोई दूसरी टेक्नोलॉजी दी गई है।

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गीजर की फिटिंग हमेशा एक्सपर्ट टेक्निशियन से ही कराना चाहिए।

सर्दियों में नहाने के लिए गर्म पानी की जरूरत हर घर में होती है। इसके लिए ज्यादातर लोग अपने घर में इलेक्ट्रिक गीजर लगवाते हैं। इसमें पानी को गर्म करने के लिए हीटिंग एलिमेंट का इस्तेमाल होता है। लेकिन अब बाजार में इंडक्शन गीजर की भी चर्चा होने लगी है। इसे लेकर दावा किया जाता है कि यह नई टेक्नोलॉजी से पानी गर्म करता है और कुछ मामलों में बिजली की बचत करने में भी मदद कर सकता है।

ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर इंडक्शन गीजर क्या होता है? यह सामान्य गीजर से कैसे अलग है और क्या इसे खरीदना आपके लिए फायदेमंद रहेगा? आइए आसान भाषा में इन सभी सवालों के जवाब जानते हैं।

क्या होता है नॉर्मल गीजर?

नॉर्मल इलेक्ट्रिक गीजर एक ऐसा डिवाइस है, जो बिजली की मदद से पानी गर्म करता है। इसमें आमतौर पर एक टैंक, हीटिंग एलिमेंट, थर्मोस्टेट और सुरक्षा के लिए कुछ जरूरी उपकरण दिए जाते हैं। जब आप गीजर चालू करते हैं, तो उसके अंदर लगा हीटिंग एलिमेंट गर्म होने लगता है। इसकी गर्मी से टैंक में मौजूद पानी का तापमान बढ़ता है।

इस तरह के गीजर बाजार में लंबे समय से इस्तेमाल किए जा रहे हैं। इनकी कीमत, क्षमता और बिजली की खपत अलग-अलग मॉडल के हिसाब से होती है।

इंडक्शन गीजर क्या होता है ?

इंडक्शन गीजर के नाम से ही पता चलता है कि इसमें इंडक्शन तकनीक का इस्तेमाल किया जाता है। सामान्य इंडक्शन कुकटॉप में बिजली की मदद से मैग्नेटिक फील्ड बनाया जाता है, जिससे खास तरह के बर्तन गर्म होते हैं। इसके बाद बर्तन की गर्मी से खाना पकता है।

इंडक्शन तकनीक पर आधारित वॉटर हीटर में भी मैग्नेटिक फील्ड की मदद से गर्मी पैदा की जा सकती है। इस गर्मी को पानी तक पहुंचाकर उसे गर्म किया जाता है। हालांकि, इसकी बनावट और काम करने का तरीका कंपनी और मॉडल के हिसाब से अलग हो सकता है।

यह समझना जरूरी है कि बाजार में मिलने वाले हर प्रोडक्ट को सिर्फ इंडक्शन गीजर कह देने से उसकी टेक्नोलॉजी वेरिफाई नहीं होती है। इसलिए खरीदने से पहले यह देखना चाहिए कि उसमें वास्तव में इंडक्शन हीटिंग का इस्तेमाल किया गया है या कोई दूसरी टेक्नोलॉजी दी गई है।

इंडक्शन गीजर पानी को कैसे गर्म करता है?

अगर किसी गीजर में असली इंडक्शन हीटिंग तकनीक का इस्तेमाल किया गया है, तो यह प्रक्रिया आमतौर पर कुछ इस तरह काम करती है।

सबसे पहले गीजर को बिजली से चालू किया जाता है। इसके अंदर मौजूद इलेक्ट्रॉनिक सर्किट एक कॉइल में करेंट को भेजता है। इससे एक मैग्नेटिक क्षेत्र बन जाता है। यह मैग्नेटिक क्षेत्र किसी खास धातु के हिस्से में गर्मी पैदा कर सकता है। इसके बाद उस हिस्से से गर्मी पानी तक पहुंचती है और पानी का तापमान बढ़ने लगता है।

पानी को सुरक्षित टेम्प्रेचर पर रखने के लिए तापमान कंट्रोल करने वाले सेंसर और दूसरे सेफ्टी कंपोनेंट्स भी जरूरी होते हैं। हालांकि, इंडक्शन से गर्मी पैदा होने का मतलब यह नहीं है कि पानी तुरंत गर्म हो जाएगा या बिजली की खपत अपने आप कम हो जाएगी। असल नतीजा गीजर की क्षमता, डिजाइन, पानी की मात्रा और इस्तेमाल के तरीके पर निर्भर करता है।

नॉर्मल गीजर और इंडक्शन गीजर में क्या अंतर है?

दोनों का मुख्य काम पानी गर्म करना है, लेकिन इनके काम करने की टेक्नोलॉजी अलग हो सकती है। सामान्य गीजर में आमतौर पर हीटिंग एलिमेंट सीधे गर्म होकर पानी को गर्म करता है। वहीं, इंडक्शन आधारित गीजर में चुंबकीय क्षेत्र की मदद से किसी खास हिस्से में गर्मी पैदा की जाती है।

सामान्य इलेक्ट्रिक गीजर की तकनीक काफी आम है। इसके छोटे और बड़े मॉडल आसानी से मिल जाते हैं। पानी गर्म होने की रफ्तार भी सिर्फ तकनीक पर निर्भर नहीं करती। अगर दो गीजर की बिजली की क्षमता अलग-अलग है, तो उनकी तुलना करके यह कहना सही नहीं होगा कि कौन ज्यादा तेजी से पानी गर्म करता है। इसके लिए दोनों की क्षमता और परफॉर्मेंस की जानकारी देखनी होगी।

क्या इंडक्शन गीजर से बिजली की बचत होती है?

यह सवाल सबसे ज्यादा जरूरी है, क्योंकि गीजर के इस्तेमाल से बिजली का बिल बढ़ सकता है। इंडक्शन तकनीक कुछ स्थितियों में गर्मी पैदा करने के तरीके को बेहतर बना सकती है, लेकिन इससे हर बार बिजली की बचत होगी, यह कहना सही नहीं है।

बिजली की बचत जानने के लिए सिर्फ कंपनी के दावों पर भरोसा न करें। गीजर की रेटेड पावर, एनर्जी एफिशिएंसी, स्टैंडबाय में होने वाली खपत और पानी गर्म रखने के दौरान होने वाले हीट लॉस की जानकारी देखें। इन बातों से पता चलता है कि लंबे समय में कौन-सा मॉडल आपके लिए किफायती रहेगा।

इंडक्शन गीजर के क्या फायदे हो सकते हैं?

अगर किसी इंडक्शन आधारित गीजर की डिजाइन अच्छी है, तो उसमें कुछ फायदे मिल सकते हैं। उदाहरण के लिए, हीटिंग सिस्टम को इस तरह बनाया जा सकता है कि गर्मी को पानी तक अच्छे से पहुंचाया जाए। कुछ मॉडल में तापमान नियंत्रित करने और सुरक्षा से जुड़े एडवांस फीचर्स भी मिल सकते हैं।

लेकिन हर मॉडल में ये सुविधाएं मिलें, यह जरूरी नहीं है। इसलिए गीजर खरीदते समय तकनीक के नाम के साथ उसकी वास्तविक खूबियां भी जांचें। बिजली की खपत, गर्म पानी देने की क्षमता, सुरक्षा फीचर्स और वारंटी जैसे पहलू ज्यादा मायने रखते हैं।

गीजर खरीदते समय किन बातों का रखें ध्यान?

चाहे आप सामान्य गीजर खरीदें या इंडक्शन तकनीक वाला वॉटर हीटर, कुछ बातें दोनों के लिए जरूरी हैं।

क्षमता: एक या दो लोगों के लिए छोटी क्षमता का गीजर काम आ सकता है, जबकि बड़े परिवार को ज्यादा कैपेसिटी वाले गीजर की जरूरत होगी।

बिजली की खपत: गीजर की रेटेड पावर और ऊर्जा दक्षता की जानकारी जरूर देखें।

सुरक्षा: ओवरहीटिंग प्रोटेक्शन, थर्मोस्टेट और जरूरी इलेक्ट्रिकल सेफ्टी फीचर्स वाले मॉडल को प्राथमिकता दें।

वारंटी और सर्विस: कंपनी की वारंटी, सर्विस सेंटर और स्पेयर पार्ट्स की उपलब्धता जांचें।

इंस्टॉलेशन: गीजर को सही तरीके से लगवाएं। अर्थिंग, सही वायरिंग और जरूरत के मुताबिक सर्किट प्रोटेक्शन का ध्यान रखें।

कीमत: खरीदने से पहले अलग-अलग मॉडल की कीमत और फीचर्स की तुलना करें।

गीजर एक इलेक्ट्रिकल उपकरण है, जिसका इस्तेमाल पानी के साथ होता है। इसलिए इसकी फिटिंग किसी अच्छे और एक्सपर्ट टेक्निशियन से करवाना चाहिए। एक छोटी सी लापरवाही हमारा बड़ा नुकसान करा सकती है।

Gaurav Tiwari
गौरव तिवारीauthor

गौरव तिवारी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में टेक और ऑटो बीट को कवर करते हैं। मीडिया इंडस्ट्री में 9 वर्षों के अनुभव के साथ, गौरव तकनीकी दुनिया की तेजी से बदलती जानकारियो को सरल और समझने योग्य भाषा में पेश करने के लिए जाने जाते हैं। वह गैजेट रिव्यू, टेलिकॉम अपडेट्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर क्राइम, टिप्स एंड ट्रिक्स, ई-कॉमर्स और ऑटोमोबाइल सेक्टर की महत्वपूर्ण खबरों पर लगातार काम करते हैं। गौरव अब तक 10,000 से अधिक आर्टिकल्स लिख चुके हैं। उनकी स्टोरीज न सिर्फ टेक-सेवी पाठकों के लिए उपयोगी होती हैं, बल्कि आम यूजर्स को भी नई तकनीक समझने और अपनाने में मदद करती हैं।

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