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ग्लोबल साइबर सिक्योरिटी इंडेक्स 2024 के टियर 1 देशों में शामिल हुआ भारत, कुल 46 देशों को जगह

Global Cyber ​​Security Index 2024: इंटरनेशनल टेलीकम्युनिकेशन यूनियन (आईटीयू) की रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि कानूनी उपाय साइबर सिक्योरिटी में सबसे अहम पिलर है। दुनिया के 177 देशों में निजी डेटा की सुरक्षा, डेटा चोरी होने आदि को लेकर कोई न कोई नियम बना हुआ है या फिर इसे बनाने का प्रोसेस शुरू हो चुका है।

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Global Cyber Security Index 2024 (image-istock)

Global Cyber Security Index 2024: भारत को ग्लोबल साइबरसिक्योरिटी इंडेक्स (जीसीआई) में टियर 1 देशों में जगह मिली है। इंटरनेशनल टेलीकम्युनिकेशन यूनियन (आईटीयू) द्वारा इसे जारी किया जाता है। 'जीसीआई 2024' ने इस बार पांच टियर एनालिसिस का उपयोग की है। इसमें विभिन्न देशों द्वारा साइबर सिक्योरिटी में की गई प्रगति को ट्रैक किया जाता है।

इस रिपोर्ट में सबसे उच्च श्रेणी टियर 1 में 46 देशों को जगह दी गई है। इन देशों को "रोल मॉडलिंग" नाम दिया गया है, जिन्होंने साइबर सुरक्षा के सभी अहम पहलुओं पर मजबूत प्रतिबद्धता दिखाई है। ग्लोबल साइबर सिक्योरिटी इंडेक्स 2024 में बताया गया कि भारत ने कानूनी, तकनीकी, क्षमता विस्तार और कॉरपोरेशन जैसे उपायों में अच्छा प्रदर्शन किया है। संस्थागत उपाय में और विकास की संभावना है।

आईटीयू के टेलीकॉम डेवलपमेंट ब्यूरो को डायरेक्टर कॉसमस लकीसन जवाजावा ने कहा कि ग्लोबल साइबरसिक्योरिटी इंडेक्स 2024 में शामिल देशों ने साइबर सुरक्षा के जरूरी एरिया जैसे कानूनी, तकनीकी, क्षमता विस्तार और कॉरपोरेशन फ्रेमवर्क में काफी अच्छा काम किया है। इससे हादसों का रिस्पॉन्स देने की क्षमता में विस्तार हुआ है।

साइबर सिक्योरिटी प्रोजेक्ट्स

जवाजावा ने आगे कहा कि आईटीयू के साइबर सिक्योरिटी प्रोजेक्ट्स और प्रोग्राम देशों की साइबर खतरों को मैनेज करने में मदद कर रहे हैं। रिपोर्ट में बड़े खतरों के बारे में भी बताया गया है, जिसमें सरकारी सेवाओं और अन्य सेक्टर को टारगेट करने वाले रैनसमवेयर अटैक, कोर इंडस्ट्रीज को प्रभावित करने वाले साइबर हमले, लोगों की निजता पर होने वाले साइबर हमले आदि शामिल हैं।

आईटीयू जनरल सेक्रेटरी डोरेन बोगडान-मार्टिन ने कहा कि आज के डिजिटल वर्ल्ड में विश्वास बनाना सबसे अहम है। ग्लोबल साइबर सिक्योरिटी इंडेक्स में हुई बढ़त दिखाती है कि हमें लगातार साइबर हमलों का कुशल तरीके से प्रबंधन करने पर ध्यान देना चाहिए। रिपोर्ट में आगे बताया गया कि कानूनी उपाय साइबर सिक्योरिटी में सबसे अहम पिलर है। दुनिया के 177 देशों में निजी डेटा की सुरक्षा, डेटा चोरी होने आदि को लेकर कोई न कोई नियम बना हुआ है या फिर इसे बनाने का प्रोसेस शुरू हो चुका है।

इनपुट-आईएएनएस

Vishal Maithil
Vishal Mathelauthor

विशाल मैथिल टाइम्स नाऊ नवभारत में बतौर सीनियर कॉपी एडिटर 2023 से जुड़े हुए हैं। पत्रकारिता में 6+ वर्षों के अनुभव के साथ वह टेक्नोलॉजी, सोशल मीडिया, गैजेट्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे विषयों पर गहरी समझ रखते हैं। वे ऑटोमोबाइल, बिजनेस, यूटिलिटी और हाइपरलोकल से लेकर एजुकेशन और इंटरनेशनल बीट्स पर भी काम कर चुके हैं। भोपाल से ताल्लुक रखने वाले विशाल ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय से मीडिया रिसर्च में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। रिसर्च के क्षेत्र में उनके कई पेपर राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय जर्नल में प्रकाशित हो चुके हैं। उन्होंने दैनिक भास्कर, अमर उजाला, मासिक पत्रिका "संदेश" और सोशल मीडिया फर्म में भी काम किया है। टेक-यूटिलिटी और बिजनेस से जुड़ी खबरों को आसान और काम की भाषा में समझाना विशाल को खूब आता है। वो कोशिश करते हैं कि कम शब्दों में ज्यादा और साफ-सुथरी जानकारी मिल जाए। किताबें पढ़ना और संगीत सुनना उनका पसंदीदा काम है। आप इनसे Vishal.mathel@timesgroup.com पर संपर्क कर सकते हैं।

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