टेक एंड गैजेट्स

सरकार ने बता दिया सबसे आसान तरीका, इस एक ट्रिक से फर्जी कॉल या मैसेज को तुरंत पहचान सकते हैं

हम फर्जी मैसेज को पहचान नहीं पाते और उसे ओपन करके पढ़ने लगते हैं। यह एक गलती हमारा बड़ा नुकसान करा सकती है। एक्सपर्ट की मानें तो हमें किसी भी ऐसे मैसेज को ओपन नहीं करना चाहिए जिसके बारे में हम नहीं जानते हैं और जिसमें अननोन लिंक्स हों।

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थोड़ी सावधानी बरतकर आप आसानी से साइबर फ्रॉड से बच सकते हैं। (फोटो क्रेडिट-iStock)

स्मार्टफोन अब हमारे डेली रूटीन का हिस्सा बन चुका है। हर दिन हम कई सारे काम स्मार्टफोन की मदद से ही करते हैं। मोबाइल फोन ने हमारे कई सारे काम को आसान तो बनाया है लेकिन इसमें आने वाले फर्जी कॉल और मैसेज कई बार बहुत डिस्टर्ब करते हैं और इनसे डेटा लीक होने, प्राइवेसी खत्म होने का भी खतरा बना रहता है। अगर आपके फोन में फर्जी कॉल या फिर मैसेज आ रहे हैं तो आपके लिए जरूरी खबर है। अब आप आसानी से पता कर सकते हैं कि आपके फोन में आने वाले मैसेज में कोई मैसेज फर्जी तो नहीं है? इससे आप टेक्नोलॉजी की दुनिया में सेफ रख सकते हैं।

दरअसल कई बार ऐसा होता है कि जब हमारे फोन में कोई कॉल आता है तो हमें समझ में नहीं आता कि वह फर्जी है या फिर किसी जानने वाला है। इस वजह से हम फोन रिसीव कर लेते हैं। ठीक ऐसा ही मैसेज के साथ होता है। हम फर्जी मैसेज को पहचान नहीं पाते और उसे ओपन करके पढ़ने लगते हैं। यह एक गलती हमारा बड़ा नुकसान करा सकती है। साइबर एक्सपर्ट की मानें तो हमें किसी भी ऐसे मैसेज को ओपन नहीं करना चाहिए जिसके बारे में हम नहीं जानते हैं और जिसमें अननोन लिंक्स हों। ठीक इसी तरह से अनजान नंबर से आने वाली कॉल्स को रिसीव करने से भी बचना चाहिए।

सरकार मोबाइल यूजर्स को ऑनलाइन स्कैम और साइबर फ्रॉड से बचाने के लिए लगातार नए-नए कदम उठा रही है। वहीं साइबर क्रिमिनल्स भी लोगों को ठगी का शिकार बनाने के लिए नए-नए तरीके अपना रहे हैं। पिछले कुछ समय में स्पैम मैसेज, फेक लिंक्स, सोशल मीडिया लिंक्स से होने वाले स्कैम के मामले तेजी से बढ़े हैं। क्रिमिनल्स कई बार फेक मैसेज भेजकर डिवाइस पर मैलवेयर भी इंस्टाल कर देते हैं जिससे डेटा लीक होने का भी खतरा रहता है। इसलिए किसी भी अनजान मैसेज को ओपन करने से बचना चाहिए।

फर्जी कॉल्स को ऐसे पहचानें

आपको बता दें कि साइबर फ्रॉड के मामलों में लगाम कसने के लिए सरकार की तरफ से लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने एक नया नियम लागू किया है। नियम के मुताबिक बैंकिंग, इंश्योरेंस और फाइनेंशियल सर्विस से रिलेटेड आने वाली कॉल्स का नंबर 160 सीरीज से शुरू होगा। ऐसे में अगर आपको 160 नंबर वाली सीरीज से कॉल आता है तो वह किसी न किसी बैंक, इंश्योरेंस या फिर फाइनेंशियल सर्विस वाली कॉल होगी। लेकिन अगर कॉल का नंबर 160 से शुरू नहीं होता तो आपको अलर्ट हो जाना चाहिए। आपको ऐसे नंबर को रिसीव नहीं करना चाहिए। आप ऐसे नंबर्स की कंप्लेन Sanchar Sathi ऐप पर कर सकते हैं।

फेक मैसेज का ऐसे लगाए पता

फर्जी कॉल्स की तरह फेक मैसेज को भी पहचाने का एक आसान तरीका है। फेक मैसेज को पहचानने के लिए आपको बस मैसेज के सेंडर कोड को ध्यान से पढ़ने की जरूरत है। अगर आपके फोन में आए मैसेज के अंत में 'S', 'G' या फिर 'P' लिखा हुआ है तो वह मैसेज असली है। मतलब इन लेटर्स के साथ आने वाले मैसेज पूरी तरह से सेफ मैसेज हैं। अगर मैसेज सेंडर कोड में 'S' लिखा हुआ है तो इसका मतलब है 'Service' होता है। मतलब ऐसे मैसेज बैंक या फिर टेलीकॉम सर्विस रिलेटेड होते हैं। अगर आपके मैसेड कोड में 'G' लिखा हुआ है तो इसका मतलब 'Government' होता है। ऐसे मैसेज सरकारी योजनाओं या फिर किसी अलर्ट से जुड़े हो सकते हैं। अगर मैसेज सेंडर में 'P' लिखा है तो इसका मतलब 'Promotion' होता है यानी ऐसे मैसेज किसी कंपनी की तरफ से प्रमोशन के लिए भेजा गया है।

Gaurav Tiwari
गौरव तिवारीauthor

गौरव तिवारी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में टेक और ऑटो बीट को कवर करते हैं। मीडिया इंडस्ट्री में 9 वर्षों के अनुभव के साथ, गौरव तकनीकी दुनिया की तेजी से बदलती जानकारियो को सरल और समझने योग्य भाषा में पेश करने के लिए जाने जाते हैं। वह गैजेट रिव्यू, टेलिकॉम अपडेट्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर क्राइम, टिप्स एंड ट्रिक्स, ई-कॉमर्स और ऑटोमोबाइल सेक्टर की महत्वपूर्ण खबरों पर लगातार काम करते हैं। गौरव अब तक 10,000 से अधिक आर्टिकल्स लिख चुके हैं। उनकी स्टोरीज न सिर्फ टेक-सेवी पाठकों के लिए उपयोगी होती हैं, बल्कि आम यूजर्स को भी नई तकनीक समझने और अपनाने में मदद करती हैं।

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