कई बार ऐसा होता है कि हमारे फोन के साथ में मिलने वाला चार्जर खो जाता है या फिर खराब हो जाता है तो ऐसी कंडीशन में हम दुकान से नया चार्जर ले आते हैं। लेकिन, क्या आपको पता है कि दुकानदार ने असली ब्रैंड के नाम से जो चार्जर दिया है वह असली है या फिर नकली। अगर चार्जिंग के दौरान चार्जर बहुत अधिक गर्म हो रहा है तो इस बात की बहुत अधिक संभावना है कि वह असली न हो। आइए आपको बताते हैं कि कैसे आप अपने चार्जर के असली या फिर नकली होने की पहचान कर सकते हैं।
चार्जिंग के दौरान चार्जर का गर्म होना एक सामान्य बात है लेकिन, अगर गर्माहट सामान्य से अधिक है तो आपको चिंता करनी चाहिए। इससे भविष्य में बड़ा नुकसान हो सकता है। मार्केट में कई सारे फेक ब्रैंड्स के चार्जर की भरमार हो चुकी है। दुकानदार प्रॉफिट कमाने के चक्कर में असली बताकर लो क्वालिटी का चार्जर थमा देते हैं। लो क्वालिटी के चार्जर डिवाइस की परफॉर्मेंस और बैटरी को नुकसान तो पहुंचाते है साथ ही ये फोन ब्लास्ट का कारण भी बन सकते हैं।
सरकारी ऐप करेगा मदद
अगर आपने हाल ही में अपने फोन के लिए कोई चार्जर खरीदा है और आपको डाउट है कि वह असली नहीं है तो आप आसानी से इसका पता लगा सकते हैं। नकली चार्जर की पोल-पट्टी खोलने में सरकारी ऐप BIS Care आपकी मदद करेगा। इस ऐप्लिकेशन की मदद से आप कुछ आसान स्टेप्स को फॉलो करके चार्जर की पूरी डिटेल पा सकते हैं।
R-Number को वेरिफाई करें
किसी भी चार्जर के नकली और असली की पहचान करने के लिए सबसे पहले आपको उस पर लिखे R- नंबर को चेक करना चाहिए। अगर आपको नहीं मालूम की R नंबर क्या है तो बता दें कि यह ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड्स से सर्टिफाइट डिवाइस के लिए यूनिक रेफरेंस कोड होता है इसे ही सामान्य तौर पर ही R- नंबर कोड कहा जाता है। यह कोड ही चार्जर के मैन्युफैक्चर और ऑथेंटिसिटी से जुड़ी जानकारी देता है।
BIS Care पर ऐसे करें करें चेक
- सबसे पहले गूगल प्ले स्टोर से BIS Care ऐप को डाउनलोड करें।
- ऐप ओपन करने पर आपको स्क्रीन पर Verify R Number का ऑप्शन मिलेगा इस पर टैप करें।
- अब आपको बॉक्स पर चार्जर पर लिखे R-Number को लिखना होगा।
- R-Number टाइप करने के बाद आपको सर्च या फिर वेरिफाई के ऑप्शन पर क्लिक करना होना।
- कुछ ही सेकंड में आपके सामने आपके चार्जर की पूरी डिटेल्स सामने आ जाएगी।
