हम जब भी कोई खाने पीने का सामान या फिर दवाई खरीदने जाते हैं तो सबसे पहले उसकी एक्सपायरी डेट को चेक करते हैं। एक्सपायरी डेट से हमें इस बात का अंदाजा लग जाता है कि उस दवाई या फिर सामान को कब तक इस्तेमाल किया जा सकता है ताकि हमारी हेल्थ न खराब हो।100 में से करीब 90 लोगों को यही लगता है कि एक्सपायरी डेट सिर्फ खाने-पीने के सामान में ही होती है, लेकिन ऐसा बिल्कुल भी नहीं है। हमारे द्वारा दिन भर इस्तेमाल किए जाने वाले फोन की भी एक्सपायरी डेट होती है। अगर आप नहीं जानते कि फोन की एक्सपायरी डेट कैसे निकालते हैं तो हम आपको आज इसी के बारे में बताने वाले हैं।
आपको बता दें कि हर एक इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस की एक फिक्स्ड उम्र होती है। इससे यह पता लगता है कि उसे कब तक इस्तेमाल किया जा सकता है। हर एक फोन की एक एक्सपायरी डेट होती है। फोन के बॉक्स में यह तो लिखा रहता है कि उसे कब मैन्युफैक्चर किया गया लेकिन उसकी एक्सपायरी डेट के बारे में जानकारी नहीं दी जाती। इसलिए यह सवाल लोगों में और भी अधिक उत्सुकता पैदा कर देता है। आप आसानी से अपने फोन की एक्सपायरी डेट का पता लगा सकते हैं बस इसके लिए आपको कुछ आसान स्टेप्स फॉलो करने होंगे।
कई बातों पर निर्भर करती है एक्सपायरी डेट
खाने-पीने के सामान की एक्सपायरी डेट और फोन की एक्सपायरी डेट में थोड़ा अंतर है। किसी खाने पीने के सामान की एक्सापयरी डेट निकलने का मतलब यह है कि अब उसे इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। वह सामान पूरी तरह से खराब हो चुका है और यूज करने से तबियत बिगड़ सकती है। लेकिन फोन के साथ ऐसा नहीं है, फोन की एक्सपायरी डेट कई बातों पर निर्भर करती है।
यूएस टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक कुछ फोन्स की एक्सपायरी डेट सिर्फ दो साल की होती है तो कई सारे फोन्स चार से पांच साल तक चलते हैं। इसका मतलब यह नहीं है कि फोन खराब हो जाता है या फिर इतने साल के बाद फोन काम करना बंद कर देगा, बल्कि यह इस पर निर्भर करता है कि कंपनी उसे कब तक ओएस अपडेट और सिक्योरिटी अपडेट उपलब्ध कराती है।
कपनियां नहीं बताती एक्सापयरी डेट
एंड्रॉयड स्मार्टफोन कंपनियां हो या फिर दूसरी कंपनियां किसी ने भी साफ तौर पर कभी यह जिक्र नहीं किया कि यूजर्स को कितने साल बाद अपना फोन बदल देना चाहिए। अगर आपका फोन 4-5 साल पुराना है और उसे ओएस और सिक्योरिटी अपडेट मिलना बंद हो चुके हैं तो मतलब वह स्मार्टफोन एक तरह से एक्सपायर हो चुका है। सिक्योरिटी अपडेट न मिलने से स्मार्टफोन्स में कई तरह के बग्स आ सकते हैं और इसका फायदा उठाकर साइबर क्रिमिनल्स आपके डिवाइस पर आसानी से पहुंच बना सकते हैं। इसकी वजह से आपको आर्थिक नुकसान के साथ-साथ दूसरी कई सारी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
आसान भाषा में समझें तो जब तक हमारे फोन को ओएस और सिक्योरिटी अपडेट्स मिल रहे हैं तब तक वह हमारे लिए पूरी तरह से सेफ है। हर एक स्मार्टफोन में यह मेंशन किया जाता है कि उसे कितने साल का ओएस अपडेट और कितने साल का सिक्योरिटी अपडेट मिलेगा। अगर आपके स्मार्टफोन को सिक्योरिटी अपडेट मिलना बंद हो चुके हैं तो आपको थोड़ा संभलकर अपने फोन को इस्तेमाल करना चाहिए।
कैसे करें फोन की लाइफ एक्सपेक्टेंसी कैलकुलेट
- किसी भी स्मार्टफोन की एक्सपायरी का अंदाज़ा लगाने के लिए कुछ बेसिक बातें ध्यान रखना जरूरी होता है।
- किसी भी ब्रांड का फोन आमतौर पर लॉन्च के बाद 3 से 5 साल या अधिकतम 7 साल तक ही अपडेट देता है।
- हर बैटरी की लगभग 500 से 800 चार्जिंग साइकल की लिमिट होती है। अगर आपका फोन रोजाना चार्ज होता है तो करीब 2.5 से 3 साल में इसकी क्षमता घटने लगती है।
- अगर आप अपने फोन दिन में कई बार चार्ज करते हैं तो इससे बैटरी चार्जिंग साइकल लिमिट और भी कम होगी और धीरे-धीरे उसकी परफॉर्मेंस भी घटेगी।
- अगर आपका स्मार्टफोन स्लो हो गया है और वह नए ऐप्स को सही से रन नहीं कर पा रहा तो यह भी एक्सपायरी के करीब होने का संकेत है।
