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मोबाइल फोन का आविष्कार करने वाला ही इससे दुखी, बोले - कोफ्त होती है

  • Authored by: अंशुमन साकल्ले
  • Updated Mar 30, 2023, 03:04 PM IST

‘फादर ऑफ द सेल फोन’ के नाम से मशहूर Martin Cooper ने कहा, “मैं जब भी किसी को मोबाइल की तरह देखते हुए सड़क पार करते देखता हूं तो दुखी हो जाता हूं।” इन्होंने 3 अप्रैल 1973 को पहला मोबाइल फोन इजात किया था।

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अमेरिकी इंजीनियर मार्टिन कूपर को फादर ऑफ द सेल फोन के नाम से भी जाना जाता है।

KEY HIGHLIGHTS
  • मोबाइल फोन के जनक ही इससे दुखी
  • 3 अप्रैल 1973 को हुआ था आविष्कार
  • फादर ऑफ द सेल फोन हैं मार्टिन कूपर

Man Who Invented Mobile Phone Is Devastated With This: मोबाइल फोन्स के साथ ये दिक्कत है कि लोग इसका बहुत ज्यादा इस्तेमाल करते हैं। ये कहना है उस शख्स का जिसने 50 साल पहले फोन का आविश्कार किया था। अमेरिकी इंजीनियर मार्टिन कूपर को फादर ऑफ द सेल फोन के नाम से भी जाना जाता है। इन्होंने कहा कि ये छोटी सी डिवाइस अपार संभावनाओं वाली है और एक दिन ये लोगों का इलाज भी करने लगेगी। लेकिन यहां लोग फोन्स को लेकर कुछ ज्यादा ही पागल हुए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि मैं उस समय बहुत दुखी हो जाता हूं जब भी कोई व्यक्ति सड़क पार करते समय मोबाइल देख रहा होता है और उसका ध्यान और कहीं नहीं होता।

कोई गाड़ी कुचल देगी तब समझ में आएगा

94 साल के मार्टिन कूपर ने एएफपी से बात करते हुए मजाकिया अंदाज में कहा, "जब कुछ लोगों को गाड़ियां कुचल देंगी, तब इन्हें समझ में आएगा।"कूपर भले ही ऐप्पल का फोन और स्मार्टवॉच इस्तेमाल करते हैं, लेकिन उनका कहना है कि जिस तरह मेरे नाती-पोते फोन का इस्तेमाल करते हैं वो मुझे कभी समझ नहीं आता। उन्होंने पुराना समय याद करते हुए बताया कि किस तरह वो लोगों से पहले मोबाइल फोन से बात किया करते थे, लेकिन अब जमाना पूरी तरह बदल गया है।

1973 में मोटोरोला के साथ बनाया था मोबाइल

कूपर ने दुनिया का पहला मोबाइल फोल 3 अप्रैल 1973 को बनाया था, लेकिन ये साइज में काफी बड़ा और भारी था। उस समय वो मोटोरोला के लिए काम कर रहे थे और यहीं से मोबाइल की शुरुआत हुई थी। आज के जमाने में ये मोबाइल्स बहुत स्मार्ट हो गए हैं जो ना सिर्फ कॉम्पैक्ट हैं, बल्कि हाइटेक हैं और खूब सारे एडवांस्ड फीचर्स के साथ आते हैं। कूपर ने कहा कि अब सेलफोन सिर्फ बात करते के लिए नहीं होते, इनसे कई सारे काम चुटकियों में किए जा सकते हैं। आने वाले समय में हम उम्मीद लगा सकते हैं कि किसी मर्ज को ठीक करने की काबीलियत भी रखेगा।

अंशुमन साकल्ले
अंशुमन साकल्लेauthor

अंशुमन साकल्ले जून 2022 से टाइम्स नाउ नवभारत (www.timesnowhindi.com/) में बतौर सीनियर स्पेशल करेस्पॉन्डेंट कार्यरत हैं। ये ईएमएमसी, दैनिक भास्कर, एनडीटीवी और जी न्यूज डिजिटल में काम करने के बाद संस्थान से जुड़े। इन्हें सभी मुख्य बीट्स पर काम करने का अनुभव है और ये 12 वर्ष से भी ज्यादा इसी पेशे में गुजार चुके हैं। एक्सपर्टीज की बात करें तो ऑटो और टेक से जुड़ी तमाम खबरों का जिम्मा यही संभाल रहे हैं। ऑन ग्राउंड रिपोर्ट हो या वीडियो या फिर गाड़ियों का रिव्यू, ये हमेशा अलग-अलग एंगल से खबरों को रोचक बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ते। भोपाल के रहने वाले अंशुमन बड़े घुमक्कड़ हैं और ये देश की लगभग सभी प्रचलित जगहों पर अपनी मौजूदगी दर्ज कर चुके हैं। एनडीटीवी से लेकर अब तक इन्होंने सिर्फ ऑटोमोबाइल जगत से जुड़ी खबरों पर ही काम किया है, हालांकि कोर बीट से इतर चुनाव, बजट या किसी भी बडे इवेंट पर इन्हें बड़ी और महत्वपूर्ण खबरों की जिम्मेदारी भी दी जाती है। इन सबके अलावा राजनीति में भी इन्हें खासी दिलचस्पी है, यही वजह है कि मध्यप्रदेश की पॉलिटिक्स को ये बहुत गहराई से जानते हैं।

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