BSNL 4G,5G Plan:सरकारी दूरसंचार कंपनी बीएसएनएल अगले साल मई तक एक लाख बेस स्टेशनों के जरिए देश में विकसित 4जी तकनीक को लागू करने का काम पूरा कर लेगी।केंद्रीय दूरसंचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने यह जानकारी देते हुए कहा कि कंपनी इसके बाद जून 2025 तक 5जी नेटवर्क पर चली जाएगी। मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इस बात को लेकर बिल्कुल स्पष्ट हैं कि सरकारी कंपनी किसी और के उपकरण का इस्तेमाल नहीं करेगी।
घरेलू 4 G तकनीकी का यूज
बीएसएनएल सरकारी कंपनी सी-डॉट और घरेलू आईटी कंपनी टीसीएस के गठजोड़ द्वारा विकसित 4जी तकनीक का उपयोग कर रही है।
सिंधिया ने कहा कि भारत ने 22 महीनों में 4.5 लाख टावरों की स्थापना के साथ दुनिया में सबसे तेजी से 5जी तकनीक को लागू किया और देश की 80 प्रतिशत आबादी के लिए ये सेवा उपलब्ध है। उन्होंने अमेरिका-भारत रणनीतिक साझेदारी मंच में कहा कि भारत 4जी में दुनिया के नक्शेकदम पर चला, 5जी में दुनिया के साथ चल रहा है और 6जी तकनीक में दुनिया का नेतृत्व करेगा।
सिंधिया ने कहा, ''अब हमारे पास एक प्रमुख और एक रेडियो एक्सेस नेटवर्क है, जो पूरी तरह से काम कर रहा है। हमारे पास अगले साल अप्रैल-मई तक एक लाख साइट की योजना है। हमने कल तक 38,300 साइट शुरू कर दी हैं। उन्होंने कहा, ''हम अपना खुद का 4जी नेटवर्क शुरू करने जा रहे हैं, जो जून 2025 तक 5जी पर चला जाएगा। हम ऐसा करने वाले दुनिया के छठे देश होंगे।''
5G से कॉल ड्रॉप में कमी- सर्वे
देश में 5जी नेटवर्क को अपनाने वाले आधे से अधिक उपयोगकर्ताओं ने ‘कॉल ड्रॉप’ में कमी और ‘डेटा स्पीड’ में सुधार का अनुभव किया है।ऑनलाइन सर्वेक्षण फर्म लोकलसर्किल्स ने सोमवार को एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी।सर्वेक्षण में शामिल 53 प्रतिशत स्मार्टफोन उपयोगकर्ताओं ने कहा कि 3जी और 4जी से 5जी सेवाओं को अपनाने के बाद कॉल ड्रॉप की स्थिति में सुधार हुआ है।दूसरी ओर लगभग 30 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने कहा कि कॉल ड्रॉप दर में कोई सुधार नहीं हुआ है, जबकि नौ प्रतिशत ने शिकायत की कि यह कुछ हद तक खराब हो गया है। सर्वेक्षण में पांच प्रतिशत ने कहा कि कॉल ड्रॉप की समस्या काफी खराब हो गई है।लोकलसर्किल्स का दावा है कि सर्वेक्षण के तहत 361 जिलों में स्थित उपभोक्ताओं (स्मार्टफोन उपयोगकर्ताओं) से कुल 47,000 से अधिक प्रतिक्रियाएं मिलीं।
