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करोड़ों Android और iPhone यूजर्स के लिए बड़ी चेतावनी, ये एक फीचर बन सकता है मुसीबत

AirDrop और Quick Share जैसे फीचर्स यूजर्स को बिना Wi-Fi नेटवर्क से जुड़ने, अकाउंट लॉगिन या पेयरिंग के, पास के डिवाइस के साथ तुरंत फोटो और फाइल शेयर करने की सुविधा देते हैं। लेकिन यही 'सीमलेस' अनुभव अब सुरक्षा जोखिम के रूप में सामने आ रहा है।

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करोड़ों स्मार्टफोन यूजर्स के लिए बड़ी वॉर्निंग। (फोटो क्रेडिट-iStock)

iOS, Android, macOS और Windows जैसे प्रमुख ऑपरेटिंग सिस्टम्स में इस्तेमाल होने वाले फास्ट फाइल शेयरिंग फीचर्स AirDrop और Quick Share को लेकर एक नई रिसर्च सामने आई है, जिसने यूजर्स की प्राइवेसी और डिवाइस सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। इसलिए अगर आप स्मार्टफोन या फिर लैपटॉप इस्तेमाल करते हैं तो आपके लिए काम की खबर है।

AirDrop और Quick Share जैसे फीचर्स यूजर्स को बिना Wi-Fi नेटवर्क से जुड़ने, अकाउंट लॉगिन या पेयरिंग के, पास के डिवाइस के साथ तुरंत फोटो और फाइल शेयर करने की सुविधा देते हैं। लेकिन यही “सीमलेस” अनुभव अब सुरक्षा जोखिम के रूप में सामने आ रहा है।

रिसर्चर ने किया बड़ा खुलासा

जर्मनी के CISPA Helmholtz Center for Information Security के रिसर्चर के अनुसार, इन सिस्टम्स में कुल छह संभावित कमजोरियां (vulnerabilities) पाई गई हैं, जो iOS, Android के साथ-साथ macOS और Windows को भी प्रभावित कर सकती हैं। इनमें से तीन कमजोरियां AirDrop से और तीन Quick Share और Windows की कनेक्टिविटी सिस्टम से जुड़ी बताई गई हैं।

बैकग्राउंड सिस्टम बना जोखिम की वजह

AirDrop और Quick Share दोनों ही बैकग्राउंड में ऐसे सिस्टम चलाते हैं जो आसपास मौजूद डिवाइसों को लगातार “लिसन” करते रहते हैं। इसका उद्देश्य तेज और आसान फाइल शेयरिंग है, लेकिन इसी वजह से ये सिस्टम बिना यूजर की अनुमति के डेटा प्रोसेस कर सकते हैं।

रिपोर्ट के अनुसार, यदि किसी डिवाइस में “Everyone” डिस्कवरी मोड ऑन है, तो अटैकर केवल 10 से 30 मीटर की दूरी पर मौजूद होकर लैपटॉप और Wi-Fi के जरिए इन सिस्टम्स को टारगेट कर सकता है।

AirDrop में क्रैश और सिस्टम आउटेज का खतरा

रिसर्च में पाया गया कि AirDrop में मौजूद sharingd नाम का बैकग्राउंड प्रोसेस ओवरलोड होकर क्रैश हो सकता है। यह प्रोसेस बंद होने पर AirDrop के साथ-साथ Continuity Camera, Universal Clipboard और Handoff जैसी Apple सेवाएं भी प्रभावित हो सकती हैं।

Quick Share और Windows में गंभीर खामियां

Quick Share में समस्या और भी जटिल बताई गई है। रिसर्चर्स के अनुसार, इसमें डेटा एक्सचेंज के शुरुआती चरण में ही कुछ अनएन्क्रिप्टेड फ्रेम्स पढ़े और रिस्पॉन्ड किए जा सकते हैं। इससे सेशन सिक्योरिटी बायपास होने का खतरा पैदा होता है।

Windows सिस्टम में भी 'use-after-free' जैसी खामी पाई गई है, जिससे हैकर्स पहले से बने सेशन को फिर से एक्सेस कर सकते हैं और सुरक्षा सिक्योरिटी को भी ब्रेक कर सकते हैं।

कंपनियों ने शुरू किए फिक्स, फिर भी खतरा बरकरार

रिपोर्ट के मुताबिक, इन कमजोरियों को Apple और Google को पहले ही रिपोर्ट किया जा चुका है। इनमें से दो खामियों को ठीक करने के लिए अपडेट जारी किए जा चुके हैं, जबकि बाकी पर काम जारी है।

कैसे बचें इस खतरे से?

साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, यूजर्स कुछ आसान कदम उठाकर खुद को सुरक्षित रख सकते हैं:

  • AirDrop और Quick Share को “Everyone” मोड पर न रखें
  • जरूरत न होने पर इन्हें बंद रखें
  • केवल “Contacts Only” मोड का इस्तेमाल करें
  • सार्वजनिक जगहों पर फाइल शेयरिंग फीचर्स ऑफ रखें

एक्सपर्ट का कहना है कि हालांकि ये फीचर्स सुविधा के लिए बनाए गए हैं, लेकिन इन्हें हमेशा ऑन रखना डिवाइस को अनजान कनेक्शन और संभावित हमलों के लिए खुला छोड़ सकता है। कंपनियां लगातार इन सिस्टम्स को सुरक्षित बनाने पर काम कर रही हैं, लेकिन तब तक यूजर्स को सतर्क रहना ही सबसे बड़ा बचाव है।

Gaurav Tiwari
गौरव तिवारीauthor

गौरव तिवारी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में टेक और ऑटो बीट को कवर करते हैं। मीडिया इंडस्ट्री में 9 वर्षों के अनुभव के साथ, गौरव तकनीकी दुनिया की तेजी से बदलती जानकारियो को सरल और समझने योग्य भाषा में पेश करने के लिए जाने जाते हैं। वह गैजेट रिव्यू, टेलिकॉम अपडेट्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर क्राइम, टिप्स एंड ट्रिक्स, ई-कॉमर्स और ऑटोमोबाइल सेक्टर की महत्वपूर्ण खबरों पर लगातार काम करते हैं। गौरव अब तक 10,000 से अधिक आर्टिकल्स लिख चुके हैं। उनकी स्टोरीज न सिर्फ टेक-सेवी पाठकों के लिए उपयोगी होती हैं, बल्कि आम यूजर्स को भी नई तकनीक समझने और अपनाने में मदद करती हैं।

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