टेक एंड गैजेट्स

Airtel और Vi के बीच फिर शुरू हुई टेलीकॉम जंग, इंटरनेट स्पीड को लेकर बढ़ा विवाद

Airtel vs Vi: Vodafone Idea ने Airtel की Priority Postpaid 5G सेवा पर सवाल उठाते हुए समान इंटरनेट अनुभव की मांग की है, जिससे नेट न्यूट्रैलिटी और टेलीकॉम प्रतिस्पर्धा को लेकर नई बहस शुरू हो गई है।

Image

Telecom Wars की वापसी: Vi ने Airtel के 'Priority Push' को बनाया निशाना

Airtel vs Vi : देश की टेलीकॉम इंडस्ट्री (telecom industry) में एक बार फिर बड़ी कंपनियों के बीच मुकाबला तेज होता दिख रहा है। इस बार विवाद इंटरनेट स्पीड और नेटवर्क क्वालिटी को लेकर शुरू हुआ है। Vodafone Idea (Vi) ने Bharti Airtel की नई Priority Postpaid सेवा पर सवाल उठाए हैं और इसे लेकर सोशल मीडिया पर बड़ा अभियान भी शुरू किया है। Vi का कहना है कि हर ग्राहक को बराबर नेटवर्क और इंटरनेट अनुभव मिलना चाहिए। कंपनी ने अपने विज्ञापनों में सबको equal network का वादा और Everyone is a priority with Vi जैसे स्लोगन इस्तेमाल किए हैं। माना जा रहा है कि यह सीधा निशाना Airtel की नई Priority Postpaid सेवा पर है।

Airtel की नई सेवा क्या है?

एयरटेल ने हाल ही में अपनी Priority Postpaid सेवा लॉन्च की है। इसमें 5G नेटवर्क slicing तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है। इस तकनीक की मदद से कुछ खास पोस्टपेड ग्राहकों को ज्यादा स्थिर और बेहतर इंटरनेट अनुभव देने की कोशिश की जा रही है। एयरटेल का दावा है कि यह सेवा पूरी तरह नियमों के अनुसार है और इससे दूसरे ग्राहकों की इंटरनेट स्पीड पर कोई असर नहीं पड़ेगा। कंपनी का कहना है कि उसके नेटवर्क में पर्याप्त क्षमता है, इसलिए सभी यूजर्स को अच्छी सेवा मिलती रहेगी।

Vi ने उठाए बराबरी के सवाल

फाइनेंशियल Vodafone Idea के चीफ मार्केटिंग ऑफिसर अवनीश खोसला ने कहा कि भारत की डिजिटल तरक्की समान और सस्ती इंटरनेट सेवाओं की वजह से संभव हुई है। उनका कहना है कि अगर कुछ ग्राहकों को दूसरों से बेहतर इंटरनेट अनुभव दिया जाता है, तो इससे डिजिटल समानता पर सवाल खड़े होते हैं। उन्होंने कहा कि नई तकनीक और कमाई के मॉडल अपनाते समय यह जरूरी है कि सभी ग्राहकों के हितों का ध्यान रखा जाए और सेवाएं पूरी तरह पारदर्शी और सबके लिए समान हों।

Net Neutrality पर फिर शुरू हुई चर्चा

इस विवाद के बाद देश में एक बार फिर Net Neutrality यानी समान इंटरनेट पहुंच को लेकर बहस शुरू हो गई है। इससे पहले साल 2016 में TRAI ने ऐसे नियम बनाए थे, जिनमें इंटरनेट डेटा के लिए भेदभावपूर्ण टैरिफ पर रोक लगाई गई थी। हालांकि इस बार मामला अलग है। पहले विवाद कुछ खास वेबसाइट्स या ऐप्स को प्राथमिकता देने को लेकर था, लेकिन अब मुद्दा नेटवर्क slicing के जरिए अलग-अलग ग्राहकों को अलग इंटरनेट क्वालिटी देने का है।

Jio भी Airtel के खिलाफ

Reliance Jio ने भी Airtel की इस सेवा पर आपत्ति जताई है, हालांकि उसने सार्वजनिक रूप से Airtel पर हमला नहीं किया। सूत्रों के मुताबिक Jio ने सरकार और संसदीय समिति को दिए अपने जवाब में कहा है कि नेटवर्क slicing तकनीक तो सही है, लेकिन अगर कुछ ग्राहकों को विशेष प्राथमिकता दी जाती है, तो उसके लिए साफ और पारदर्शी नियम होने चाहिए।

Vi की वापसी की तैयारी

एक्सपर्ट्स् का मानना है कि Vi का यह अभियान सिर्फ Airtel की सेवा का विरोध नहीं है, बल्कि यह कंपनी की नई रणनीति का हिस्सा भी है। लंबे समय से आर्थिक संकट से जूझ रही Vi को हाल ही में AGR बकाया मामले में राहत मिली है। इसके अलावा कंपनी ने 4,730 करोड़ रुपये की नई फंडिंग भी जुटाई है और 80 से ज्यादा शहरों में 5G सेवाएं शुरू की हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि Vodafone Idea अब सिर्फ अपने अस्तित्व की लड़ाई नहीं लड़ना चाहती, बल्कि वह दोबारा टेलीकॉम बाजार में आक्रामक तरीके से मुकाबला करने की तैयारी में है।

Ramanuj Singh
रामानुज सिंहauthor

रामानुज सिंह पत्रकारिता में दो दशकों का व्यापक और समृद्ध अनुभव रखते हैं। उन्होंने टीवी और डिजिटल—दोनों ही प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए बिजनेस, पर्सनल फाइनेंस, शेयर बाजार, इनकम टैक्स, बैंकिंग, बुलियन और कमोडिटी मार्केट जैसे विषयों पर गहरी विशेषज्ञता विकसित की है। जर्नलिज्म में एमए की डिग्री और वर्षों के अनुभव से विकसित विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ, रामानुज जटिल वित्तीय विषयों को सरल, विश्वसनीय और प्रभावी तरीके से पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। अब तक वे 22,000 से अधिक स्टोरीज लिख चुके हैं।

और पढ़ें
End of Article