पेरिस: भारतीय पहलवान विनेश फोगाट ने पेरिस ओलंपिक की महिला कुश्ती के 50 किग्रा वर्ग के फाइनल में भाग लेने से अयोग्य ठहराए जाने (डिस्क्वालीफिकेशन) के बाद बुधवार को CAS (court of arbitration for sports) में अपील की है। विनेश ने पेरिस से समयानुसार शाम 05:51 PM को कैस में अपील दायर की है और खुद को ज्वाइंट सिल्वर मेडल दिए जाने की मांग की है।
विनेश की टीम ने दायर की है अपील
पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय दल में शामिल भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) के एक सूत्र ने पीटीआई से इस बात की पुष्टि की। सूत्र ने कहा,'हां हमें इस बारे में पता चला है। यह उनकी टीम द्वारा किया गया है।'हालांकि पेरिस ओलंपिक के भारत में आधिकारिक प्रसारणकर्ता जियो सिनेमा और स्पोर्ट्स-18 ने अपील किए जाने की पुष्टि की है।
गुरुवार सुबह होगी मामले की सुनवाई
ओलंपिक खेलों के दौरान या उद्घाटन समारोह से पहले 10 दिनों की अवधि के दौरान उत्पन्न होने वाले किसी भी विवाद के मध्यस्थता द्वारा समाधान के लिए पेरिस में कैस की बेंच स्थापित की गई है। विनेश के मामले में सुनवाई गुरुवार सुबह होगी। सेमीफाइनल में विनेश से हारने वाली क्यूबा की पहलवान युस्नेलिस गुजमेन लोपेज ने फाइनल में उनकी जगह ली है। कैस आमतौर पर खिलाड़ियों के वेलफेयर का फैसला करता है। ऐसे में हो सकता है कि गुरुवार सुबह फैन्स को एक अच्छी खबर मिले।
अगर सपोर्ट में आया फैसला तो मिलेगा सिल्वर
अगर फैसला विनेश के सपोर्ट में आता है तो अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति को ज्वाइंट सिल्वर मेडल देना होगा। यानी दो सिल्वर मेडल दिए जाएंगे। पूरा देश यह उम्मीद लगाकर बैठा है कि गुरुवार की सुबह खेल प्रेमियों के लिए कुछ अच्छी खबर सामने आए। पहले भी ऐसा हुआ है, कीनिया की खिलाड़ी को सस्पेंड होने के बाद भी सिल्वर मेडल दिया गया था। अब सवाल है कि विनेश की अपील में कितना दम है और इस बारे में CAS की क्या राय है?
विनेश के सहयोगी स्टाफ के खिलाफ होगी कार्रवाई
इससे पहले भारतीय ओलंपिक संघ और भारतीय कुश्ती संघ ने भी इस मुद्दे पर अपना विरोध दर्ज कराया था। IOA की प्रेसिडेंट पीटी ऊषा सहित कुश्ती संघ के अध्यक्ष ने इस पूरे मुद्दे पर विश्व कुश्ती संघ के अध्यक्ष से भी मुलाकात की और इस मुद्दे पर अपना विरोध दर्ज कराया। इतना ही नहीं भारतीय कुश्ती संघ के अध्यक्ष संजय सिंह ने विनेश फोगाट के पेरिस ओलंपिक से बाहर होने के बाद उनके साथ जुड़े सहयोगी स्टाफ के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि फाइनल से पहले वजन को दायरे में नहीं रखने की गलती स्वीकार्य नहीं है और दोषियों पर कार्रवाई होनी चाहिए।
नहीं बदला जा सकता है नियम
वहीं यूनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग (यूडब्ल्यूडब्ल्यू) के अध्यक्ष नेनाद लालोविच ने भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) अध्यक्ष पीटी उषा को स्पष्ट रूप से बताया कि पहलवान विनेश फोगाट के मामले में मौजूदा वजन मापने के नियम को पूर्व निरीक्षण में बदला नहीं जा सकता। उन्होंने विनेश के साथ सहानुभूति जताते हुए कहा कि वह जिस उथल-पुथल से गुजर रही हैं, उसके लिए उनके साथ सहानुभूति है। यूडब्ल्यूडब्ल्यू ने एक बयान में कहा,'आईओए के इस सुझाव पर कि जिस दिन एथलीट ने वजन मापने की जरूरतों को पूरा किया है, उस दिन से पहलवान के परिणामों को अयोग्य नहीं ठहराया जाना चाहिए। यूडब्ल्यूडब्ल्यू अध्यक्ष ने सहानुभूति व्यक्त की। यूडब्ल्यूडब्ल्यू उचित मंच पर सुझाव पर चर्चा भी करेगा, लेकिन इसे पूर्वव्यापी रूप से नहीं किया जा सकता है।'
(भाषा इनपुट के साथ)
