नई दिल्ली: कोयंबटूर के वी एस रतनवेल ने गुवाहाटी स्मार्ट सिटी इंटरनेशनल ओपन 2026 में 2500 ईएलओ रेटिंग का आंकड़ा पार कर देश के 99वें ग्रैंडमास्टर बनने का गौरव हासिल किया जिससे भारत शतरंज में अपने 100वें ग्रैंडमास्टर के ऐतिहासिक मुकाम से अब सिर्फ एक कदम दूर है। पच्चीस वर्षीय रतनवेल ने 2022 में ही ग्रैंडमास्टर बनने के लिए जरूरी तीनों नॉर्म पूरे कर लिए थे, लेकिन आवश्यक 2500 ईएलओ रेटिंग हासिल नहीं कर पाने के कारण उन्हें लगभग पांच साल तक इंतजार करना पड़ा।
छह साल की उम्र में हुई थी शतरंज खेलने की शुरुआत
महज छह साल की उम्र से शतरंज खेलना शुरू करने वाले रतनवेल विश्व युवा अंडर-10 कांस्य पदक विजेता और कई वर्षों तक भारत के शीर्ष अंतरराष्ट्रीय मास्टरों में शामिल रहे हैं। रतनवेल ने ’पीटीआई’ से कहा,'मैं कई बार बहुत ग्रैडमास्टर नॉर्म हासिल करने के करीब पहुंचा, लेकिन हर बार चूक गया। इससे काफी निराशा होती है क्योंकि शतरंज मानसिक खेल है और ऐसे में आप खुद पर ही संदेह करने लगते हैं। इसका प्रदर्शन पर भी असर पड़ता है। आखिरकार 2500 रेटिंग पार करना बेहद संतोषजनक है।'
टाइम्स नाउ नवभारत पर ये भी पढ़ें: IND vs ENG 3rd ODI: चोटिल वॉशिंगटन सुंदर की जगह इस खिलाड़ी को मिली भारतीय टीम में जगह
अब बगैर तनाव के खेल सकेंगे रतनवेल
उन्होंने कहा कि अब सबसे बड़ा बदलाव यह होगा कि वह बिना रेटिंग की चिंता किए खेल सकेंगे। रतनवेल ने कहा,'मैं अब बिना किसी तनाव के और अधिक सहज होकर खेल सकूंगा। मुझे लगता है कि इससे मेरा प्रदर्शन और बेहतर होगा।' अखिल भारतीय शतरंज महासंघ (एआईसीएफ) के अध्यक्ष नितिन नारंग ने रतनवेल को बधाई देते हुए कहा कि भारत अब अपने 100वें ग्रैंडमास्टर से केवल एक कदम दूर है। भारत रूस और अमेरिका के बाद 100 या उससे ज्यादा ग्रैंडमास्टर वाला तीसरा देश बन जाएगा।
