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बहुत बड़ा खुलासा! पाकिस्तानी PM ने ही किया क्रिकेट टीम के साथ स्कैम,जानिए क्या है पूरा मामला

पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर सईद अजमल का एक पुराना वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें उन्होंने दावा किया कि पाकिस्तान सरकार ने 2009 में टी20 विश्व कप जीतने वाली टीम को 25 लाख रुपये देने का वादा किया था लेकिन उन्हें पैसे कभी नहीं मिले।

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पाकिस्तान क्रिकेट टीम ( PHOTO-AP)

नई दिल्ली: एशिया कप में भारत के हाथों हार के बाद पाकिस्तानी टीम की उनके फैंस काफी आलोचना कर रहे है। इस बीच पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर सईद अजमल का एक पुराना वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें उन्होंने दावा किया है कि पाकिस्तान सरकार ने 2009 में टी20 विश्व कप जीतने वाली टीम को 25 लाख रुपये देने का वादा किया था लेकिन उन्हें पैसे कभी नहीं मिले। पाकिस्तान एशिया कप 2025 के फाइनल में पहुंचा लेकिन भारत के हाथों हारकर खिताब जीतने का मौका गंवा दिया। गौर हो कि सईद अजमल पाकिस्तान के सबसे कामयाब स्पिनर में शुमार होते हैं।

एशिया कप में औसत प्रदर्शन के अलावा पीसीबी ने भी भारत द्वारा पाकिस्तान के क्रिकेटरों के हैंडशेक से इनकार वाले मुद्दे पर काफी ड्रामा खड़ा किया। उन्होंने मैच रेफरी एंडी पाइक्रॉफ्ट के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। उनपर खेल भावना से समझौता करने का आरोप लगाया। कुल मिलाकर कई ऐसे विवाद एशिया कप में खड़ा करने की कोशिश की जो किसी भी सूरते हाल में खेल भावना का प्रतीक नहीं माना जाता है। इस मसले पर पाकिस्तान की क्रिकेट बिरादरी में काफी आलोचना हुई।

बुरी तरह से ट्रोल होने के बाद फाइनल में पाकिस्तान पर एशिया कप में बेहतर प्रदर्शन करने का दबाव था, लेकिन वह अपेक्षाओं पर खरे नहीं उतरे। पाकिस्तान को एशिया कप में शर्मनाक प्रदर्शन के बाद ट्राफी गंवानी पड़ी। बताया जा रहा है कि पाक क्रिकेटर हारिस को फाइनल में उनके खराब प्रदर्शन के परिणामों का सामना करना पड़ सकता है और उन्हें दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ आगामी सीरीज के लिए पाकिस्तान क्रिकेट टीम से बाहर किया जा सकता है।

सईद अजमल ने पाकिस्तानी PM द्वारा ठगे जाने की याद दिलाई

लेकिन यह पहली बार नहीं है जब पाकिस्तान की सियासत ने खिलाड़ियों को धोखा दिया है। भारत के खिलाफ फाइनल में पाकिस्तान की हार के तुरंत बाद पूर्व पाक गेंदबाज सईद अजमल का एक पुराना वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें उन्होंने दावा किया कि तत्कालीन पीएम यूसुफ रजा गिलानी ने 2009 में टी20 विश्व कप जीतने वाली टीम को 25 लाख रुपये देने का वादा किया था लेकिन पैसे कभी नहीं मिले यानी सरकार पैसा खा गई।

वायरल हो रहा वीडियो

सईद अजमल ने अपने बयान में कहा है कि मैं हैरान था कि यहां तक कि एक सरकारी चेक भी बाउंस हो सकता है। यह सरकार का वादा था। हमें कहा गया कि यह आपको पीसीबी अध्यक्ष से मिलेगा और वो भी नहीं हुआ। अंत में, हमें जो पैसा मिला, वह आईसीसी से था। पाकिस्तान के पूर्व गेंदबाज अजमल ने नादिर अली को दिए गए इंटरव्यू में ये बताया था।

इस समय पाकिस्तान क्रिकेट में जो हालात चल रहे है और राजनेताओं का क्रिकेट में सीधा दखल और भ्रष्टाचार ये साबित करता है कि पाकिस्तान क्रिकेट सही रास्ते पर नहीं है। टीम का भी इसपर असर पड़ता रहा है और जो इस समय अपने चरम पर है। उसका एक नमूना एशिया कप के मैचों में और फाइनल के बाद हूई ट्रॉफी चोरी कांड में साफ नजर आता है।

Sanjeev Dubey
संजीव कुमार दुबेauthor

पत्रकारिता में मेरे सफर की शुरुआत 20 साल पहले हुई। 2002 अक्टूबर में टीवी की रुपहले दुनिया में दाखिल हुआ। शुरुआत टीवी की दुनिया के उस पहलू से हुई जहां हर खबर को उसके मुताबिक आकार दिया जाता है यानी उसे कसा जाता है। सहारा टीवी में मेरे कामकाज की शुरुआत पैकेजिंग से हुई जहां खबरों को अलग-अलग प्रारूपों में गढ़ने का काम होता है। फिर पीसीआर में आउटपुट एडिटर की भूमिका निभाने का मौका मिला जहां तुरंत निर्णय कर खबरों को ब्रेक करने की चुनौती रहती है। न्यूजरूम की गहमागमी के बीच रनडाउन तैयार करने की जिम्मेदारी भी बखूबी निभाई। यहां ब्रेकिंग, हार्ड कोर की खबरों और फीचर्ड प्रोग्रामिंग ने मेरे अनुभव का दायरा तो बढ़ाया ही उसमें गहराई एवं पैनापन भी दिया। 2011 में टेलिविजन न्यूज की दुनिया को अलविदा कहना पड़ा। अक्टूबर 2011 में Zee News की हिंदी वेबसाइट को अपनी अगवुाई में लॉन्च करने का मौका मिला। डिजिटल की दुनिया और टीवी की दुनिया में खबरें परोसने और खबरों को दिखाने का अंदाज बिल्कुल अलग था। मैं उस दौर में दस्तक दे चुका था जब टीवी भी स्मार्टफोन पर देखा जाने लगा था। डिजिटल पर भी ब्रेकिंग थी। अगर टीवी में प्रोग्रामिंग थी तो यहां भी बतौर फीचर, सॉफ्ट स्टोरीज का विशाल संसार था। एक नया मीडियम जो स्मार्टफोन पर बखूबी देखा और समझा जा सकता था। डिजिटल की इस दुनिया में टीवी और अखबार दोनों समाहित थे। यहां काम करते हुए डिजिटल न्यूज मीडिया की बारीकियां तो सीखी हीं। साथ ही जब जी न्यूज से विदाई ली तो उस समय 33 मिलियन यूजर्स के बीच 84 मिलियन पीवीज देखने की अपार खुशियां हासिल हुईं। जी न्यूज में एक लंबी पारी खेलने के बाद जुलाई 2017 में टाइम्स नाउ नेटवर्क से जुड़ने का अवसर मिला। 2017 में ही टाइम्स नाउ की हिंदी वेबसाइट की शुरुआत हुई। यह पहला मौका था जब टाइम्स नाउ की अगुवाई में कोई हिंदी न्यूज वेबसाइट लॉन्च हुई। यहां एक नई और युवा टीम बनी। यह टीम आक्रामक अंदाज में काम करते हुए कम समय में अपनी पहचान बनाई। डिजिटल की दुनिया के बदलते संसार में अब चुनौती पीवीज की नहीं बल्कि यूजर्स की थी, जिन्हें लाना इतना आसान नहीं थी। लेकिन टीम के जज्बे, हौसले ने असाधारण चुनौतियों को भी अपनी मेहनत एवं लगन से उसे सामान्य बनाया। डिजिटल न्यूज की दुनिया में हर पल चुनौतियों के बीच नया कुछ सीखने-समझने और कुछ कर गुजरने की प्रेरणा मिलती है। यह सिलसिला आज भी अनवरत जारी है-

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