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Australian Open 2024: इतिहास की दहलीज पर खड़े हैं बोपप्ना,ऑस्ट्रेलियन ओपन के फाइनल में बनाई जगह

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  • Updated Jan 25, 2024, 12:31 PM IST

Australian Open 2024: भारत के रोहन बोपन्ना ने दिखा दिया कि स्पोपर्ट्स में उम्र कोई सीमा नहीं होती है। वह ऑस्ट्रेलियन ओपन के फाइनल में पहुंच गए हैं और इतिहास रचने से केवल एक कदम दूर हैं।

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रोहन बोपन्ना (साभार-X)

रोहन बोपन्ना पहला ग्रैंडस्लैम खिताब अपने नाम करने से अब बस एक जीत दूर है जिन्होंने आस्ट्रेलिया के मैथ्यू एबडेन के साथ यहां आस्ट्रेलियाई ओपन पुरूष युगल फाइनल में प्रवेश कर लिया। दूसरी वरीयता प्राप्त बोपन्ना और एबडेन की जोड़ी ने थॉमस माचाक और झांग झिंझेन की जोड़ी को बृहस्पतिवार को तनावपूर्ण सेमीफाइनल में 6 . 3, 3 . 6, 7 . 6 (10 . 7) से हराया । करीब दो घंटे तक चले मैच में सुपर टाइ ब्रेकर्स में उनका अनुभव काम आया। झांग विश्व रैंकिंग में 54वें और माचाक 75वें स्थान पर हैं । दोनों एकल रैंकिंग में शीर्ष 100 में होने के साथ बेहद शानदार खिलाड़ी है और उन्होंने बोपन्ना तथा एबडेन को कड़ी चुनौती दी।

एक दिन पहले ही बोपन्ना ने विश्व युगल रैंकिंग में शीर्ष स्थान सुनिश्चित किया था । उन्होंने मैच में दमदार सर्विस और स्ट्रोक्स का प्रदर्शन किया ।

वह 2013 और 2023 में अमेरिकी ओपन फाइनल में पहुंचे हैं लेकिन ग्रैंडस्लैम खिताब नहीं जीत सके । अब 43 वर्ष की उम्र में वह अपना यह सपना पूरा करने से एक जीत दूर हैं।

मैच के बाद बोपन्ना ने कहा ,‘‘ सर्किट पर हमने कई सुपर टाइब्रेकर खेले हें । हमारे प्रतिद्वंद्वियों का रिटर्न बेहतरीन था जिससे हमें सर्विस मजबूत रखनी थी । एबडेन के साथ मेरा तालमेल अच्छा रहा है।’’ इस उम्र में भी सफलता के बारे में पूछने पर उन्होंने कहा ,‘‘ पर्दे के पीछे काफी तैयारियां चलती रहती है । मेरे साथ एक बड़ी टीम है । मैने अपना फोकस बनाये रखा और फिटनेस पर पूरा ध्यान दिया । मैं सिर्फ योग करता हूं और मुझे लगता है कि मानसिक मजबूती से मदद मिली।’’

एबडेन ने कहा कि घरेलू दर्शकों के सामने जीतना खास है। उन्होंने कहा ,‘‘ मैं बहुत खुश हूं । घरेलू दर्शकों के सामने जीतना खास रहा । प्रतिद्वंद्वी काफी खतरनाक थे । युगल विशेषज्ञों का सामना एकल विशेषज्ञों से था और दर्शकों को मजा आया होगा । हम काफी मेहनत कर रहे हैं और अब एक मैच बाकी है ।’’

पहले दो सेट में बराबरी के बाद तीसरे सेट के पहले गेम में बोपन्ना और एबडेन 0 . 30 से पीछे थे लेकिन बोपन्ना ने अपनी दमदार सर्विस बरकरार रखी । झांग और माचाक के बीच से क्रॉसकोर्ट पर उनका शानदार विनर देखने लायक था । उन्होंने प्रतिद्वंद्वी की सर्विस तोड़कर बढत बना ली।

बोपन्ना की खेल भावना एक बार फिर देखने को मिली जब सातवें गेम में उन्होंने नेट छूने के बाद खुद बताया कि एक अंक गंवा दिया है। बोपन्ना का बैकहैंड शॉट लंगा जाने के बाद वे 15 . 30 से पीछे हो गए और झांग ने क्रॉसकोर्ट पर फोरहैंड विनर लगाया जिससे बोपन्ना को दो ब्रेक प्वाइंट का सामना करना पड़ा । उनका बैकहैंड शॉट बाहर चला गया जिससे विरोधी टीम ने वापसी की।

अगले गेम में बोपन्ना और एबडेन को तीन मैच प्वाइंट मिले जो उन्होंने बचाये । चीनी खिलाड़ियों ने हालांकि वापसी करते हुए एक समय स्कोर 5 . 5 कर लिया । 11वें गेम में करीबी मुकाबले के बाद एबडेन ने सर्विस बरकरार रखते हुए 6 . 5 की बढत दिलाई जिसके बाद एक और ब्रेक प्वाइंट से वे मैच जीत जाते लेकिन तीसरा सेट टाई रहने पर सुपर टाइब्रेकर हुआ। सुपर टाइब्रेकर में एबडेन ने रिटर्न विनर लगाकर बढत बनाई और बोपन्ना ने झांग के रिटर्न पर जबर्दस्त वॉली विनर लगाकर स्कोर 7 . 5 कर दिया । बोपन्ना ने ऐस के साथ मैच खत्म किया ।

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