पेरिस: भारतीय हॉकी टीम ने स्पेन को मात देकर पेरिस ओलंपिक में कांस्य पदक अपने नाम किया। कांस्य पदक मुकाबले में भारत ने स्पेन को 2-1 के अंतर से मात दी। भारतीय टीम 52 साल लंबे अंतराल के बाद हॉकी में लगातार दो पदक जीतने में सफल हुई। इस ऐतिहासिक जीत के बाद भारत के महान महान गोलकीपरों में शुमार पीआर श्रीजेश ने हॉकी को अलविदा कह दिया। ओलंपिक खेलों के आगाज से पहले ही उन्होंने ऐलान कर दिया था कि ये उनके करियर का आखिरी टूर्नामेंट होगा।
संन्यास लेने का है ये सही समय
लगातार दूसरा ओलंपिक कांस्य पदक जीतने के बाद अंतरराष्ट्रीय हॉकी से संन्यास के अपने फैसले को बदलने की संभावना से इनकार करते हुए श्रीजेश ने कहा, संन्यास लेने का यह सही समय है। मुझे लगता है कि ओलंपिक खेलों से विदा लेने का यह सही तरीका है,एक पदक के साथ। हम खाली हाथ घर नहीं जा रहे जो बड़ी बात है।'
नहीं बदले का फैसला
उन्होंने मैच के बाद संन्यास के फैसले पर पुनर्विचार के सवाल के जवाब में कहा ,'मैं लोगों की भावनाओं का सम्मान करता हूं लेकिन कुछ फैसले कठिन होते हैं। सही समय पर फैसला लेने से हालात खूबसूरत हो जाते हैं। इसलिये मेरा फैसला नहीं बदलेगा। टीम ने शानदार प्रदर्शन किया है और इस मैच को इतना यादगार बना दिया।'
टोक्यो का कांस्य पदक है मेरे लिए खास
टोक्यो में 41 साल बाद ओलंपिक पदक जीतने वाली टीम का हिस्सा रहे श्रीजेश ने कहा,'टोक्यो में मिले पदक की मेरे दिल में खास जगह है। उससे हमें आत्मविश्वास मिला कि हम ओलंपिक में पदक जीत सकते हैं।'
(भाषा इनपुट के साथ)
