स्पोर्ट्स

Paris Paralympics 2024: प्रवीण कुमार की रिकॉर्ड कूद से भारत का पैरालंपिक में छठवां गोल्ड, जानिए कैसा रहा भारत का प्रदर्शन

Paris Paralympics 2024: पेरिस ओलंपिक का रोमांच अब अंतिम मोड़ पर पहुंच चुका है। खेलों के महाकुंभ में शुक्रवार को भारत का प्रदर्शन शानदार रहा है। ऊंची कूद में प्रवीण ने गोल्ड मेडल पर कब्जा जमाया1 इस मेडल के साथ ही भारत मेडल टैली में भी ऊपर आ चुका है। सिमरन शर्मा ने एथलेटिक्स प्रतियोगिता में महिलाओं की 200 मीटर टी12 स्पर्धा में अपनी हीट में शीर्ष पर रहते हुए सेमीफाइनल में प्रवेश किया।

Image

प्रवीण कुमार। (फोटो- Narendra Modi X)

Photo : Twitter

Paris Paralympics 2024: ऊंची कूद के खिलाड़ी प्रवीण कुमार ने रिकॉर्ड प्रदर्शन की बदौलत टोक्यो के अपने रजत पदक को शुक्रवार को यहां स्वर्ण पदक में बदल दिया जिससे भारत को पैरालंपिक खेलों की तालिका में कनाडा और कोरिया जैसे देशों से आगे निकलने में मदद की। देश के पैरा खिलाड़ियों ने यहां अपने सर्वश्रेष्ठ पैरालंपिक प्रदर्शन के अनुमानों को धता बताते हुए आगे बढ़ना जारी रखा। प्रवीण कुमार ने में पुरुषों की ऊंची कूद टी64 स्पर्धा में एशियाई रिकॉर्ड तोड़कर स्वर्ण पदक जीत लिया। इस स्पर्धा में टी44 वर्ग के खिलाड़ी भी हिस्सा लेते हैं। छोटे पैर के साथ पैदा हुए नोएडा के प्रवीण (21 साल) ने छह खिलाड़ियों में 2.08 मीटर से सत्र की सर्वश्रेष्ठ कूद लगाई और शीर्ष स्थान हासिल किया।

अमेरिका के डेरेक लोकिडेंट ने 2.06 मीटर की सर्वश्रेष्ठ कूद के साथ रजत पदक जीता जबकि उज्बेकिस्तान के टेमुरबेक गियाजोव ने व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ 2.03 मीटर से तीसरा स्थान हासिल किया। टी64 में वो एथलीट हिस्सा लेते हैं जिनके एक पैर के निचले हिस्से में मामूली रूप से मूवमेंट कम होता है या घुटने के नीचे एक या दोनों पैर नहीं होते जबकि टी44 (जिसमें प्रवीण खेलते हैं) उन खिलाड़ियों के लिए होता है जिसमें एक पैर का मूवमेंट कम या मध्यम डिग्री तक प्रभावित होता है। प्रवीण के स्वर्ण पदक से भारत के कुल पदक 26 हो गये हैं जिसमें छह स्वर्ण, नौ रजत और 11 कांस्य पदक शामिल है। इससे भारत ने पैरालंपिक खेलों के एक चरण में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन भी दर्ज किया और इसके और बेहतर होने की उम्मीद है।

भारत ने प्रवीण के स्वर्ण से टोक्यो पैरालंपिक के स्वर्ण पदकों की तालिका को भी पीछे छोड़ दिया। टोक्यो पैरालंपिक में भारत ने पांच स्वर्ण, छह रजत और आठ कांस्य पदक जीते थे। उन्होंने 1.89 मीटर से शुरुआत करने का विकल्प चुना। अपने पहले प्रयास में उन्होंने सफलता हासिल की और स्वर्ण पदक जीतने के लिए खुद को शीर्ष स्थान पर बनाये रखा। इसके बाद प्रवीण और लोकिडेंट के बीच शीर्ष स्थान के लिए मुकाबला जारी रहा, लेकिन भारतीय एथलीट इसमें सफल रहा।

यह 2023 विश्व चैंपियनशिप के कांस्य पदक विजेता प्रवीण का व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन भी था।

प्रवीण का विकार जन्म से है जो उनके कूल्हे को बायें पैर से जोड़ने वाली हड्डियों को प्रभावित करता है। बचपन में वह अकसर अपने साथियों से तुलना के कारण हीन भावना से जूझते रहे। इस असुरक्षा की भावना से लड़ने के लिए उन्होंने खेल खेलना शुरू किया और वॉलीबॉल में हाथ आजमाया। पर एक पैरा एथलेटिक्स प्रतियोगिता में ऊंची कूद स्पर्धा में भाग लेने के बाद उनकी जिंदगी बदल गई। शरद कुमार और मरियप्पन थंगावेलु के बाद प्रवीण पेरिस में पदक जीतने वाले ऊंची कूद के तीसरे एथलीट हैं। शरद ने तीन सितंबर को पुरुषों की ऊंची कूद टी63 स्पर्धा में रजत और थंगावेलु ने कांस्य पदक जीता था।

सिमरन 200 मीटर टी12 स्पर्धा के सेमीफाइनल में

भारतीय ट्रैक एवं फील्ड एथलीट सिमरन शर्मा ने एथलेटिक्स प्रतियोगिता में महिलाओं की 200 मीटर टी12 स्पर्धा में अपनी हीट में शीर्ष पर रहते हुए सेमीफाइनल में प्रवेश किया। मौजूदा विश्व चैंपियन सिमरन ने 25.41 सेकेंड के समय के साथ अपनी हीट में शीर्ष स्थान हासिल करके सेमीफाइनल में जगह बनाई। पैरालंपिक खेलों में टी12 श्रेणी दृष्टिबाधित एथलीटों के लिए है। सिमरन का जन्म समय से पहले हुआ था और उन्होंने अगले 10 सप्ताह इनक्यूबेटर में बिताए जहां पता चला कि वह दृष्टिबाधित है। सिमरन के कोच उनके पति गजेंद्र सिंह हैं जो सेना सेवा कोर में कार्यरत हैं। वह नयी दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में प्रशिक्षण लेती हैं। गुरुवार को सिमरन महिला 100 मीटर टी12 फाइनल में चौथे स्थान पर रहकर पदक से चूक गईं थी। चार खिलाड़ियों के फाइनल में धीमी शुरुआत के कारण सिमरन ने 12.31 सेकेंड का समय निकाला था।

भारतीय कैनोइंग चालक सेमीफाइनल में

भारत की प्राची यादव और यश कुमार ने कैनोइंग (डोंगीचालन) प्रतियोगिता में क्रमशः महिलाओं की वीएल2 200 मीटर और पुरुषों की केएल1 200 मीटर में अपनी-अपनी हीट में चौथे और छठे स्थान पर रहकर सेमीफाइनल के लिए क्वालीफाई किया। प्राची और पूजा ओझा ने महिलाओं की एकल 200 मीटर वीएल2 हीट एक और केएल1 200 मीटर हीट दो में क्रमशः 1:06.83 और 1:16.09 का समय निकाला। यश ने पुरुषों की केएल 200 मीटर हीट में 1:03.27 का समय निकाला। सेमीफाइनल शनिवार को होंगे। प्रत्येक हीट का विजेता सीधे फाइनल में पहुंचता है, जबकि बाकी खिलाड़ी सेमीफाइनल में जगह बनाते हैंं। प्रत्येक सेमीफ़ाइनल के तीन सबसे तेज़ समय निकालने वाले खिलाड़ी फ़ाइनल में पहुंचते हैं। प्राची तोक्यो पैरालंपिक खेलों में महिलाओं की वीएल2 स्पर्धा के फाइनल में आठवें स्थान पर रही थीं।

भाला फेंक एथलीट दीपेश कुमार अंतिम स्थान पर रहे

भारत के दीपेश कुमार पुरुषों की भाला फेंक एफ54 स्पर्धा के फाइनल में अंतिम स्थान पर रहे। दीपेश (19 वर्ष) सात खिलाड़ियों के फाइनल में 26.11 मीटर के सर्वश्रेष्ठ थ्रो के साथ निचले स्थान पर रहे। दिसंबर 2023 में नयी दिल्ली में खेलो इंडिया पैरा खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाले दीपेश अपनी स्पर्धा में थ्रो करने वाले अंतिम एथलीट थे और पोडियम पर पहुंचने के लिए उन्हें 30 से अधिक अंक चाहिए थे। पर वह इससे काफी पीछे रह गए। एफ54 वर्ग में फील्ड स्पर्धा में एथलीट सीट पर बैठकर हिस्सा लेते हैं।

(भाषा)

Shekhar Jha
शेखर झाauthor

शेखर झा टाइम्स नाउ हिंदी (Timesnowhindi.com) की स्पोर्ट्स टीम के सदस्य हैं। वे मूल रूप से बिहार के मिथिलांचल से हैं। मूल रूप से बिहार के मधुबनी के रहने वाले शेखर ने शौकिया तौर पर साल 2011 में पत्रकारिता की दुनिया में कदम रखा। ये शौक वक्त के साथ जूनुन में बदल गया। उनके पास खेल पत्रकारिता का 12 साल का अनुभव है। क्रिकेट के अलावा टेनिस, कबड्डी और बैडमिंटन में खास रुचि है। खिलाड़ियों की बायोग्राफी पढ़ना उन्हें पसंद हैं। शेखर ने सुरेश रैना, संजय बांगड़, दीप्ति शर्मा, राधा यादव जैसे नामचीन भारतीय क्रिकेटरों सहित बैडमिंटन के स्टार भारतीय खिलाड़ियों लक्ष्य सेन, सात्विकसाईराज रैंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी के एक्सक्लूसिव इंटरव्यू किए हैं। शेखर की प्रारंभिक शिक्षा बिहार में हुई। बिहार बोर्ड से 12वीं की परीक्षा पास करने के बाद वो आगे की पढ़ाई के लिए छत्तीसगढ़ पहुंचे जहां उनका पत्रकारिता से पहला परिचय हुआ। रायपुर के अग्रसेन कॉलेज में ग्रेजुएशन करते हुए पत्रकारिता का काम शुरू किया और इसके बाद रायपुर स्थित कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्धालय से पत्राकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन किया और बतौर प्रोफेशनल अपने करियर की शुरुआत की। शेखर ने पत्रकारिता करियर की शुरुआत साल 2011 में ईटीवी छत्तीसगढ़/मध्यप्रदेश के साथ की। इस संस्थान में 6 महीने काम करने के बाद उन्होंने स्थानीय अखबार नेशनल लुक के साथ प्रिंट मीडिया में कदम रखा। इसके बाद राजस्थान पत्रिका समूह के छत्तीसगढ़ संस्करण से जुड़े और वहां तीन साल तक बतौर सब-एडिटर/रिपोर्टर सेवाएं दीं। इसके बाद भारत के सबसे बड़े प्रिंट मीडिया समूह दैनिक भास्कर के डीबी स्टार में रिपोर्टर की भूमिका अदा की और कई बड़े खुलासे स्थानीय स्तर पर किए। इसके बाद अपमे गृह राज्य बिहार की राजधानी पटना में दैनिक जागरण समूह के आईनेक्स्ट वेंचर से जुड़े। 8 महीने के छोटे कार्यकाल के बाद दैनिक भास्कर के रायपुर संस्करण में बतौर रिपोर्टर वापसी हुई। रायपुर में दूसरी पारी के तीन साल के कार्यकाल के सफल निर्वहन के बाद मैनेजमेंट ने भास्कर के भोपाल स्थित नेशनल न्यूजरूम में ट्रांसफर कर दिया। जहां 17 महीने स्पोर्ट्स डेस्क पर बड़े इवेंट्स पर काम किया। इस दौरान इंडियन प्रीमियर लीग, टोक्यो ओलंपिक जैसे बड़े खेल आयोजन का व्यापक कवरेज किया। भास्कर के नेशनल न्यूज रूम में डिजिटल जर्नलिज्म का ककहरा सीखने के बाद फरवरी,2023 में टाइम्स ग्रुप के साथ जुड़ने का मौका मिला। तब से वह टाइम्स नाउ नवभारत की हिंदी वेबसाइट की स्पोर्ट्स डेस्क पर बतौर प्रिंसिपल कॉरस्पान्डन्ट कार्यरत हैं। इस दौरान शेखर ने इंडियन प्रीमियर लीग, आईसीसी वर्ल्ड कप 2023 को कवर किया।

और पढ़ें
End of Article