बेंगलुरु: जेएसडब्ल्यू ‘इंस्पायर इंस्टीट्यूट ऑफ स्पोर्ट्स’ (आईआईएस) ने हाल में कर्नाटक के बेल्लारी स्थित अपने सेंटर के परिसर के अंदर सीरींज मिलने के बाद 23 खिलाड़ियों को निष्कासित कर दिया और अब उसकी निगाहें डोपिंग रोधी एजेंसी जैसे वाडा और नाडा के साथ सहयोग लेने पर लगी हैं। ये खिलाड़ी विभिन्न खेलों के थे और उन्हें पिछले साल अक्टूबर में परिसर से बाहर कर दिया गया।
परिसर के अंदर मिलीं सीरींज, नहीं हुआ आंतरिक नीतियों का पालन
आईआईएस के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रूशदी वार्ले ने पीटीआई को एक बयान में कहा,'हमें परिसर के अंदर कुछ सीरींज मिली थी और खिलाड़ियों को आईएसएस की कड़ी आंतरिक नीतियों का पालन नहीं करने के लिए अनुशासनात्मक आधार पर निष्कासित कर दिया गया।'
डोपिंग रोकने के लिए हैं प्रतिबद्ध
वार्ले ने कहा कि आईआईएस अपने सेंटर में डोपिंग रोकने के लिए प्रतिबद्ध है और खिलाड़ियों पर नजर रखने के लिए कड़े कदम उठाये गये हैं। उन्होंने कहा,'इस तरह की घटनायें खिलाड़ियों के सामने उदाहरण पेश करेंगी कि आईआईएस में किसी भी तरह की धोखाधड़ी की कोई जगह नहीं है।'
उन्होंने कहा कि आईआईएस राष्ट्रीय डोपिंग रोधी एजेंसी (नाडा) और विश्व डोपिंग रोधी एजेंसी (वाडा) से सहयोग मांगने की योजना बना रहा है कि वह डोप जांच कराकर अधिक प्रभावी ढंग से इस तरह की घटनाओं से बच सकें।
