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FIDE Women's World Rapid Champion 2024: कोनेरू हंपी ने लहराया तिरंगा, दूसरी बार बनीं रेपिड चेस वर्ल्ड चैंपियन

भारत की 37 वर्षीय महिला शतरंज खिलाड़ी कोनेरू हंपी ने इंडोनेशिया की इरीन सुकंदर को हराकर दूसरी बार महिलाओं का वर्ल्ड रैपिड चैंपियनशिप खिताब जीत लिया है। वो दो बार ये खिताब जीतने वाली दुनिया की दूसरी महिला खिलाड़ी बनी हैं।

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कोनेरू हंपी

न्यूयॉर्क: भारत की कोनेरू हंपी ने रविवार को इंडोनेशिया की इरीन सुकंदर को हराकर ऐतिहासिक दूसरी बार विश्व रेपिड शतरंज चैंपियनशिप खिताब जीता।

हंपी ने 2019 में जॉर्जिया में यह प्रतियोगिता जीती थी और भारत की नंबर एक महिला खिलाड़ी चीन की जू वेनजुन के बाद एक से अधिक बार यह खिताब जीतने वाली दूसरी खिलाड़ी हैं। सैंतीस वर्षीय हंपी ने संभावित 11 में से 8.5 अंक के साथ टूर्नामेंट का अंत किया।

हंपी ने जीत दर्ज करने के बाद कहा,'मैं बहुत उत्साहित हूं और मुझे बहुत खुशी है। मुझे उम्मीद थी कि यह बहुत कठिन दिन होगा,किसी तरह के टाई-ब्रेक की तरह। लेकिन जब मैंने बाजी खत्म की, मुझे तब पता चला जब मध्यस्थ ने मुझे बताया और यह मेरे लिए एक तनावपूर्ण क्षण था।' काले मोहरों के साथ खेलने वाली इस भारतीय खिलाड़ी ने कहा,'यह काफी अप्रत्याशित है क्योंकि पूरे साल मैं संघर्ष करती रही हूं और कई टूर्नामेंट में प्रदर्शन काफी खराब था जहां मैं अंतिम स्थान पर रही। इसलिए यह मेरे लिए आश्चर्य की तरह है।'

भारतीय शतरंज के लिए शानदार रहा साल 2024

हंपी की उपलब्धि के साथ भारतीय शतरंज के लिए एक शानदार वर्ष का अंत हुआ। इससे पहले डी गुकेश हाल ही में सिंगापुर में क्लासिकल प्रारूप विश्व चैंपियनशिप में चीन के डिंग लिरेन को हराकर चैंपियन बने थे। सितंबर में भारत ने बुडापेस्ट में शतरंज ओलंपियाड में पहली बार ओपन और महिला वर्ग में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रचा था।

परिवार को दिया सफलता का श्रेय

हंपी ने इस सफलता का श्रेय अपने परिवार को दिया। उन्होंने कहा,'मुझे लगता है कि यह मेरे परिवार के समर्थन की वजह से संभव हुआ। मेरे पति और मेरे माता-पिता...वे मेरा बहुत समर्थन करते हैं। जब मैं यात्रा करती हूं तो मेरे माता-पिता मेरी बेटी की देखभाल करते हैं। 37 साल की उम्र में विश्व चैंपियन बनना आसान नहीं है। जब आपकी उम्र बढ़ती है तो उस प्रेरणा को बनाए रखना और जरूरत पड़ने पर चुस्त बने रहना काफी मुश्किल होता है। मुझे खुशी है कि मैं यह कर पाई।'

पहले दौर की हार के बाद जेहन में नहीं था खिताब

अनुभवी हंपी ने स्वीकार किया कि पहले दौर की हार के बाद वह खिताब के बारे में नहीं सोच रही थीं। उन्होंने कहा,'मुझे लगता है कि पहले दौर की हार के बाद मैं खिताब के बारे में नहीं सोच रही थी लेकिन चीजें अच्छी हो गईं, खासकर कल लगातार चार बाजी जीतने से मुझे मदद मिली।' हालांकि हंपी को भारत और अमेरिका के बीच समय के बड़े अंतर के कारण खेल के बाहर भी कुछ चुनौतियों का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा,'हां, बोर्ड के बाहर, समय के अंतर के कारण यह मेरे लिए बहुत मुश्किल था। नींद की कमी थी। मैं यहां आने के बाद से ठीक से सो नहीं पाई हूं। इसलिए खेलना आसान नहीं था लेकिन मुझे खुशी है कि मैं ऐसा करने में सफल रही।'

विश्व रेपिड चैंपियनशिप में शानदार रहा है हंपी का प्रदर्शन

हंपी ने विश्व रेपिड चैंपियनशिप में हमेशा उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। उन्होंने इस प्रतियोगिता में मॉस्को में 2012 में कांस्य जबकि पिछले साल उज्बेकिस्तान के समरकंद में रजत पदक जीता था। हंपी ने कहा कि उनकी जीत अब अन्य भारतीयों को शतरंज खेलने के लिए प्रेरित करेगी। उन्होंने कहा,'मुझे लगता है कि भारत के लिए यह सही समय है। हमारे पास विश्व चैंपियन के रूप में गुकेश है और अब मुझे रेपिड प्रतियोगिता में दूसरा विश्व खिताब मिला है। इसलिए मुझे लगता है कि यह बहुत से युवाओं को पेशेवर रूप से शतरंज खेलने के लिए प्रेरित करेगा।

रूस के 18 वर्षीय वोलोडर मुर्जिन ने पुरुष वर्ग का खिताब जीता। नोदिरबेक अब्दुसत्तोरोव के बाद मुर्जिन दूसरे सबसे युवा फिडे विश्व रेपिड चैंपियन हैं। नोदिरबेक ने 17 वर्ष की उम्र में खिताब जीता था।

Navin Chauhan
नवीन चौहानauthor

नवीन चौहान टाइम्स नाउ नवभारत की स्पोर्ट्स टीम में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं। जर्नलिज़्म में पीजी डिप्लोमा प्राप्त करने के बाद वे पिछले 15 वर्षों से सक्रिय रूप से मीडिया जगत में जुड़े हैं। प्रिंट मीडिया और डिजिटल—दोनों माध्यमों में काम करने के अनुभव ने उन्हें खेल पत्रकारिता में व्यापक दृष्टिकोण और गहरी समझ प्रदान की है। अपने लंबे करियर में नवीन ने कई बड़े राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों को कवर किया है। इनमें आईपीएल, बैडमिंटन प्रीमियर लीग, इंडियन सुपर लीग, टी20 विश्व कप, आईसीसी विश्व कप, और तीन ओलंपिक—लंदन, रियो और टोक्यो—जैसे प्रतिष्ठित टूर्नामेंट शामिल हैं। नवीन चौहान ने अपने करियर में कई प्रसिद्ध भारतीय खिलाड़ियों और कोचों के इंटरव्यू भी किए हैं, जिनमें पीवी सिंधू, विजेंदर सिंह और पुलेला गोपीचंद जैसे नाम शामिल हैं। अब तक नवीन 15,000 से अधिक आर्टिकल्स लिख चुके हैं, जिनमें ग्राउंड रिपोर्टिंग, विश्लेषणात्मक लेख, स्पेशल स्टोरीज़, प्लेयर प्रोफाइल और टूर्नामेंट-आधारित एक्सप्लेनर शामिल हैं।

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