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Women's World cup 2025: धोनी को अपना आईडल मानती हैं पाकिस्तानी कप्तान, कैप्टन कूल को लेकर कही बड़ी बात

Fatima Sana on MS Dhoni: महिला विश्व कप 2025 का आयोजन 30 सितंबर से किया जाने वाला है। इस टूर्नामेंट से पहले पाकिस्तान की कप्तान फातिमा सना ने महेंद्र सिंह धोनी की जमकर तारीफ की हैं। फातिमा उनकी ही तरह कैप्टन कूल बनना चाहती है।

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फातिमा सना (फोटो- PCB)

Fatima Sana on MS Dhoni: आगामी आईसीसी वनडे विश्व कप में पाकिस्तान की कप्तानी करने जा रही फातिमा सना भारत के विश्व कप विजेता कप्तान महेंद्र सिंह धोनी से प्रेरणा लेती हैं और उन्हीं की तरह ‘कैप्टन कूल’ बनने की ख्वाहिश रखती हैं।

दो अक्टूबर को बांग्लादेश के खिलाफ शुरू करेगी अभियान

अप्रैल में हुए क्वालीफायर्स में अपराजेय रहने वाली पाकिस्तानी टीम भारत और श्रीलंका में 30 सितंबर से दो नवंबर तक होने वाले वनडे विश्व कप में अपने अभियान का आगाज दो अक्टूबर को कोलंबो में बांग्लादेश के खिलाफ करेगी।

"धोनी की शांत रहने की कला सीखती हूं"

तेईस वर्ष की फातिमा ने लाहौर से दिए इंटरव्यू में कहा, ‘‘विश्व कप जैसे बड़े टूर्नामेंट में कप्तानी करने पर शुरू में थोड़ा नर्वस होना लाजमी है लेकिन मैं बतौर कप्तान महेंद्र सिंह धोनी से प्रेरणा लेती हूं। मैंने उनके भारत के कप्तान के तौर पर और आईपीएल मैच देखे हैं। वह जिस तरह मैदान पर फैसले लेते हैं, शांत रहते हैं और अपने खिलाड़ियों का समर्थन करते हैं, उससे काफी कुछ सीखने को मिलता है। जब मुझे कप्तानी मिली थी तभी मैंने सोचा था कि धोनी की तरह बनना है। उनके इंटरव्यू भी देखे तो काफी कुछ सीखने को मिला।’’

अतीत के रिकॉर्ड को तोड़ने का दिखा रही हैं विश्वास

महिला वनडे विश्व कप में पाकिस्तान पांच बार (1997, 2009, 2013, 2017 और 2022 में) खेला है लेकिन 1997, 2013 और 2017 में एक भी मैच नहीं जीत सकी। पिछली बार 2022 में एकमात्र जीत हैमिल्टन में वेस्टइंडीज के खिलाफ मिली लेकिन बाकी सारे मैच हारकर टीम आखिरी स्थान पर रही थी। पाकिस्तान के लिए 34 वनडे में 397 रन बनाने और 45 विकेट लेने वाली हरफनमौला फातिमा को यकीन है कि इस बार यह मिथक टूटेगा।

सेमीफाइनल तक पहुंचना है लक्ष्य

फातिमा ने कहा, ‘‘इस बार यकीनन यह मिथक टूटेगा क्योंकि युवा खिलाड़ियों को पता है कि पाकिस्तान महिला क्रिकेट के लिए यह टूर्नामेंट कितना अहम है। हम अतीत के बारे में नहीं सोचेंगे। मेरा लक्ष्य टीम को सेमीफाइनल तक ले जाना है। पाकिस्तान में महिला क्रिकेट को उस तरह कैरियर विकल्प के रूप में नहीं देखा जाता और उतना समर्थन नहीं है लेकिन अगर हम अच्छा खेलते हैं तो काफी फर्क पड़ेगा।’’

स्पिनर हैं टीम का ट्रम्पकार्ड

गेंदबाजों खासकर स्पिनरों को वह टीम की कामयाबी की कुंजी मानती हैं लेकिन उन्होंने कहा कि बल्लेबाजी पर भी पिछले एक साल में काफी काम किया गया है। ‘‘हमारे पास आला दर्जे के गेंदबाज हैं और स्पिनर हमारे ट्रंपकार्ड होंगे। हम बल्लेबाजी से ज्यादा गेंदबाजी पर निर्भर करेंगे लेकिन पिछले एक साल में बल्लेबाजी पर काफी काम किया है जिसका नतीजा मिलेगा।’’

पिता की इच्छा पूरी करने विश्व कप में खेलीं

कराची में 11 वर्ष की उम्र में अपने भाइयों के साथ स्ट्रीट क्रिकेट खेलकर शुरूआत करने वाली फातिमा ने कभी सोचा भी नहीं था कि वह एक दिन विश्व कप में कप्तानी करेंगी। उनके पिता उनके आदर्श रहे जिनका पिछले साल टी20 विश्व कप के दौरान निधन हो गया लेकिन इस दुख को भुलाकर फातिमा ने टीम के लिए खेला। इसके बारे में उन्होंने कहा, ‘‘पापा सारे मैच देख रहे थे और अचानक ही यह सब हो गया। पूरा परिवार चाहता था कि मैं पापा की इच्छा पूरी करूं और खेलूं और मैंने वही किया।’’ उन्होंने बताया कि उन्हें विराट कोहली के ऐसे ही अनुभव के बारे में पता था।

SIddharth Sharma
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सिद्धार्थ शर्मा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के स्पोर्ट्स डेस्क से जुड़े हैं। सिद्धार्थ को बचपन से ही खेलों, खासकर क्रिकेट में गहरी रुचि रही है और इसी जुनून ने उन्हें स्पोर्ट्स जर्नलिज्म की ओर खींचा। वह खिलाड़ियों के रिकॉर्ड्स और स्पोर्ट्स एनालिसिस पर मजबूत पकड़ रखते हैं। अबतक 4,000 से अधिक आर्टिकल लिख चुके सिद्धार्थ अपनी स्टोरीज को सरल, सटीक और रोचक अंदाज में प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। उनकी प्राथमिकता हमेशा यही रहती है कि पाठकों तक तेजी से, सही समय पर और विश्वसनीय स्पोर्ट्स अपडेट्स पहुंचें।

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