ब्रिजटाउन: एडेन मार्करम की कप्तानी में दक्षिण अफ्रीकी क्रिकेट टीम पहली बार टी20 विश्व कप के फाइनल में पहुंचने में सफल हुई लेकिन खिताबी जीत हासिल करने से 7 रन के मामूली अंतर से चूक गई। टीम इंडिया के खिलाफ जीत के लिए 177 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी दक्षिण अफ्रीकी टीम ने 16 ओवर में 4 विकेट पर 151 रन बना लिए थे। हेनरिक क्लासेन 26 गेंद में 52 रन की आतिशी पारी खेलकर नाबाद थे और दूसरे छोर पर अनुभवी डेविड मिलर 9 गेंद में 15 रन बनाकर उनका साथ दे रहे थे। ऐसे में हार्दिक पांड्या, जसप्रीत बुमराह और अर्शदीप सिंह ने पूरी बाजी पलट दी। अगले चार ओवर में केवल 18 रन पर 4 विकेट गंवाने की वजह से दक्षिण अफ्रीका के हाथ से जीती बाजी निकल गई और टीम इंडिया 17 साल बाद टी20 में वर्ल्ड चैंपियन बन गई।
हासिल करने लायक था लक्ष्य
खिताबी मुकाबले में करीबी हार का सामना करने के बाद कप्तान एडेन मार्करम ने कहा, 'फिलहाल तो मैं निराश हूं। इससे उबरने में वक्त लगेगा। हमने अच्छी गेंदबाजी की और बल्लेबाजी भी अच्छी रही लेकिन जीत तक नहीं पहुंच सके। हार के बावजूद हमें अपने प्रदर्शन पर गर्व है। लक्ष्य हासिल करने लायक था हमने अच्छी बल्लेबाजी भी की लेकिन जीत की रेखा पार करने से चूक गए।
गर्व के साथ लौटेंगे घर, अचानक बदल गई स्थिति
उन्होंने कहा ,आखिरी गेंद तक कुछ नहीं कह सकते। चेज करते हुए हम कभी भी ढीले नहीं पड़े। अंतिम ओवरों में स्थिति अचानक से बदल गई। स्कोरबोर्ड का दबाव हमेशा था। यह अच्छा मैच था और इसने साबित किया कि हम फाइनल खेलने के हकदार थे। दक्षिण अफ्रीकी प्रतिस्पर्धी और सम्मानीय हैं और हम आखिर तक लड़कर घर लौट रहे हैं। ये अभी भी हमारे लिए एक गर्व का पल है।
