बिनोनी: ऑस्ट्रेलिया ने एक साल के अंतराल में तीसरी बार टीम इंडिया का वर्ल्ड चैंपियन बनने का सपना तोड़ दिया। रविवार को बिनोनी में खेले गए अंडर-19 वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले टीम इंडिया को 79 रन के अंतर से हार का सामना करना पड़ा। जीत के लिए मिले 254 रन के लक्ष्य को को उदय सहारण की कप्तानी वाली भारतीय टीम हासिल नहीं कर सकी। भारतीय टीम 43.5 ओवर में 174 रन पर ढेर हो गई। इसी के साथ ही ह्यू वेबजेन की कप्तानी वाली ऑस्ट्रेलिया ने चौथी बार अंडर-19 विश्व कप का खिताब अपने नाम कर लिया। ऑस्ट्रेलिया ने भारत को पिछले साल वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप और वनडे विश्व कप के फाइनल में मात दी थी। ऐसे में भारतीय टीम के विश्व चैंपियन बनने की राह में ऑस्ट्रेलियाई टीम फिर राह का रोड़ा बन गई।
14 साल बाद अंडर-19 चैंपियन बना ऑस्ट्रेलिया
ऑस्ट्रेलिया ने 14 साल लंबे अंतराल के बाद अंडर-19 विश्व कप का खिताब जीता है। साल 2010 में ऑस्ट्रेलिया ने पाकिस्तान को पटखनी देकर खिताब जीता था। अब 14 साल बाद भारत को मात देकर चैंपियन बना है। इसके अलावा ऑस्ट्रेलियाई टीम 1988 और 2002 में अंडर-19 वर्ल्ड चैंपियन बनी थी।
खराब शुरुआत के बाद मुशीर-आर्दश ने संभाली भारतीय पारी
जीत के लिए 254 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम का शुरुआत अच्छी नहीं रही। भारत के सलामी बल्लेबाज अर्शिन कुलकर्णी 3 रन बनाकर तीसरे ओवर में विड्लर का शिकार बने। पहला विकेट गंवाने के बाद मुशीर खान और आदर्श सिंह ने ऑस्ट्रेलिया की कहर बरपाती गेंदबाजी के सामने पारी को संभालने की कोशिश की। दोनों ने स्कोर को 40 रन तक पहुंचाया लेकिन मुशीर खान पिच पर पैर जमाने के बाद बियर्डमैन की गेंद पर बोल्ड हो गए। मुशीर ने 22(33) रन बनाए।
91 रन पर टीम इंडिया ने गंवा दिए थे 6 विकेट
मुशीर के आउट होने के बाद भारतीय टीम को जल्दी जल्दी दो झटके कप्तान उदय सहारण(8) और सचिन धस(9) के रूप में लगा। 19.1 ओवर में भारतीय टीम का स्कोर 68 रन पर 4 विकेट हो गया। ऐसे में आदर्श को प्रियांशु मोलिया का साथ कुछ देर के लिए मिला। मोलिया और अरावेल्ली अश्विन 4 गेंद के अंतराल में आउट हो गए। भारतीय टीम का स्कोर 91 रन पर 6 विकेट हो गया।
आदर्श सिंह और मुरुगन अभिषेक ने शर्मनाक हार से बचाया
दबाव के बीच आदर्श सिंह टीम को 100 रन के पार पहुंचाने के बाद 115 के स्कोर पर बियर्डमैन की गेंद पर विकेट के पीछे लपके गए। अंत में मुरुगन अभिषेक ने 46 गेंद में 42 रन की पारी खेलकर टीम को शर्मनाक हार से बचाया। उनका साथ नाबाद 14 रन बनाकर नमन तिवारी ने दिया। भारतीय टीम 43.5 ओवर में 174 रन बना सकी। ऑस्ट्रेलिया के लिए 3-3 विकेट मेहली बियर्डमैन और रॉफ मैकमिलन ने लिए। 2 विकेट कैलम विडलर के खाते में गए। एक-एक सफलता चार्ली एंडरसन और टॉम स्टार्कर के खाते में गया।
लिंबानी ने दिलाई भारत को अच्छी शुरुआत
बारिश की संभावना के बीच टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी ऑस्ट्रेलियाई टीम ने 50 ओवर में 7 विकेट पर 253 रन का स्कोर खड़ा किया था। ऑस्ट्रेलिया की शुरुआत खराब रही थी।राज लिंबानी ने सैम कोन्टास का विकेट तीसरे ही ओवर में झटक लिया। कोन्टास अपना खाता नहीं खोल पाए। 16 रन पर ऑस्ट्रेलिया ने पहला विकेट गंवाया।
ह्यू ने खेली कप्तानी पारी, मिला डिक्सन का साथ
पहला विकेट जल्दी गंवाने के बाद ऑस्ट्रेलियाई पारी को गैरी डिक्सन और कप्तान ह्यू वेबजेन ने संभाला। दोनों ने संभलकर बल्लेबाजी करते हुए दूसरे विकेट के लिए 109 गेंद में 78 रन की साझेदारी करके मैच में वापसी की। दोनों की साझेदारी को नमन तिवारी ने 21वें ओवर की चौथी गेंद पर कप्तान ह्यू को प्वाइंट पर कैच कराकर तोड़ा। ह्यू अपना अर्धशतक पूरा नहीं कर सके। उन्होंने 66 गेंद में 48 रन की कप्तानी पारी खेली। थोड़ी देर बाद तिवारी ने हैरी डिक्सन को भी कैच कराकर पवेलियन वापस भेज दिया। डिक्सन 42 रन बना सके। जल्दी-जल्दी दो विकेट झटककर भारतीय टीम मैच में वापसी करती दिखी।
हरजस ने मुश्किल से उबारा
99 रन पर 3 विकेट गंवाने के बाद ऑस्ट्रेलियाई पारी को हरजस सिंह और रेयान हिक्स की जोड़ी ने संभाला। दोनों ने चौथे विकेट के लिए 68 गेंद में 66 रन की साझेदारी करके ऑस्ट्रेलिया को फिर मैच में वापस ला दिया। इस साझेदारी को राज लिंबानी ने 35वें ओवर में हिक्स को बोल्ड करके तोड़ा। हिक्स 20 रन बना सके। हिक्स के आउट होने के बाद हरजस सिंह को सौमी पांडे ने 181 के स्कोर पर आउट करके भारत को पांचवीं सफलता दिलाई।
ओलिवर पीक ने पहुंचाया 250 के पार
इसके बाद ओलीवर पीक ने एक छोर संभाला और पुछल्ले बल्लेबाजों के साथ अंतिम 12 ओवरों में 72 रन बनाकर टीम को 50 ओवर में 7 विकेट पर 253 रन तक पहुंचा दिया। पीक 42 रन बनाकर नाबाद रहे। राज लिंबानी भारत के सबसे सफल गेंदबाज रहे उन्होंने 38 रन देकर 3 विकेट झटके। वहीं 2 विकेट नमन तिवारी के हाथ लगी। एक-एक विकेट मुशीर खान और सौमी पांडे के खाते में गया।
