नई दिल्ली: एमएस धोनी की कप्तानी में टीम इंडिया के वर्ल्ड चैंपियन बनने की 13वीं सालगिरह 2 अप्रैल को थी। क्रिकेट प्रेमियों से लेकर विश्व कप विजय का हिस्सा रहे खिलाड़ी अपने-अपने तरीके से इस मौके को अपने-अपने तरीके से याद कर रहे थे। ऐसे में श्रीलंका के खिलाफ फाइनल मुकाबले में भारत के लिए 97 रन की मैच जिताऊ पारी खेलने वाले गौतम गंभीर को लेकर तत्कालीन कप्तान एमएस धोनी द्वारा दिया गया बयान तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
गौतम गंभीर ने खेली थी 97 रन की अहम पारी
साल 2011 विश्व कप के खिताबी मुकाबले में पहले बल्लेबाजी करते हुए श्रीलंका ने 6 विकेट पर 274 रन का स्कोर महेला जयवर्धने की 103 रन की शतकीय पारी की बदौलत खड़ा किया था। ऐसे में जीत के लिए 275 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए भारतीय पारी 6.1 ओवर में 31 रन पर वीरेंद्र सहवाग और सचिन तेंदुलकर के आउट होने के बाद लड़खड़ा गई थी। ऐसे में तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करते हुए गौतम गंभीर ने विराट कोहली के साथ मिलकर जीत की नींव तैयार की थी। लेकिन दुर्भाग्यवश एमएस धोनी के साथ मिलकर टीम की जीत दिलाने से पहले गंभीर 97 रन बनाकर थिसारा परेरा की गेंद पर बोल्ड हो गए थे।
धोनी चुने गए थे प्लेयर ऑफ द मैच
मैच में 79 गेंद पर 91 रन की नाबाद पारी खेलने वाले एमएस धोनी को प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया था। एक धड़े का मानना था कि ये अवार्ड गंभीर को मिलना चाहिए था। इसको लेकर आज तक बहस चल रही है। लेकिन गंभीर की उस पारी को लेकर एमएस धोनी द्वार दिया बयान एक बार फिर वायरल हो रहा है।
धोनी ने गंभीर को शतक जड़ने के लिए किया था प्रोत्साहित
एमएस धोनी ने गंभीर के साथ साझेदारी के दौरान कहा था कि जरूरत पड़ेगी तो मैं रिस्क लूंगा आप जल्दबाजी मत करना और अपना शतक पूरा करना। यह कहकर धोनी ने गंभीर को फाइनल में शतक जड़ने के लिए प्रोत्साहित किया था। एमएस ने गंभीर से कहा, अपना शतक पूरा करो, इसके लिए पूरा वक्त लो और कोई जल्दबाजी मत करना। जरूरत पड़ी तो मैं तेजी से रन बना लूंगा। तुम्हें जोखिम उठाने की जरूरत नहीं है।
