Smriti Mandhana Sad: भारत की महिला क्रिकेट टीम इंग्लैंड के खिलाफ मिली चौंकाने वाली हार के बाद बुरी तरह निराश है। कप्तान हरमनप्रीत कौर खुद यह विश्वास नहीं कर पा रहीं कि टीम ऐसे मजबूत स्थिति से मैच हार गई। भारत ने 289 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए 31वें ओवर तक 167/2 बना लिए थे और उस वक्त क्रीज पर कप्तान हरमनप्रीत और स्मृति मंधाना जैसी भरोसेमंद बल्लेबाज मौजूद थीं। लेकिन जैसे-जैसे ओवर घटे, भारत ने बढ़त गंवा दी और इंग्लैंड ने मुकाबला अपने नाम कर लिया।
जीत के करीब पहुंचकर हार गई टीम इंडिया
मैच के एक समय भारत को 55 रन 53 गेंदों में चाहिए थे और 7 विकेट हाथ में थे। लेकिन इसी स्थिति से मैच पलट गया। स्मृति मंधाना, जो शानदार लय में थीं, ने 88 रन बनाकर टीम को जीत की ओर बढ़ाया था, लेकिन एक ग्लोरी शॉट खेलने के चक्कर में अपना विकेट गंवा बैठीं। वहीं, दीप्ति शर्मा ने भी अर्धशतक जमाया था और मैच को संभालने की स्थिति में थीं, लेकिन उन्होंने भी एक स्लॉग स्वीप खेलते हुए विकेट दे दिया।
इसके बाद स्नेह राणा और अमनजोत कौर जैसी सक्षम बल्लेबाजों पर उम्मीदें टिकी थीं, लेकिन लगातार विकेट गिरते गए। इंग्लैंड के गेंदबाजों ने अंतिम ओवरों में दबाव बनाया और कुछ सस्ते ओवर फेंककर मैच का रुख पलट दिया। जब आवश्यक रन रेट 9-10 रन प्रति ओवर तक पहुंच गया, तो भारत के लिए वापसी करना लगभग नामुमकिन हो गया।
टीम के डगआउट में छाई मायूसी
हार के बाद भारतीय खेमे का माहौल बेहद मायूस था। खिलाड़ियों के गमगीन चेहरे डगआउट में साफ नजर आ रहे थे। यह हार सिर्फ अंक तालिका पर नहीं, बल्कि टीम के मनोबल पर गहरी चोट छोड़ गई है। कप्तान हरमनप्रीत और कोचिंग स्टाफ भी यह समझने में असमर्थ दिखे कि जीत की स्थिति से हार कैसे हुई।
स्मृति मंधाना ने मानी गलती, लिया जिम्मा
मैच के बाद स्मृति मंधाना ने खुलकर कहा कि यह हार उनकी गलती से हुई। उन्होंने माना कि जब वह सेट थीं और टीम को जीत तक ले जा सकती थीं, तो उन्हें जोखिम नहीं लेना चाहिए था। मंधाना ने कहा कि “मैंने टीम को निराश किया। जब मैच हमारे नियंत्रण में था, तब मुझे अंत तक टिके रहना चाहिए था।”
सेमीफाइनल की राह अब मुश्किल
अगर भारत यह मैच जीत जाता, तो वह सेमीफाइनल में अपनी जगह पक्की कर लेता। लेकिन अब टीम को अपनी उम्मीदें जिंदा रखने के लिए न्यूज़ीलैंड को हराना होगा।यदि भारत वाइट फर्न्स (न्यूज़ीलैंड) को हराने में सफल रहता है, तो उसके 6 अंक हो जाएंगे। इसके बाद बांग्लादेश के खिलाफ जीत टीम को सेमीफाइनल में पहुंचा सकती है।लेकिन अगर भारत न्यूज़ीलैंड से हार गया, तो उसके सेमीफाइनल से बाहर होने का खतरा बहुत बढ़ जाएगा और यह टीम के लिए बड़ी शर्मनाक स्थिति होगी, क्योंकि टूर्नामेंट की शुरुआत में भारत को फेवरिट टीमों में से एक माना जा रहा था।
