Mohammed Siraj Workload Management: इंग्लैंड में हाल ही में समाप्त हुई पांच टेस्ट मैचों की श्रृंखला में शानदार प्रदर्शन करने वाले तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज की प्रशंसा करते हुए भारत के पूर्व तेज गेंदबाज आरपी सिंह ने उनके वर्कलोड मैनेजमेंट पर ज़ोर दिया है। उन्होंने कहा कि सिराज अगर लगातार क्रिकेट खेलते रहेंगे तो उनके चोटिल होने का खतरा बढ़ जाएगा और ऐसे में उनकी फिटनेस और करियर को सुरक्षित रखने के लिए योजनाबद्ध विश्राम बेहद आवश्यक है।
श्रृंखला के सबसे सफल गेंदबाज रहे सिराज
मोहम्मद सिराज ने इंग्लैंड श्रृंखला में 185.3 ओवर की गेंदबाजी करते हुए 23 विकेट चटकाए। वह इस श्रृंखला में न केवल सबसे अधिक ओवर फेंकने वाले गेंदबाज रहे, बल्कि सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज भी बने। उनकी मेहनत और प्रतिबद्धता की जमकर सराहना हो रही है।
"बुमराह जैसा प्रबंधन सिराज के लिए भी जरूरी"
आरपी सिंह ने कहा, “जिस तरह बुमराह के कार्यभार को संतुलित कर उन्हें लंबे समय तक फिट और प्रभावी रखा गया, उसी तरह सिराज के लिए भी रणनीतिक वर्कलोड मैनेजमेंट जरूरी है। तेज गेंदबाज अगर कम समय में अधिक मैच खेलते हैं तो शरीर पर ज़्यादा दबाव पड़ता है, जिससे चोट की संभावना बढ़ जाती है।”उन्होंने यह भी जोड़ा कि वर्कलोड मैनेजमेंट के कारण ही बुमराह वनडे और टी20 वर्ल्ड कप में शानदार गेंदबाजी कर पाए थे और सिराज भी उस स्तर के गेंदबाज हैं, जिनके लिए यह पहल बेहद अहम है।
पांचों टेस्ट खेलने वाले एकमात्र तेज गेंदबाज
आरपी सिंह ने सिराज के जज़्बे और जुझारूपन की तारीफ करते हुए कहा, “सिराज एकमात्र गेंदबाज थे जिन्होंने श्रृंखला के पांचों टेस्ट मैच खेले और हर मैच में दमदार प्रदर्शन किया। उन्होंने श्रृंखला की आखिरी गेंद पर गस एटकिंसन को 143 किमी/घंटा की रफ्तार से यॉर्कर पर बोल्ड कर भारत को जीत दिलाई।” यह गेंद श्रृंखला की उनकी पांचवीं सबसे तेज गेंद थी।
सिराज अब अपनी पहचान बना चुके हैं
अब तक जसप्रीत बुमराह की छाया में गेंदबाजी करने वाले सिराज ने इस श्रृंखला के बाद अपनी अलग पहचान बना ली है। आरपी सिंह ने कहा, “सिराज अब किसी के सहारे नहीं, खुद एक लीड गेंदबाज बन चुके हैं। उन्होंने जिस तरह से हर मैच में लाइन-लेंथ बनाए रखी, वह उनकी फिटनेस और कौशल का प्रमाण है।”
"बुमराह की सफलता में भी सिराज की भूमिका"
आरपी सिंह ने यह भी कहा कि बुमराह की सफलता में सिराज का अहम योगदान रहा है। “गेंदबाजी भी साझेदारी का खेल है। सिराज ने अपने छोर से दबाव बनाए रखा, जिससे बुमराह को आक्रमण करने में मदद मिली। यह जोड़ी टीम इंडिया के लिए बेहद उपयोगी रही है।”
“बुमराह को पहले से तीन मैच खेलने थे तय”
बुमराह के सिर्फ तीन टेस्ट खेलने पर आरपी सिंह ने कहा कि यह पहले से तय था। “बुमराह जब टीम में होते हैं, तो कप्तान उनसे हमेशा विकेट की उम्मीद करता है। इसलिए वह कम मैच खेलते हैं, लेकिन जब भी खेलते हैं, सबसे ज़्यादा गेंदबाजी भी करते हैं।”
कुलदीप को मौका न मिलने पर बोले आरपी सिंह
कुलदीप यादव और अर्शदीप सिंह को श्रृंखला में कोई मैच नहीं मिला, जिस पर प्रतिक्रिया देते हुए आरपी सिंह ने कहा, “कम
से कम दो या तीन टेस्ट ऐसे थे जहां कुलदीप को मौका मिल सकता था, लेकिन टीम प्रबंधन ने बल्लेबाजी गहराई को प्राथमिकता दी। स्पिन के विकल्प में वाशिंगटन सुंदर ने कुछ हद तक भूमिका निभाई, पर कुलदीप कुछ पिचों पर ज़्यादा प्रभावी साबित हो सकते थे।”
(भाषा)
