सिडनी: भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच तीन मैच की वनडे सीरीज का अंत शनिवार को भारत की सिडनी में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 9 विकेट के अंतर से जीत के साथ हुआ। भारतीय टीम ने ऑस्ट्रेलिया को 46.4 ओवर में 236 रन पर ढेर कर दिया और जीत के लिए मिले 237 रन के लक्ष्य को 38.4 ओवर में रोहित शर्मा की नाबाद 121 और विराट कोहली की नाबाद 74 रन की पारियों की बदौलत हासिल कर लिया। सीरीज 2-1 से ऑस्ट्रेलिया के नाम रही लेकिन रोहित शर्मा और विराट कोहली की जोड़ी ने प्रशंसकों की उम्मीदों पर खरा उतरते हुए साल 2027 के वनडे विश्व कप में खेलने की उम्मीदों को जिंदा रखा है।
संभवत: ऑस्ट्रेलियाई सरजमीं पर अपना आखिरी वनडे मैच खेलने के बाद विराट कोहली और रोहित शर्मा ने आधिकारिक प्रसारणकर्ता से चर्चा करते हुए ऑस्ट्रेलियाई दर्शकों को धन्यवाद देते हुए कहा, हमें भी इस देश में खेलना बहुत पसंद है। इतने बड़े दर्शकों के सामने खेलकर हमेशा अच्छा लगा। हमने यहां कुछ बेहतरीन क्रिकेट भी खेला है। ऑस्ट्रेलिया के प्रशंसकों को धन्यवाद क्योंकि हमें यहां कभी समर्थन की कमी महसूस नहीं हुई। थैक्यू ऑस्ट्रेलिया।
ऑस्ट्रेलिया में खेली क्रिकेट पर करता हूं गर्व
गिलक्रिस्ट ने रोहित शर्मा से पूछा, आपने इस मैदान पर पहली बार खेलने पर ही अर्धशतक बनाया था, और अब आपने अपना 33वां शतक जड़ा है। आपको इस मैदान से वाकई लगाव है? इसके जवाब में रोहित ने कहा, हां, मुझे हमेशा यहां आना पसंद है। मुझे ऑस्ट्रेलिया में क्रिकेट खेलना अच्छा लगता है। 2008 की प्यारी यादें हैं, और इस बार इस पारी और जीत के साथ खत्म करना बहुत अच्छा लगा। मुझे नहीं पता कि हम फिर ऑस्ट्रेलिया आएंगे या नहीं, लेकिन इन सभी वर्षों में यहां खेलना बहुत मजेदार रहा। बहुत सी अच्छी-बुरी यादें रहीं, लेकिन कुल मिलाकर मुझे यहां खेली अपनी क्रिकेट पर गर्व है।
हमेशा नए सिरे से करनी चाहिए शुरुआत
टीम इंडिया के पूर्व कोच रवि शास्त्री ने कहा कि तुम दोनों खिलाड़ियों में अभी भी दम-खम बचा है, इसके जवाब में रोहित ने कहा, लगता तो ऐसा ही है! हम अपने क्रिकेट का लुत्फ उठाते हैं। सबसे अहम बात यह है कि हमने चाहे कितनी भी उपलब्धियां हासिल की हों, लेकिन जब भी खेलने का मौका मिले,तो शुरुआत नए सिरे से करनी चाहिए। यही हमने पर्थ पहुंचने पर किया। पिछले 15-17 साल में क्या हुआ, उसे भूल जाओ, हमने नई शुरुआत की। मैं हर मैच को ऐसे ही देखता हूं। मुझे यकीन है कि विराट भी ऐसा ही सोचते होंगे। हमने इन तीन मैचों का बहुत आनंद लिया।
कब चुनौतीपूर्ण हो जाती है बल्लेबाजी
सीरीज में लगातार दो मुकाबलों में शून्य पर आउट होने के बाद विराट कोहली अपने जाने पहचाने अंदाज में 74 रन की पारी खेलने में सफल रहे। इस पर टिप्पणी करते हुए शास्त्री ने कहा आखिरकार आप मुश्किल से बाहर निकलने में सफल रहे। इसके जवाब में विराट ने कहा, वाकई में बाहर निकलना अच्छा लग रहा है। आप चाहे कितने भी रन बना चुके हों, लेकिन यह खेल हर स्तर पर सब कुछ सिखा देता है। 37 की उम्र में भी कभी-कभी ऐसा लगता है कि रन कैसे बनाएं! यही इस खेल की खूबसूरती है, हम बल्लेबाजी करना पसंद है क्योंकि जब चीजें आपके मुताबिक नहीं चलती हैं तो चुनौतीपूर्ण रहती है। जब आप लय में लौटते हैं तो एक अलग ही मजा होता है। रोहित पहले से बल्लेबाजी कर रहे हों, तो स्ट्राइक रोटेट करना आसान हो जाता है। हम एक-दूसरे की गेम को बहुत अच्छी तरह समझते हैं। हमारी यह साझेदारी शानदार रही, और फिर से एक मैच जीतने वाली साझेदारी बनाना अच्छा लगा।
क्या है RO-KO के बीच केमेस्ट्री का राज
विराट और रोहित के बीच दूसरे विकेट के लिए 168 रन की साझेदारी हुई। दोनों के बीच वनडे क्रिकेट में हुई 19वीं शतकीय साझेदारी थी। ऐसे में दोनों के बीच की केमेस्ट्री पर विराट ने कहा, हम दोनों एक दूसरे के खेल को अच्छी तरह समझते हैं। यही कारण है कि हम इतने लंबे समय तक साथ खेले हैं। खेल की स्थिति, खुद की गेम और उसे अलग-अलग परिस्थितियों में लागू करना, यही हमारी ताकत रही है। जब हम साथ बल्लेबाजी करते हैं, तो हमें अच्छा लगता है; पहले भी हमें पता था अगर हम लंबी साझेदारी कर लें तो विपक्षी के लिए खेल जीतना मुश्किल होगा। हमारी समझ और कम्युनिकेशन ही हमारी कुंजी रही है। 2013 की ऑस्ट्रेलिया श्रृंखला में हमने बड़ी साझेदारियों की शुरुआत की और फिर पीछे मुड़कर नहीं देखा। विरोधियों को भी पता चल गया कि अगर हम 20 ओवर साथ रह जाएं, तो किसी भी स्कोर का पीछा कर सकते हैं। रोहित के साथ बल्लेबाज़ी करना हमेशा आनंददायक रहा है।
