आईपीएल अवसरों का मंच है और इस मंच ने पिछले 16 सालों में ना जाने कितने क्रिकेटरों को आगे बढ़कर फैंस के बीच अपनी छाप छोड़ने की कोशिश की है। तमाम ऐसे खिलाड़ी रहे जिनको कोई नहीं जानता था और वे रातों रात स्टार बन गए, कुछ ने राष्ट्रीय टीम तक का सफर भी तय कर लिया। ऐसे ही एक खिलाड़ी हैं रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर के स्वप्निल सिंह (Swapnil Singh) जिन्होंने कमाल के प्रदर्शन से दिल जीत लिए हैं, हालांकि उनकी कहानी ऐसी ना होती अगर उस दिन उन्होंने वो कदम उठा लिया होता। आइए जानते हैं उनकी कहानी।
आरसीबी के बायें हाथ के स्पिनर स्वप्निल सिंह ने पिछली आईपीएल नीलामी के शुरुआती दौर में अपने नाम पर बोली नहीं लगने के बाद खेल को अलविदा करने की योजना बना ली थी लेकिन रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) ने उन्हें टीम में शामिल कर लिया।
बाये हाथ की स्पिन गेंदबाजी के साथ स्वप्निल बल्ले से भी योगदान देने की क्षमता रखते है। अपने 18 साल के घरेलू क्रिकेट करियर में उन्होंने बड़ौदा और उत्तराखंड की टीमों का प्रतिनिधित्व किया है। आईपीएल में वह आरसीबी से पहले किंग्स इलेवन पंजाब (अब पंजाब किंग्स) और लखनऊ सुपरजायंट्स का हिस्सा रह चुके हैं।
स्वप्निल ने ‘आरसीबी बोल्ड डायरिज’ से कहा, "आईपीएल नीलामी के दिन मैं एक मैच के लिए धर्मशाला जा रहा था। जब मैं वहां पहुंचा तब शाम के सात-आठ बज रहे थे। तब तक कुछ नहीं हुआ था और नीलामी का आखिरी दौर चल रहा था, मुझे लगा कि मेरे लिए चीजें खत्म हो गयी है।"
उन्होंने कहा, "मैंने सोचा था कि मैं मौजूदा (घरेलू) सत्र में खेलूंगा और अगर जरूरत पड़ी तो अगला सत्र खेलने के बाद अपना करियर खत्म कर दूंगा क्योंकि मैं पूरी ज़िंदगी खेलना नहीं चाहता था।’’ स्वप्निल ने कहा, ‘‘जीवन में अच्छा करने के लिए अन्य चीजें भी हैं। मैं बहुत निराश था।"
प्रथम श्रेणी क्रिकेट में 2006 में पदार्पण करने वाले 33 साल के स्वप्निल को आरसीबी ने 20 लाख रुपये की बोली के साथ टीम में शामिल किया था।
स्वप्निल ने कहा कि आरसीबी के लिए चुना जाना उनके पूरे परिवार के लिए भावनात्मक क्षण था
उन्होंने कहा, "जैसे ही मेरे परिवार ने फोन किया, हम भावनाओं पर काबू नहीं रख पाये क्योंकि कोई और नहीं समझ सकता कि हमारी यात्रा कितनी भावनात्मक रही है।"
(With Bhasha Inputs)
