अजीत आगरकर की अध्यक्षता वाली बीसीसीआई की चयन समिति ने शनिवार को एक बड़ा निर्णय किया और भारत को मार्च में तीसरी बार टी20 विश्व कप 2026 का खिताब जिताने वाले कप्तान सूर्यकुमार यादव को कप्तानी से हटाया और उन्हें टी20 टीम से बाहर का रास्ता भी दिखा दिया। ये निर्णय बोर्ड ने सूर्या के खराब फॉर्म और भविष्य को देखते हुए किया गया है। बीसीसीआई और चयन समिति का यह निर्णय पर सूर्या के साथी खिलाड़ी रहे पूर्व टेस्ट क्रिकेटर रविचंद्रन अश्विन को नागवार गुजरा है। अश्विन ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है।
बतौर कप्तान उन्होंने निभाई अपनी भूमिका
अश्विन ने सूर्यकुमार यादव को टी20 टीम से बाहर का रास्ता दिखाए जाने के बारे में कहा, 'मैं खुद को सूर्या की जगह रखकर सोच रहा हूं। ये ठीक है कि पिछले 15 या 18 महीनों में मेरी बैटिंग का फॉर्म अच्छा नहीं रहा। मैं उस बेहतरीन फॉर्म में नहीं था जिसमें हो सकता था, लेकिन फिर भी मैंने देश के लिए T20 वर्ल्ड कप जीता। एक बैटर के तौर पर मेरा वर्ल्ड कप बहुत शानदार नहीं रहा, लेकिन टीम के बाकी सभी लोगों की तरह जैसे कोच, उपकप्तान, सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले बैटर या बॉलर की तरह वो भी तो सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले कप्तान रहे हैं ना? उन्होंने अपना भूमिका अच्छी तरह निभाई।'
क्या सूर्या को मौका देने की गुंजाइश थी?
अश्विन ने आगे कहा, मैंने अजीत की प्रेस कॉन्फ्रेंस देखी और मुझे उनकी बात अच्छी लगी। वे अगले दो सालों की प्लानिंग कर रहे हैं, जो सोचने का एक बहुत अच्छा तरीका है। लेकिन क्या इस बात की गुंजाइश थी कि सूर्या को थोड़ा और समय दिया जा सकता था? और अगर आपको लगता है कि वह सीधे आपकी प्लेइंग इलेवन में फिट नहीं बैठते, तो क्या उन्हें इंग्लैंड के खिलाफ वह बड़ी सीरीज़ नहीं दी जा सकती थी ताकि वह खुद को साबित कर सकें, एक बैटर के तौर पर यह दिखा सकें कि वह उस जगह के हकदार हैं? मुझे लगता है कि अपने करियर में इतनी बड़ी कामयाबी हासिल करने के बाद वह इसके हकदार थे।'
क्या दिग्गज खिलाड़ियों के साथ होता ऐसा?
अश्विन ने सूर्या को बगैर किसी चेतावनी दिए टीम से बाहर किए जाने पर कहा, क्या हम बड़े दिग्गजों को उनकी जगह रखकर देख सकते हैं? क्या ऐसा कोई उदाहरण है जब टी20 वर्ल्ड कप जीतने वाले कप्तान को बगैर कोई अल्टीमेटम के टीम से बाहर कर दिया गया हो? मुझे यकीन है कि बातचीत हुई होगी। मुझे इसमें कोई शक नहीं है, लेकिन अगर आप मुझसे पूछें तो टीम चयन के लिहाज़ से यह एक बहुत अहम दिन था क्योंकि अगली बार जब कभी ऐसी स्थिति आएगी तो इस निर्णय को मिसाल के तौर पर देखा जाएगा।'
