पूर्व भारतीय क्रिकेटर और मौजूदा कामेंटेर आकाश चोपड़ा अक्सर सुझाव देते हुए नजर आ जाते हैं कि बड़ी जीत दर्ज करने वाली टीमों के लिए बोनस प्वाइंट की व्यवस्था की जाए। उनका यह सुझाव बीसीसीआई मानेगी कि नहीं ये तो वक्त बताएगा, लेकिन न्यूजीलैंड क्रिकेट बोर्ड ने फिलहाल इसको आजमाने का मन बना लिया। ताजा जानका री के अनुसार न्यूजीलैंड क्रिकेट ने आगामी महिला सुपर स्मैश सीजन के लिए प्वाइंट्स स्ट्रक्चर में बदलाव किया है। उनका यह फैसला हाईएस्ट स्कोर वाले मैचों को बढ़ावा देने के लिए है।
सुपर स्मैश टूर्नामेंट की शुरुआत शुक्रवार, 26 दिसंबर को सेडन पार्क में मेजबान नॉर्दर्न ब्रेव और ऑकलैंड एसेस एंड हार्ट्स के बीच होगी। जो टीमें पहले बल्लेबाजी करते हुए 150 रन से ज्यादा का स्कोर बनाएं या फिर बाद में बल्लेबाजी करते हुए विपक्षी टीम की तुलना में उनका रन रेट 1.25 गुना अधिक हो उन्हें एक बोनस प्वाइंट मिलेगा। एलिमिनेशन और फाइनल में बोनस प्वाइंट सिस्टम लागू नहीं होंगे।
व्हाइट फर्न्स के हेड कोच बेन सॉयर ने कहा कि यह प्वाइंट सिस्टम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर न्यूजीलैंड की सफलता की संभावनाओं को बढ़ाएंगे। सॉयर ने कहा "इससे आक्रामक बल्लेबाजी और विकेट लेने की सक्रिय गेंदबाजी रणनीतियों, दोनों को बढ़ावा मिलेगा, जो इस प्रारूप में आवश्यक हैं। हमें उम्मीद है कि इससे टीमें अपनी खेल शैली को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप ढालने के लिए प्रोत्साहित होंगी, जिससे घरेलू क्रिकेट का स्तर बढ़ेगा और खिलाड़ियों की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलने की तैयारी मजबूत होगी।
"हमें अगले साल जून में होने वाले टी20 विश्व कप में हाई स्कोर वाले मैचों की उम्मीद है, इसलिए यह हमारे खिलाड़ियों के लिए तैयारी करने का एक शानदार अवसर है। सॉयर ने स्वीकार किया कि बोनस पॉइंट सिस्टम बल्लेबाजी के स्तर में सुधार के लिए कोई रामबाण इलाज नहीं है, लेकिन यह सही दिशा में एक कदम है। वेलिंगटन ब्लेज के मुख्य कोच जॉनी बैसेट-ग्राहम ने कहा कि वह इस बदलाव का पूरी तरह से समर्थन करते हैं।
