विशाखापट्टनम: भारत के युवा सलामी बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल ने इंग्लैंड के खिलाफ विशाखापट्टनम टेस्ट की पहली पारी में बल्ले से धमाल मचा दिया। पारी की शुरुआत करने उतरे यशस्वी जायसवाल दिन का खेल समाप्त होने तक पिच पर डटे रहे और 257 गेंद में 179 रन बनाकर नाबाद पवेलियन लौटे। यशस्वी ने इस पारी के दौरान 164 डॉट गेंदें खेलीं साथ ही 17 चौके और 5 छक्के जड़े।
यशस्वी का यह घरेलू सरजमीं पर दूसरा टेस्ट है। हैदराबाद टेस्ट की पहली पारी में 82 रन बनाकर यशस्वी आउट हो गए थे और शतक से चूक गए थे। उस कमी को यशस्वी ने विशाखापट्टनम में पूरा कर दिया। शानदार अंदाज में छक्के के साथ अपने 150 गेंद में करियर का दूसरा टेस्ट शतक पूरा किया। अब वो दोहरे शतक की ओर बढ़ते दिख रहे हैं। यशस्वी ने अपने डेब्यू टेस्ट में वेस्टइंडीज के खिलाफ 171 रन की पारी खेली थी।
सेशन दर सेशन खेलने का था प्लान
विशाखापट्टनम टेस्ट के पहले दिन का खेल समाप्त होने के बाद यशस्वी ने अपनी पारी के बारे में कहा, मेरे दिमाग में शुरुआत से था कि मैं सेशन दर सेशन खेलूंगा। मैं इस बात का ध्यान दे रहा था कि अगर वो अच्छी गेंदबाजी करें तो उसका बेहतर तरीके से सामना करूं।'
बार बार बदल रहा है पिच का मिजाज
पिच के मिजाज के बारे में यशस्वी ने कहा, पिच का मिजाज बार बार बदल रहा था। पिच में शुरुआत में पिच में टर्न और उछाल था, गेंद सीम भी कर रही थी। दोपहर में पिच सेटल्ड थी। लेकिन जैसे-जैसे गेंद पुरानी हुई स्पिन और बाउंस दोनों वापस आ गया। लेकिन मेरे दिमाग में केवल एक बात थी कि गेंद अच्छी है तो मुझे जो रन मिलें वो हासिल करने हैं। अगर गेंद मुझे सही जगह मिली तो मैं उसमें चौके-जड़ सकता हूं और सिंगल डबल ले सकता हूं। मुझे जो भी कमजोर गेंदें मिलेंगी उसमें मैं बड़े शॉट खेलूंगा और सबसे अहम आखिर तक खेलूंगा और शतक को दोहरे शतक में तब्दील करने की कोशिश करूंगा। कल में और लंबी पारी खेलने की कोशिश करूंगा।
दोहरा शतक जड़ने की होगी कोशिश
मुझे इस पारी को दोहरे शतक में तब्दील करने में खुशी होगी। कोशिश करूंगा कि टीम के लिए आखिरी तक पिच पर टिका रहूं। राहुल सर और रोहित भाई मुझे बार बार संदेश भेजते रहे कि मैं इसे बड़ी पारी में तब्दील करूं और आखिर तक टिका रहूं और जितनी ज्यादा गेंदें खेल सकूं खेलूं।
