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Rashmika Mandanna को मिला Javed Akhtar का साथ, हिंदी एक्सेंट पर ट्रोल करने वालों को लगाई फटकार

Javed Akhtar Tweet: एक्ट्रेस रश्मिका मंदाना के हिंदी बोलने के तरीके पर सवाल उठाने वालों को जावेद अख्तर ने जवाब दिया। उन्होंने कहा कि किसी के बोलने के अंदाज का मजाक उड़ाना गलत है।

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जावेद अख्तर ने रश्मिका का किया सपोर्ट (pic credit-instagram)

एक्ट्रेस रश्मिका मंदाना (Rashmika Mandanna) एक बार फिर अपने हिंदी बोलने के अंदाज को लेकर चर्चा में हैं। उनके हिंदी एक्सेंट पर सवाल उठाने वालों को गीतकार जावेद अख्तर (Javed Akhtar) ने जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि किसी के बोलने के तरीके को लेकर उसका मजाक उड़ाना सही नहीं है। जावेद अख्तर ने भाषा के नाम पर खुद को दूसरों से बेहतर समझने वाली सोच पर भी सवाल उठाए। उनका यह बयान तब आया है, जब रश्मिका ने हाल ही में बताया कि उन्हें अपने हिंदी एक्सेंट को लेकर सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग का सामना करना पड़ता है। (Times Now Navbharat पर ये भी पढ़ें-Udta Teer ने उड़ाया गर्दा, आयुष्मान-सारा की मूवी ने कमाए इतने करोड़)

जावेद अख्तर ने रश्मिका का किया सपोर्ट

जावेद अख्तर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि जिन्हें रश्मिका के उच्चारण से परेशानी है, उन्हें तमिल की कुछ पंक्तियां बोलने के लिए दी जानी चाहिए। इसके बाद देखा जाए कि वे खुद तमिल का उच्चारण कितनी अच्छी तरह कर पाते हैं। उन्होंने इसे भाषा के नाम पर दिखाई जाने वाली ‘झूठी और बेबुनियाद श्रेष्ठता’ बताया और कहा कि ऐसी सोच स्वीकार नहीं की जा सकती। हालांकि, जावेद अख्तर के पोस्ट के बाद कुछ लोगों ने उनके बयान में एक गलती की ओर भी ध्यान दिलाया। उन्होंने रश्मिका को तमिल एक्ट्रेस बताया था, जबकि रश्मिका कन्नड़ फिल्म इंडस्ट्री से आती हैं।

रश्मिका ने ‘कॉफी विद करण’ के सीजन 9 में अपने पति और अभिनेता विजय देवरकोंडा के साथ बातचीत के दौरान बताया कि फिल्मी करियर शुरू करने के बाद से उन्हें कई वजहों से आलोचना का सामना करना पड़ा है। कभी उनके अभिनय, तो कभी भाषा और उच्चारण को लेकर उन्हें ट्रोल किया गया। रश्मिका ने कहा कि वह इन बातों को अपने काम के रास्ते में रुकावट नहीं बनने देना चाहती थीं। वह किसी एक फिल्म इंडस्ट्री या भाषा तक सीमित नहीं रहना चाहतीं, बल्कि अलग-अलग भाषाओं में काम करना चाहती हैं। अपने हिंदी उच्चारण पर बात करते हुए रश्मिका ने कहा कि लोगों को उनके दक्षिण भारतीय लहजे से परेशानी क्यों है, यह उनकी समझ से बाहर है। उन्होंने कहा कि वह साउथ से आती हैं, इसलिए उनके बोलने में वहां का लहजा होना स्वाभाविक है।

Kumar Sarash
कुमार सरसauthor

कुमार सरस टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में एंटरटेनमेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं। उनकी लेखन शैली सरल, स्पष्ट और रोचक है, जो पाठकों को तुरंत जोड़ लेती है। कुमार सरस को बॉलीवुड, टीवी और OTT की ट्रेंडिंग खबरों पर काम करने में खास रुचि है। अब तक उन्होंने 2,500 से अधिक आर्टिकल्स लिखे हैं, जिनमें ब्रेकिंग न्यूज़, एक्सक्लूसिव अपडेट्स और एंटरटेनमेंट फीचर्स शामिल हैं।

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