डॉमिनिका: घरेलू क्रिकेट में गदर मचाने के बाद युवा सलामी बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भी धमाकेदार शुरुआत की है। वेस्टइंडीज के खिलाफ डॉमिनिका में खेले जा रहे पहले टेस्ट में यशस्वी ने शानदार शतक जड़कर धमाका कर दिया है। उन्होंने 215 गेंद में 11 चौके के साथ अपना शतक पूरा किया और दूसरे दिन नाबाद 143 रन बनाकर पवेलियन वापस लौटे।
शतक को दोहरे शतक में तब्दील करने का है शानदार मौका
यशस्वी के पास मैच के तीसरे दिन डेब्यू शतक को दोहरे शतक में तब्दील करने का शानदार मौका है। अगर वो दोहरा शतक जड़ने में सफल रहे तो वो ये स्पेशल उपलब्धि हासिल करने वाले पहले भारतीय और दूसरे एशियाई खिलाड़ी होंगे।
माता पिता को समर्पित किया पहला शतक
यशस्वी दूसरे दिन के खेल के बाद जब पवेलियन वापस लौटे तो उनका जोरदार स्वागत हुआ। अपने डेब्यू शतक के बारे में उन्होंने प्रतिक्रिया देते हुए कहा, मैं बहुत भावुक था। मैं उन सभी लोगों का शुक्रिया अदा करना चाहूंगा जिन्होंने मेरी मदद की। मैं अपना शतक अपने माता-पिता को समर्पित करना चाहूंगा। मेरी सफलता में उनका बहुत बड़ा योगदान रहा है। मेरा सफर काफी लंबा रहा है। इससे ज्यादा मैं कुछ नहीं कहना चाहता। मैं खुश हूं और ये तो अभी शुरुआत है आगे और भी अच्छा करना है।
डेब्यू टेस्ट में शतक जड़ने वाले तीसरे ओपनर और चौथे युवा भारतीय
यशस्वी 21 साल 196 दिन की उम्र में टेस्ट शतक जड़ने में सफल रहे। वो इस मुकाम पर पहुंचने वाले चौथे युवा भारतीय हैं। ये रिकॉर्ड घरेलू क्रिकेट में खेलने वाले यशस्वी के साथी पृथ्वी शॉ के नाम दर्ज है। उन्होंने 18 साल 329 दिन की उम्र में शतक जड़ा था।
