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IND vs ENG: अक्षर या कुलदीप किसे होना चाहिए प्लेइंग इलेवन का हिस्सा, हरभजन ने दिया सुझाव

  • Agency by: भाषा
  • Updated Jan 22, 2024, 07:13 PM IST

IND vs ENG: टीम इंडिया के पूर्व स्पिन गेंदबाज हरभजन सिंह ने इंग्लैंड के खिलाफ पहले टेस्ट में टीम इंडिया के प्लेइंग इलेवन को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी है। हरभजन ने बताया क्यों कुलदीप यादव को अक्षर पटेल की जगह मौका मिलना चाहिए। उन्होंने इसके कारण भी बताए।

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हरभजन सिंह (साभार-X)

KEY HIGHLIGHTS
  • भारत-इंग्लैंड टेस्ट सीरीज
  • हरभजन सिंह ने प्लेइंग इलेवन पर दी प्रतिक्रिया
  • कुलदीप यादव और अक्षर पटेल

पूर्व स्पिनर हरभजन सिंह का मानना है कि कुलदीप यादव कौशल और विविधता के मामले में काफी बेहतर गेंदबाज हैं लेकिन बल्ले से योगदान देने की काबिलियत के कारण इंग्लैंड के खिलाफ पांच मैचों की श्रृंखला में अक्षर पटेल का दावा मजबूत होगा। कुलदीप ने 2017 में पदार्पण करने के बाद सिर्फ आठ टेस्ट मैच खेले हैं। कोच राहुल द्रविड़ की टीम अगर पिछले कुछ समय से चली आ रही परिपाटी को जारी रखते हुए ‘पूरी तरह स्पिनरों की मददगार पिच’ की मांग करती है तो उत्तर प्रदेश के इस वामहस्त गेंदबाज को फिर से बाहर बैठना होगा।

बेबाकी से अपनी राय रखने के लिए जाने जाने वाले हरभजन सिंह ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘ मेरे नजरिये से देखें तो जब टीम में आर अश्विन और रविंद्र जडेजा जैसे गेंदबाज मौजूद हैं तो तीसरा स्पिनर कुलदीप की तरह का विशेषज्ञ गेंदबाज होना चाहिये।’’

उन्होंने दुबई से कहा, ‘‘ कुलदीप कलाई के स्पिनर है और उनकी मौजूदगी से टीम को विविधता मिलेगी। मेरा मानना है कि टेस्ट टीम में अक्षर का चयन बल्लेबाजी कौशल के कारण होता है। वह आठवें या नौवें क्रम पर बल्ले से टीम को कुछ योगदान दे सकते है।’’ हरभजन ने हालांकि कुलदीप को नजरअंदाज करने पर सवाल उठाते हुए कहा, ‘‘ अक्षर बेहतर बल्लेबाज है लेकिन मुझे यह समझ में नहीं आता है कि आपको नौवें क्रम पर बल्लेबाज की जरूरत क्यों है। वह भी वैसे खिलाड़ी का जो बिलकुल जडेजा की तरह का है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘ इससे आप गेंदबाजी में विविधता को कम कर रहे है। मेरे मुताबिक टीम में कुलदीप को खेलना चाहिये।’’ अक्षर ने 12 टेस्ट में 50 विकेट लिये है लेकिन इसमें से 27 विकेट उन्होंने 2021 में इंग्लैंड के खिलाफ लिये है। वह अगले नौ टेस्ट में सिर्फ 23 विकेट ले सके। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पिछली श्रृंखला में उन्होंने चार टेस्ट में सिर्फ तीन विकेट चटकाये।

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