Rohit Sharma comeback: कहते हैं 'जो डूबकर उठता है, वही समंदर की ताकत जानता है। वापसी करो और दिखा दो' भारतीय टीम के कप्तान और सभी के चहेते रोहित शर्मा ने भी आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी 2025 के फाइनल में टीम इंडिया को जीत दिलाकर ये सभी को दिखा दिया है कि उनमें अभी भी जीत की भूख बाकी है। चैंपियंस ट्रॉफी के पहले रोहित आलोचनाओं के गहरे समंदर में घिरे हुए थे लेकिन वे इसमें डूबे नहीं और दमदार वापसी से इतिहास रच दिया। रोहित भारत के दूसरे सबसे सफल कप्तान बन गए हैं। वे धोनी के बाद इकलौते लीडर हैं जिनकी कप्तानी में टीम इंडिया ने एक से ज्यादा खिताब अपने नाम किया हो। रोहित शर्मा के आज भले ही हर तरफ गुणगान हो रहे हैं लेकिन दो महीने पहले की ही बात है जब उनकी काबिलियत पर कई लोगों ने सवाल खड़े किए थे और संन्यास तक की चर्चाएं चल रही थी लेकिन रोहित ने कैसे वापसी की इसकी कहानी दो तस्वीरें बयां करती है।
30 दिसंबर 2024 की बात है जब पूरी दुनिया नए साल के आगमन की तैयारियों में लगी हुई थी तब भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान रोहित शर्मा की टीम इंडिया के डगआउट में मायूस बैठे एक तस्वीर सामने आती है। रोहित का सिर झुका हुआ था और वे हार की खामोशी लिए बैठे हुए थे। दरअसल भारतीय क्रिकेट टीम मेलबर्न टेस्ट हार गई थी और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ बॉर्डर गावस्कर सीरीज में 2-1 से पीछे हो गई थी। भारत का ऑस्ट्रेलियाई सरजमीं पर लगातार दूसरी टेस्ट सीरीज जीतने का सपना भी चूर-चूर हो गया था।
इस सीरीज में रोहित के रन नहीं आए थे और उनकी कप्तानी पर भी सवाल उठ रहे थे। रोहित ने पहला टेस्ट नहीं खेला था जिसमें भारत ने बुमराह की कप्तानी जीत दर्ज की थी। ऐसे में सिडनी में खेले गए टेस्ट मैच से रोहित ने टीम के हित में खुद को बाहर कर लिया। हालांकि उनके इस कदम का भी ज्यादा असर नहीं पड़ा क्योंकि टीम वो मैच भी हार गई। इस तस्वीर में रोहित की खामोशी की वजह पिछले दो महीने भी थे जिसमें भारत को अपने घर पर न्यूजीलैंड के हाथों टेस्ट सीरीज में 3-0 से हार का सामना करना पड़ा था और रोहित की कप्तानी पर दाग लग गया था जिसे वे ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ जीत से मिटाना चाहते थे लेकिन वे ऐसा नहीं कर पाए थे। इस हार के बाद रोहित की कप्तानी पर सवाल उठाए गए कई एक्सपर्ट्स ने रिटायरमेंट की बात की और यहां तक की रिपोर्ट्स में चैपियंस ट्रॉफी में भी वे कप्तानी करेंगे कि नहीं इस पर भी चर्चा की खबरें आ रही थी।
टीम मैनेजमेंट ने जताया भरेसा, रोहित ने वापसी कर रचा इतिहास
ऑस्ट्रेलिया में हार के बाद रोहित ने फॉर्म में वापसी के लिए रणजी मैच भी खेला लेकिन वहां वे कुछ खास नहीं कर पाए। इसी बीच बीसीसीआई की मीटिंग होती है जिसमें उनके भविष्य पर चर्चा की जाती है। इसमें ये तय किया जाता है कि रोहित ही चैंपियंस ट्रॉफी में टीम का नेतृत्व करेंगे और टीम मैनेजमेंट को उन पर पूरा भरोसा है। ऐसे में रोहित शर्मा ने चैंपियंस ट्रॉफी के लिए जमकर तैयारी करना शुरू कर दिया। जनवरी के अंत में इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज होती है जिसमें वे शतक जड़ते हैं और दुनिया को बता देते हैं कि वे चैंपियंस ट्रॉफी के लिए तैयार हैं। चैंपियंस ट्रॉफी में वे लीग स्टेज और सेमीफाइनल में बल्ले से कुछ खास कमाल नहीं कर पाते हैं लेकिन उनकी कप्तानी शानदार रहती है और टीम जीत दर्ज करती है।
रोहित हालांकि फाइनल में 252 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए दूसरी ही गेंद से न्यूजीलैंड पर दबाव बनाना शुरू कर देते हैं और 76 रनों की महत्वपूर्ण पारी खेलकर टीम की जीत में खास भूमिका निभाते हैं। जीत के बाद रोहित प्रेस कांफ्रेस में खुद आगे रहकर ये कह देते हैं कि मैं रिटायरमेंट नहीं ले रहा हूं। ये उनके आलोचकों को उनका जवाब था जो कि उनके फॉर्म से लेकर उनकी फिटनेस तक पर सवाल उठाते रहते हैं। रोहित अब और कितने सालों तक खेलेंगे ये तो नहीं पता लेकिन हाथ में चैंपियंस ट्रॉफी लिए चेहरे पर खुशी भरी तस्वीर भारत का हर देशवासी हमेशा याद रखेगा।
