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Cricket Helmet Rules: क्रिकेट हेलमेट से जुड़े ये अनोखे नियम आपका भी सिर हिलाकर रख देंगे

  • Authored by: शिवम अवस्थी
  • Updated Mar 15, 2023, 01:26 PM IST

Cricket Helmet Laws: क्रिकेट के खेल में एक समय था जब बहुत कम उपकरणों का उपयोग किया जाता था। सुरक्षा के मामले में उस जमाने में काफी कोताही बरती जाती थी, लेकिन समय बीता और आधुनिकता व जागरुकता के दौर में नए उपकरणों का निर्माण हुआ जिससे मैदान में क्रिकेटर सुरक्षित रहें। इनमें सबसे अहम है हेलमेट। आइए इसी के बारे में कुछ खास बातें जानते हैं।

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क्रिकेट हेलमेट से जुड़े नियम

Photo : PTI

Cricket Helmet Rules and Laws: आधुनिकता के विस्तार के साथ खेलों में भी तरह-तरह के उपकरणों की एंट्री हुई। कोई भी आउटडोर खेल हो, अधिकतर में सुरक्षा उपकरणों का इस्तेमाल किया जाता है ताकि खिलाड़ी चोटिल होने से बच सकें। पहले के जमाने में जब सुविधाएं नहीं थीं तब कई दर्दनाक घटनाएंं हुईं, जिससे सीख लेते हुए समय-समय पर इन उपकरणों में बदलाव या सुधार किया जाता रहा और इसको लेकर नियम-कानून भी बनाए जाने लगे। आज हम जिस चीज की बात करने जा रहे हैं, वो है क्रिकेट के सबसे प्रमुख सुरक्षा उपकरणों में से एक 'हेलमेट'।

जितना जरूरी दो पहिया वाहन चलाते समय हेलमेट लगाना होता है, उतना ही अहम 22 गज की पिच पर बल्लेबाजी करते हुए, विकेटकीपिंग करते हुए या फिर करीब फील्डिंग करते हुए हेलमेट लगाना जरूरी माना जाता रहा है। लेकिन क्या ये इनका पालन सभी करते हैं, क्या वजह है कि अब भी कई बार दुर्घटनाएं हो जाती हैं (जैसा कि हमने पूर्व ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर फिल ह्यूज के मामले में देखा, जो हेलमेट लगाने के बावजूद सिर पर गेंद लगने से अपनी जान गंवा बैठे थे)। वैसे हेलमेट को लेकर भी तमाम नियम हैं, कुछ अजीब हैं तो कुछ सही भी, आइए जानते हैं उनको।

Cricket helmet

Cricket helmet

  • सबसे अजीब बातः क्या आपको पता है कि क्रिकेट में हेलमेट लगाना अब भी अनिवार्य नहीं है। हालांकि ये चेतावनी व सलाह बार-बार खिलाड़ियों को दी जाती है कि वो हेलमेट पहनकर ही खेलेंं। नियमों के मुताबिक अंडर-18 क्रिकेटर्स को हेलमेट लगाना अनिवार्य है।
  • मैदान पर हेलमेट रखा हो तोः कई बार देखा गया है कि जब विकेटकीपर या फील्डिंग टीम के खिलाड़ी स्टंप के पीछे कुछ दूरी पर हेलमेट रख देते हैं जब उनको इसका उपयोग नहीं करना होता है। ऐसी स्थिति में नियम ये है कि अगर बल्लेबाज के शॉट पर गेंद उस हेलमेट पर लगी तो पेनल्टी के रूप में बल्लेबाजी टीम को 5 रन मिल जाते हैं।
  • क्या है 'कनकशन' नियम: फिलिप ह्यूज की दुर्भाग्यपूर्ण मौत के बाद कनकशन नियम प्रकाश में आया। अब अगर किसी भी बल्लेबाज के हेलमेट पर गेंद लगती है तो तुरंत उसका कनकशन टेस्ट होता है, फीजियो उसकी जांच करेगा, अगर थोड़ी सी भी भ्रम की स्थिति हुई तो वो खिलाड़ी आगे बल्लेबाजी नहीं कर सकता और टीम उसकी जगह पर दूसरे बल्लेबाज को मैदान पर उतार सकती है जो पूरा मैच खेल सकता है। हाल में ऐसे कई मामले हो भी चुके हैं।
  • अगर हेलमेट से गेंद लगी तो कैच आउट का क्या है नियम?: अगर किसी गेंद पर बल्लेबाज के हेलमेट से गेंद लगकर हवा में गई और फील्डर ने कैच लपक लिया तो वो उसी स्थिति में आउट होगा अगर हेलमेट पर गेंद लगने से पहले या बाद में बल्ले या ग्लव्स से छुई हो।
  • कौन सा हेलमेट नहीं पहन सकतेः पिच पर बल्लेबाज जो हेलमेट लगाते हैं, उन हेलमेट को भी एक परीक्षा से गुजरना होता है। ये हेलमेट ब्रिटिश स्टैंडर्ड BS7928 के तहत ही होने चाहिए तभी इनको पहनने की अनुमति होती है।
  • अलग-अलग देश, अलग-अलग नियमः इसके अलावा हेलमेट को लेकर प्रथम श्रेणी क्रिकेट में तमाम देशों ने अलग-अलग नियम भी बनाए हैं। जैसे इंग्लैंड में बल्लेबाज, विकेटकीपर या फील्डर अगर विकेट से 8 गज करीब है तो उसे हेलमेट पहनना अनिवार्य है। जबकि भारत और न्यूजीलैंड में ऐसा कोई नियम नहींं है। वहीं ऑस्ट्रेलिया में बल्लेबाजों को तेज गेंदबाजों का सामना करते समय हेलमेट पहनना होगा। विकेटकीपर स्टंप के करीब है तो उनको भी, और फील्डर अगर बल्लेबाज से 7 मीटर की दूरी पर खड़ा है तो उसको भी पहनना होगा।
  • क्या हे स्टेम गार्डः हेलमेट में स्टेम गार्ड भी अब जरूरी हो गया है। ये गर्दन के पीछे के हिस्से को कवर करने के लिए दो पट्टियां होती हैं जो हेलमेट से जुड़ी होती हैं। गर्दन के उसी हिस्से पर गेंद लगने से ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर फिल ह्यूज की मौत हुई थी।

हेलमेट निश्चित रूप से एक जरूरी उपकरण है लेकिन अब भी इसके नियमों का पालन सही तरह से नहीं होता, या फिर ये कहें कि अभी तक इसकी अनिवार्यता को लेकर कोई सख्त नियम ही नहीं बनाए गए हैं। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में फिर भी खिलाड़ी इसकी चेतावनियों का काफी हद तक पालन करते हैं लेकिन प्रथम श्रेणी क्रिकेट से लेकर स्कूल क्रिकेट तक, कम ही जगह ऐसी दिखती हैं जहां इसको गंभीरता से लिया जाता है।

शिवम अवस्थी
शिवम अवस्थीauthor

शिवम् अवस्थी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में स्पोर्ट्स डेस्क के इंचार्ज हैं। इनको खेल पत्रकारिता में तकरीबन 17 सालों का अनुभव है। इनको क्रिकेट, फुटबॉल और टेनिस में खास रुचि है। उन्हें खेलना भी पसंद है और वो देहरादून में फुटबॉल व क्रिकेट इंटर डिस्ट्रिक्ट चैंपियनशिप में विजेता टीम के कप्तान भी रहे। पत्रकारिता में कदम रखने के कुछ समय बाद कॉमनवेल्थ गेम्स 2010 का संपूर्ण फील्ड कवरेज किया और कई ब्रेकिंग न्यूज दी। कई चर्चित भारतीय एथलीटों के इंटरव्यू लिए हैं। 2011 वनडे क्रिकेट वर्ल्ड कप का ऑनफील्ड रहकर शहर-शहर घूमते हुए पूरा टीवी कवरेज किया। विश्व कप से पहले युवा विराट कोहली का इंटरव्यू किया। डिजिटल जैसे-जैसे आगे बढ़ा उन्हें ब्रेट ली, सुनील गावस्कर, राहुल द्रविड़, जैसे तमाम धुरंधरों के साक्षात्कार किए और 16 वर्षीय ऋषभ पंत का पहला डिजिटल इंटरव्यू किया जिसे इंग्लिश और हिंदी वेबसाइट पर काफी रीडरशिप मिली। उन्होंने स्पोर्ट्स मल्टी पॉडकास्ट भी किया। आईपीएल के 18 सीजन से ऑनफील्ड जुड़े रहे। अब तक तकरीबन 6000 से ज्यादा एक्सक्लूसिव स्टोरीज लिख चुके हैं। साल 2025 में खेल जगत के तमाम बड़े रिकॉर्ड्स व आंकड़ों को ट्रैक किया है और उन पर आर्टिकल तैयार किए हैं।

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