नई दिल्ली: भारत की प्रथम नागरिक राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बुधवार को नई दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन में विभिन्न क्षेत्रों की जानी-मानी हस्तियों को पद्म पुरस्कार से नवाजा। भारतीय खेल जगत के तीन चेहरों को भी पद्मश्री से नवाजा गया। पद्म श्री पाने वाली खेल जगह की हस्तियों में पांच दशक से युवा खिलाड़ियों को क्रिकेट का ककहरा सिखा रहे 87 वर्षीय गुरचरण सिंह, केरल के मार्शल आर्ट कोच एसआरडी प्रसाद के नाम शामिल हैं।
गुरुचरण सिंह:
राजधानी दिल्ली से ताल्लुक रखने वाले 87 वर्षीय गुरुचरण सिंह भारतीय क्रिकेट में जाना पहचाना नाम हैं। गुरुचरण बतौर खिलाड़ी भारत का प्रतिनिधित्व नहीं कर पाए, उनका करियर प्रथम श्रेणी से आगे नहीं बढ़ सका। ऐसे में उन्होंने युवा खिलाड़ियों को क्रिकेट का ककहरा सिखाने का बीड़ा उठाया। उन्होंने इस दिशा में आगे बढ़तकर देश को अजय जडेजा, कीर्ति आजाद और मुरली कार्तिक जैसे कई धाकड़ खिलाड़ी दिए और अप्रत्यक्ष रूप से अपना टेस्ट क्रिकेट खेलना का सपना पूरा किया। द्रोणाचार्य अवार्ड जीतने वाले वो देश के दूसरे कोच भी बने थे।
एसआरडी प्रसाद:
सुदूर दक्षिण भारतीय राज्य केरल के रहने वाले एसआरडी प्रसाद को स्थानीय मार्शल आर्ट कलारीप्पयट्टू को बढ़ावा देने के लिए पद्मश्री से सम्मानित किया गया है।
भारत सरकार द्वारा दिए जाने वाले नागरिक पुरस्कार
पद्मश्री भारत का चौथा सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार है। हर वर्ष भारत सरकार गणतंत्र दिवस के दिन पद्म पुरस्कार विजेताओं के नाम का ऐलान करती है। जिन्हें बाद में राष्ट्रपति भवन में आयोजित होने वाले विशेष समारोह में पुरस्कार राष्ट्रपित के हाथों प्रदान किया जाता है। भारत रत्न भारत सरकार द्वारा दिया जाने वाला सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार है। इसके बाद दूसरे स्थान पर पद्म विभूषण, पद्म भूषण और पद्म श्री का स्थान आता है।
