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कौन हैं एशिया कप में पाकिस्तान के 'दुश्मन' नंबर-1 मैच रेफरी एंडी पायक्रॉफ्ट

विश्व क्रिकेट के सबसे अनुभवी मैच रेफरी एंडी पायक्रॉफ्ट इन दिनों सुर्खियों में हैं। एशिया कप में 14 सितंबर को भारत पाकिस्तान के बीच हुए टी-20 मैच के बाद पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने आईसीसी टूर्नामेंट से उन्हें हटाने की मांग कर डाली जिसे खारिज कर दिया गया।

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आईसीसी मैच रेफरी एंडी पाइकक्रॉफ्ट (PHOTO- ICC)

Who Is Andy Pycroft: भारतीय क्रिकेट टीम ने रविवार (14 सितंबर) को दुबई में 2025 एशिया कप के मुकाबले के दौरान पाकिस्तान टीम के साथ हाथ मिलाने से इनकार करते हुए एक मजबूत प्रतीकात्मक विरोध दर्ज कराया। इस शर्मनाक हार के बाद पाकिस्तान के खिलाड़ियों की नाराजगी का सामना मैच रेफरी एंडी पायक्रॉफ्ट को करना पड़ा। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) ने पायक्रॉफ्ट के खिलाफ औपचारिक शिकायत दर्ज कराई जो इस मुकाबले के मैच रेफरी थे और अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) से उन्हें टूर्नामेंट से हटाने की मांग की। पाकिस्तान-यूएई मैच में वेस्टइंडीज के रिची रिचर्ड्सन मैच रेफरी होंगे। हालांकि आईसीसी ने पायक्रॉफ्ट को निलंबित करने की पाकिस्तानी मांग खारिज कर दी है।

कौन हैं एंडी पायक्रॉफ्ट ?

एंडी पायक्रॉफ्ट कौन विश्व क्रिकेट के सबसे अनुभवी मैच रेफरी में से एक हैं। वह आईसीसी के विशेष पैनल के मैच रेफरी में शामिल हैं और वह 2009 से इस पैनल का हिस्सा हैं। जिम्बाब्वे के पूर्व क्रिकेटर एंडी पायक्रॉफ्ट सबसे अनुभवी मैच रेफरी में एक हैं। वह 2009 से आईसीसी एलीट पैनल का हिस्सा हैं। एंडी तक वह 103 टेस्ट के साथ 248 वनडे और 183 टी20 इंटरनेशनल मैच में रेफरी की भूमिका रह चुके हैं। वह 21 महिला टी20 इंटरनेशनल में भी मैच रेफरी रहे।69 वर्षीय एंडी पायक्रॉफ्ट इंटरनेशनल क्रिकेट भी खेल चुके हैं। जिम्बाब्वे के लिए उन्होंने 3 टेस्ट के अलावा 20 वनडे मैच खेले हैं। उनके नाम कुल 447 रन दर्ज हैं। वह 1983 विश्व कप के उस मुकाबले में भी जिम्बाब्वे की टीम का हिस्सा थे जिसमें कपिल देव ने 175 रनों की पारी खेली थी।

पहले भी रहे हैं सुर्खियों में

यह पहली बार नहीं है जब पायक्रॉफ्ट सुर्खियों में आए हैं। 2018 के केपटाउन टेस्ट के मैच रेफरी थे जब ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका के बीच मैच खेला जा रहा था । जिसमें स्टीव स्मिथ, डेविड वार्नर और कैमरन बैनक्रॉफ्ट पर गेंद से छेड़छाड़ का आरोप लगाया गया था और उन्हें निलंबित किया गया था।

ICC ने मांग कर दी थी खारिज

भारत-पाकिस्तान मैच के दौरान रेफरी एंडी पायक्रॉफ्ट की भूमिका को संदेहास्पद बताते हुए पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने उन्हें हटाने की मांग आईसीसी से की थी, जिसे आईसीसी ने अस्वीकार कर दिया। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने रेफरी को न हटाए जाने की स्थिति में एशिया कप के बहिष्कार की धमकी दी थी। रिपोर्ट के मुताबिक आईसीसी द्वारा एंडी पायक्रॉफ्ट को हटाने की मांग अस्वीकार करने के बावजूद अब पाकिस्तान एशिया कप के बहिष्कार से पीछे हट गया है।

हैंडशेक को लेकर हुआ था विवाद

इससे पहले अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने मंगलवार को पाकिस्तान की उस मांग को खारिज कर दिया था जिसमें उसने एशिया कप के लिए अधिकारियों के पैनल से मैच रैफरी एंडी पाइक्रॉफ्ट को हटाने को कहा था। हालांकि पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) ने कथित तौर पर टूर्नामेंट से हटने की धमकी दी है लेकिन इससे देश को भारी वित्तीय नुकसान होगा। पीसीबी ने आईसीसी को शिकायत दर्ज कराते हुए आरोप लगाया था कि पाइक्रॉफ्ट ने रविवार को एशिया कप मैच में टॉस के समय पाकिस्तानी कप्तान सलमान अली आगा से भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव से हाथ नहीं मिलाने के लिए कहा था।

पीसीबी ने दर्ज कराई थी शिकायत

पाकिस्तानी टीम के मैनेजर नावेद चीमा ने भी एशियाई क्रिकेट परिषद (एसीसी) में शिकायत दर्ज कराई थी। इसमें आरोप लगाया गया था कि पाइक्रॉफ्ट के जोर देने पर ही रविवार को दोनों कप्तानों के बीच टीम की जानकारी का आदान-प्रदान नहीं किया गया जैसा कि आमतौर पर होता है। भारत की सात विकेट से जीत के बाद सूर्यकुमार और उनकी टीम ने पहलगाम आतंकी हमले के पीड़ितों और उनके परिवारों के प्रति सम्मान प्रकट करने के लिए पाकिस्तान के खिलाड़ियों से हाथ नहीं मिलाया था।

पाकिस्तान हटा तो उसे होगा भारी नुकसान!

टूर्नामेंट से हटने का फैसला पाकिस्तान के लिए आसान नहीं होगा क्योंकि ऐसा करने पर उसे एशियाई क्रिकेट परिषद (एसीसी) के राजस्व से 10 लाख 60 हजार डॉलर तक का नुकसान हो सकता है। पीसीबी में चल रहे घटनाक्रम की जानकारी रखने वाले एक सूत्र ने पीटीआई को बताया, ‘क्या पाकिस्तान वित्त वर्ष में 22 करोड़ 70 लाख डॉलर के प्रस्तावित बजट में से लगभग एक करोड़ 60 लाख डॉलर गंवाने का जोखिम ले सकता है? इसका मतलब होगा कि पीसीबी के वार्षिक राजस्व का लगभग सात प्रतिशत चला जाएगा। ’ (एजेंसी इनपुट के साथ)

Sanjeev Dubey
संजीव कुमार दुबेauthor

पत्रकारिता में मेरे सफर की शुरुआत 20 साल पहले हुई। 2002 अक्टूबर में टीवी की रुपहले दुनिया में दाखिल हुआ। शुरुआत टीवी की दुनिया के उस पहलू से हुई जहां हर खबर को उसके मुताबिक आकार दिया जाता है यानी उसे कसा जाता है। सहारा टीवी में मेरे कामकाज की शुरुआत पैकेजिंग से हुई जहां खबरों को अलग-अलग प्रारूपों में गढ़ने का काम होता है। फिर पीसीआर में आउटपुट एडिटर की भूमिका निभाने का मौका मिला जहां तुरंत निर्णय कर खबरों को ब्रेक करने की चुनौती रहती है। न्यूजरूम की गहमागमी के बीच रनडाउन तैयार करने की जिम्मेदारी भी बखूबी निभाई। यहां ब्रेकिंग, हार्ड कोर की खबरों और फीचर्ड प्रोग्रामिंग ने मेरे अनुभव का दायरा तो बढ़ाया ही उसमें गहराई एवं पैनापन भी दिया। 2011 में टेलिविजन न्यूज की दुनिया को अलविदा कहना पड़ा। अक्टूबर 2011 में Zee News की हिंदी वेबसाइट को अपनी अगवुाई में लॉन्च करने का मौका मिला। डिजिटल की दुनिया और टीवी की दुनिया में खबरें परोसने और खबरों को दिखाने का अंदाज बिल्कुल अलग था। मैं उस दौर में दस्तक दे चुका था जब टीवी भी स्मार्टफोन पर देखा जाने लगा था। डिजिटल पर भी ब्रेकिंग थी। अगर टीवी में प्रोग्रामिंग थी तो यहां भी बतौर फीचर, सॉफ्ट स्टोरीज का विशाल संसार था। एक नया मीडियम जो स्मार्टफोन पर बखूबी देखा और समझा जा सकता था। डिजिटल की इस दुनिया में टीवी और अखबार दोनों समाहित थे। यहां काम करते हुए डिजिटल न्यूज मीडिया की बारीकियां तो सीखी हीं। साथ ही जब जी न्यूज से विदाई ली तो उस समय 33 मिलियन यूजर्स के बीच 84 मिलियन पीवीज देखने की अपार खुशियां हासिल हुईं। जी न्यूज में एक लंबी पारी खेलने के बाद जुलाई 2017 में टाइम्स नाउ नेटवर्क से जुड़ने का अवसर मिला। 2017 में ही टाइम्स नाउ की हिंदी वेबसाइट की शुरुआत हुई। यह पहला मौका था जब टाइम्स नाउ की अगुवाई में कोई हिंदी न्यूज वेबसाइट लॉन्च हुई। यहां एक नई और युवा टीम बनी। यह टीम आक्रामक अंदाज में काम करते हुए कम समय में अपनी पहचान बनाई। डिजिटल की दुनिया के बदलते संसार में अब चुनौती पीवीज की नहीं बल्कि यूजर्स की थी, जिन्हें लाना इतना आसान नहीं थी। लेकिन टीम के जज्बे, हौसले ने असाधारण चुनौतियों को भी अपनी मेहनत एवं लगन से उसे सामान्य बनाया। डिजिटल न्यूज की दुनिया में हर पल चुनौतियों के बीच नया कुछ सीखने-समझने और कुछ कर गुजरने की प्रेरणा मिलती है। यह सिलसिला आज भी अनवरत जारी है-

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