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Nations League: नए कोच जीदान की अगुवाई में फ्रांस की पहली जीत, जानिए और किसने अपने मैच जीते

Nations League: नेशंस लीग में फ्रांस ने बेल्जियम फुटबॉल टीम को 4-1 से हरा दिया। यह जीत फ्रांस के पूर्व महान कप्तान व अब मुख्य कोच जिनेदिन जीदान के लिए नेशनल कोच के तौर पर घरेलू मैदान पर पहली जीत थी।

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कोच जिनेडीन जीडान की अगुवाई में फ्रांस की पहली जीत

Photo : AP

फ्रांस ने नेशंस लीग में बेल्जियम को 4-1 से हराया। यह जीत ज़िनेदिन ज़ीदान के लिए नेशनल कोच के तौर पर घरेलू मैदान पर पहली जीत थी।

मैच में 77वें मिनट तक पिछड़ने के बाद, सब्स्टीट्यूट खिलाड़ी डेज़ायर डौए, रायन चेर्की और माइकल ओलिसे (दो गोल) ने 14 मिनट में चार गोल करके फ्रांस के लिए मैच का पासा पूरी तरह पलट दिया।

ज़ीदान ने कहा, "आज रात, यही तो फ़ुटबॉल है, यही तो हमें पसंद है। पहले हाफ़ में हमें कुछ मुश्किलों का सामना करना पड़ा, लेकिन यह खेल का हिस्सा है; ऐसे मैच कभी-कभी देखने को मिलते हैं। चीज़ों को ठीक करना अच्छा होता है - और हमने वही किया - और हमने शानदार दूसरा हाफ़ खेला।"

इस जीत से ग्रुप A1 में फ्रांस की पकड़ और मज़बूत हो गई है; वे इटली से तीन अंक आगे हैं, जिसने तुर्की को 3-1 से हराया था। तीसरे स्थान पर मौजूद बेल्जियम, फ्रांस से चार अंक पीछे हो गया है। तुर्की के पास कोई अंक नहीं है।

ज़ीदान ने फ्रांसीसी टीम के कोच के तौर पर तुर्की और बेल्जियम के खिलाफ़ जीत के साथ शुरुआत की थी, लेकिन शुक्रवार को अपने घरेलू डेब्यू में इटली के साथ उनका मैच ड्रॉ रहा। ओलिसे ने कहा, "यह सबकी मिली-जुली कोशिश है। वह (ज़ीदान) नए आइडिया लाते हैं और हम उन पर अमल करते हैं - हमने पिछले चार मैचों में ऐसा बखूबी किया है और हम आगे भी ऐसा ही करते रहेंगे।"

फ्रांस ने अभी तक क्वार्टर फ़ाइनल में अपनी जगह पक्की नहीं की है। अगर वे बेल्जियम को हरा देते और इटली तुर्की को हराने में नाकाम रहता, तो ग्रुप में टॉप दो स्थानों में से एक पर उनकी जगह पक्की हो जाती। इटली में, रॉबर्टो मैनसिनी भी अपनी पहली घरेलू जीत की तलाश में थे। उन्होंने इटली के कोच के तौर पर अपनी वापसी की शुरुआत रोम में बेल्जियम के खिलाफ हार के साथ की थी, लेकिन इसके बाद तुर्की (जहां अज़ूरी ने 4-1 से जीत हासिल की) और फ्रांस के खिलाफ शानदार प्रदर्शन से टीम का मनोबल बढ़ा।

अपने तीन मैचों में सिर्फ़ एक गोल करने और आठ गोल खाने के बाद तुर्की दबाव में था। टीम के कुछ अहम खिलाड़ी भी नहीं खेल रहे थे, फिर भी बोलोग्ना में उन्होंने अच्छी शुरुआत की। हालांकि, खेल के बहाव के उलट इटली ने 26वें मिनट में बढ़त बना ली। जियानलुका स्कामाका ने एक क्रॉस को नीचे लाने की कोशिश की; गेंद तुर्की के एक डिफेंडर के कंधे से टकराकर वापस स्कामाका के पास आई, जिन्होंने उसे वॉली से क्रॉसबार के निचले हिस्से से टकराते हुए गोल में बदल दिया।

61वें मिनट में अराल सिम्सिर ने तुर्की के लिए बराबरी का गोल किया, जिसके वे हकदार थे। लेकिन सिर्फ़ तीन मिनट बाद ही इटली फिर से आगे हो गया, जब रिकार्डो कैलाफियोरी ने निकोलो बारेला की फ्री-किक पर हेडर से गोल किया। आखिर में पियो एस्पोसिटो ने एलेसेंड्रो रोमानो के शॉट पर टैप-इन करके जीत पक्की कर दी। एस्पोसिटो इटली के ऐसे दूसरे खिलाड़ी बन गए जिन्होंने 21 साल की उम्र से पहले सात इंटरनेशनल गोल किए हैं।

Shivam Awasthi
शिवम अवस्थीauthor

शिवम् अवस्थी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में स्पोर्ट्स डेस्क के इंचार्ज हैं। इनको खेल पत्रकारिता में तकरीबन 17 सालों का अनुभव है। इनको क्रिकेट, फुटबॉल और टेनिस में खास रुचि है। उन्हें खेलना भी पसंद है और वो देहरादून में फुटबॉल व क्रिकेट इंटर डिस्ट्रिक्ट चैंपियनशिप में विजेता टीम के कप्तान भी रहे। पत्रकारिता में कदम रखने के कुछ समय बाद कॉमनवेल्थ गेम्स 2010 का संपूर्ण फील्ड कवरेज किया और कई ब्रेकिंग न्यूज दी। कई चर्चित भारतीय एथलीटों के इंटरव्यू लिए हैं। 2011 वनडे क्रिकेट वर्ल्ड कप का ऑनफील्ड रहकर शहर-शहर घूमते हुए पूरा टीवी कवरेज किया। विश्व कप से पहले युवा विराट कोहली का इंटरव्यू किया। डिजिटल जैसे-जैसे आगे बढ़ा उन्हें ब्रेट ली, सुनील गावस्कर, राहुल द्रविड़, जैसे तमाम धुरंधरों के साक्षात्कार किए और 16 वर्षीय ऋषभ पंत का पहला डिजिटल इंटरव्यू किया जिसे इंग्लिश और हिंदी वेबसाइट पर काफी रीडरशिप मिली। उन्होंने स्पोर्ट्स मल्टी पॉडकास्ट भी किया। आईपीएल के 18 सीजन से ऑनफील्ड जुड़े रहे। अब तक तकरीबन 6000 से ज्यादा एक्सक्लूसिव स्टोरीज लिख चुके हैं। साल 2025 में खेल जगत के तमाम बड़े रिकॉर्ड्स व आंकड़ों को ट्रैक किया है और उन पर आर्टिकल तैयार किए हैं।

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