अध्यात्म

आज यम दीपक कैसे जलाएं? यम दीपक कैसे बनाते हैं? जानें, यम का दीपक जलाने की पूरी विधि

Yam Deepak Kaise Jalaye (यम का दीपक कब और कैसे जलाएं): कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि पर यम दीपक जलाया जाता है। इस दीपक को कैसे बनाते हैं और इसे कैसे जलाते हैं, ये आप यहां से जान सकते हैं। यहां दीपक जलाने की पूरी विधि मौजूद है।

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यम का दीपक कब और कैसे जलाएं? (pic credit: canva)

Yam Deepak Kaise Jalaye (यम का दीपक कब और कैसे जलाएं): छोटी दीवाली एकमात्र दिन है जब लोग मृत्यु के देवता, भगवान यम की पूजा करते हैं। ऐसा कहा जाता है कि मृत्यु के देवता यमराज के नाम से दीपक जलाने से अच्छे स्वास्थ्य का वरदान प्राप्त होता है और यम देव का आशीर्वाद मिलता है। यहां से आप यम की दीपक जलाना सीख सकते हैं। यम की दीपक कैसे बनता है? यम की दीपक किस दिशा में जलाया जाता है? यम की दीपक कब जलाना चाहिए? यम की दीपक जलाने का क्या महत्व है? इन सभी सवालों का जवाब आप यहां से देख सकते हैं।

यम का दीपक कब जलाना चाहिए?

धनतेरस या छोटी दिवाली की शाम को यम दीपक जलाने की परंपरा बहुत पुरानी है।

यम दीपक कैसे बनाएं?

धनतेरस और छोटी दिवाली की शाम के समय प्रदोष काल में यम दीपक बनाने के लिए गेंहू के आट से दीपक का शेप तैयार करें और उसमें चार बत्ती रखें। फिर उसी में सरसों का तेल डालें और चारों ओर गंगाजल छिड़कें। दीपक के नीचे कोई अनाज जरूर रखें।

कहां रखें यम दीपक?

यम का दीपक हमेशा दक्षिण दिशा की ओर जलाना चाहिए। यम के दीपक को घर के मुख्य द्वार पर दक्षिण दिशा में उसे रख दें। कुछ लोग तो यम का दीपक नाली के पास या अन्य किसी स्थानों पर रखते हैं।

यम दीपक जलाने की विधि-

  • मिट्टी, आटा या गोबर से एक चौमुखा दीपक का आकार दें।
  • फिर इस दीपक में रुई की दो या चार लंबी बत्तियां लगाएं।
  • अब सरसों का तेल डालें।
  • फिर दीपक को सीधे जमीन पर न रखकर, थोड़े से चावल या फूल पर रखें।
  • अब यम दीपक जलाते हुए ऊं यमदेवाय नम: का जाप करें।

यम दीपक जलाने का महत्व

यम का दीया जलाने से परिवार में अकाल मृत्यु का भय समाप्त हो जाता है। इसे जलाने से यमराज प्रसन्न होते हैं और परिवार के सदस्यों को लंबी और स्वस्थ आयु का वरदान देते हैं। ऐसी मान्यता है कि यम का दीपक जलाने से मृत्यु के बाद नरक में जाने से बचा जा सकता है। यम दीपक घर से नकारात्मक ऊर्जा को दूर करता है और परिवार में सकारात्मकता लाता है।

Srishti
सृष्टिauthor

सृष्टि टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की फीचर डेस्क से जुड़ी कंटेंट राइटर हैं, जो मुख्य रूप से धर्म और लाइफस्टाइल सेक्शन के लिए लिखती हैं। सृष्टि को आध्यात्म, भारतीय संस्कृति और साहित्य में गहरी रुचि है। यही वजह है कि उनके लेखों में परंपरा, आस्था और जीवनशैली की सहज समझ खूबसूरती से दिखाई देती है। वह धार्मिक कथाओं, ग्रंथों से जुड़े विषयों, आध्यात्मिक ट्रेंड्स और समकालीन जीवनशैली पर 5,000 से अधिक लेख लिख चुकी हैं। मॉडर्न लाइफस्टाइल और पारंपरिक मूल्यों के बीच संतुलन बनाते हुए वह ऐसे कंटेंट गढ़ती हैं, जो प्रेरक होने के साथ-साथ जानकारीपूर्ण भी होता है।

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