अध्यात्म

भारत के इस शहर में बनी दुनिया की सबसे ऊंची शिव प्रतिमा, बनाने में लगे 10 साल, जानें कब से कर सकेंगे दर्शन

  • Agency by: Agency
  • Updated Oct 9, 2022, 01:34 PM IST

World Tallest Statue of Lord Shiva : ये है दुनिया की सबसे ऊंची 351 फीट की शिव प्रतिमा, 6 नवंबर को होगा इसका उद्घाटन। इसे बनाने में लगे पूरे 10 साल।

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नाथद्वारा में 351 फीट ऊंची शिव प्रतिमा का लोकार्पण महोत्सव 29 अक्टूबर से 6 नवम्बर तक चलेगा।

KEY HIGHLIGHTS
  • राजस्थान के राजसमन्द जिले के नाथद्वारा में बनाई गई दुनिया की सबसे ऊंची 351 फीट की शिव प्रतिमा। इसे बनाने में लगे हैं पूरे 10 साल।
  • ये शिव की एकमात्र ऐसी मूर्ति है जिसमें लोगों के बैठने के लिए लिफ्ट सीढ़ियां, हॉल बनाया गया है।
  • भगवान शिव की इस सबसे ऊंची और बड़ी प्रतिमा का 6 नवंबर को अनावरण होने जा रहा है।

Rajasthan Nathdwara News: 10 साल के लंबे इंतजार के बाद राजस्थान में एक बड़ा और नया आयाम स्थापित होने जा रहा है। यहां राजसमन्द जिले के नाथद्वारा में भगवान शिव की सबसे ऊंची और बड़ी प्रतिमा का अनावरण होने जा रहा है। जानकारी अनुसार ये अनावरण 6 नवंबर को रामकथा वाचक मुरारी बापू द्वारा किया जाएगा। बता यें ये विश्व की सबसे ऊंची शिव प्रतिमा होगी। नाथद्वारा में 351 फीट ऊंची शिव प्रतिमा का लोकार्पण महोत्सव 29 अक्टूबर से 6 नवम्बर तक चलेगा।

351 फीट ऊंची है ये प्रतिमा: नाथद्वारा की गणेश टेकरी पर बनी ये विशालकाय प्रतिमा करीब 20 किलोमीटर दूर से ही नजर आने लग जाती है। विशेष लाइटिंग के जरिए रात के समय शिव की इस प्रतिमा का भव्य रूप दिखाई देता है। 351 फीट ऊंची इस प्रतिमा के अंदर सबसे ऊपरी हिस्से में जाने के लिए 4 लिफ्ट और तीन सीढ़ियां बनाई गई हैं। इसके अंदर ऐसा हॉल है जहां 400 लोग आसानी से बैठ सकते हैं।

भगवान शिव शंकर के कंधे से दिखेंगी अरावली की पहाड़ियां: भगवान शिव की इस प्रतिमा के अभिषेक के लिए 2 बड़े तालाब बनाए गए हैं। प्रतिमा में 280 फीट तक लिफ्ट लगाई गई है। इस लिफ्ट से भगवान शिव के कंधे से श्रद्धालु अरावली की पहाड़ियों का खूबसूरत नजारा देख सकेंगे। ये एक मात्र ऐसी प्रतिमा है जिसमें लिफ्ट, सीढ़ियां, लोगों के बैठने के लिए हॉल बनाया गया है।

29 अक्टूबर से शुरू होगा शिव प्रतिमा 'विश्वास स्वरूपम' का लोकार्पण महोत्सव: इस महोत्सव के दौरान रोजाना करीब 50 से 60 हजार श्रद्धालु मुरारी बापू की कथा सुनने के लिए एकत्रित होंगे। जानकारी के मुताबिक इस भव्य महोत्सव में 9 दिन तक धार्मिक, आध्यात्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों की धूम रहेगी। इस महोत्सव के दौरान बापू के व्यासपीठ का नजारा भी लोगों के आकर्षण का केन्द्र रहेगा। प्रतिदिन यहां एक लाख लोग भोजन प्रसाद ग्रहण करेंगे।

लवीना शर्मा
लवीना शर्माauthor

धरती का स्वर्ग कहे जाने वाले जम्मू-कश्मीर की रहने वाली हूं। पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट हूं। 10 साल से मीडिया में काम कर रही हूं। पत्रकारिता में करियर की शुरुआत न्यूज 24 से हुई। इसके बाद तमाम चैनलों में काम किया। जहां स्क्रिप्ट राइटिंग, एडिटिंग और एंकरिंग का अनुभव हासिल हुआ। रफ्तार यहीं नहीं रूकी अब चाह थी कुछ नया करने की जिसके लिए मैंने डिजिटल मीडिया में स्विच किया और मैं जनसत्ता से जुड़ गई। जनसत्ता में मैंने अध्यात्म सेक्शन लीड किया। इसके बाद पत्रिका में सेवाएं दी और अब timesnowhindi.com से जु़ड़ी हूं। यहां भी मैं अध्यात्म सेक्शन में कार्यरत हूं। भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और ज्योतिष शास्त्र में मेरा शुरू से ही लगाव रहा है। मेरी कोशिश रहती है कि मैं ऐसा कंटेट लिखूं जिससे बड़े बुजुर्ग ही नहीं बल्कि आज के युवा भी कनेक्ट कर सकें।

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