अध्यात्म

Sawan Month: बहुत पावन होता है शिव जी का प्रिय सावन का महीना, फिर क्यों नहीं होते हैं विवाह जैसे शुभ काम

Why there are no weddings in Sawan: शिव जी का प्रिय महीना माना जाता है सावन मास। इस महीने में भोलेनाथ की पूजा का श्रद्धालु पूरे भक्ति भाव से करते हैं। हालांकि इतना पावन माने जाने वाले सावन के महीने में शादी-विवाह जैसे शुभ काम नहीं होते हैं। जानें ऐसा क्यों है।

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सावन में शादियों को क्यों टाला जाता है (Photo - AI Image)

Why there are no weddings in Sawan: सावन का महीना हिंदू धर्म में बहुत ही खास माना जाता है क्योंकि यह भगवान शिव का प्रिय महीना होता है। इस महीने में भक्त बड़ी श्रद्धा से भोलेनाथ की पूजा करते हैं, व्रत रखते हैं और उनसे खुशहाली की प्रार्थना करते हैं। कहा जाता है कि अगर सावन में भगवान शिव प्रसन्न हो जाएं तो हर मनोकामना पूरी हो जाती है। खासकर कुंवारी लड़कियां अपने मनपसंद वर की प्राप्ति के लिए सावन में भोलेनाथ की पूजा करती हैं, वहीं विवाहित महिलाएं अपने पति और परिवार की खुशहाली के लिए माता पार्वती और भगवान शिव की अराधना करती हैं।

सावन में शादियों को क्यों टाला जाता है

लेकिन इतना पवित्र और शुभ महीना होने के बावजूद, सावन में शादियों को क्यों टाला जाता है? इसके पीछे भी एक खास धार्मिक वजह छिपी है। दरअसल, सावन का महीना चातुर्मास के समय आता है। इस दौरान भगवान विष्णु चार महीने के लिए योग निद्रा यानी गहरी नींद में चले जाते हैं।

हिंदू मान्यताओं के अनुसार शादी-विवाह जैसे बड़े मांगलिक काम भगवान विष्णु के आशीर्वाद के बिना पूरे नहीं हो सकते। इसलिए जब वह योग निद्रा में होते हैं, तब इस तरह के मांगलिक कार्यों पर रोक लगाई जाती है। कहा जाता है कि जब भगवान विष्णु ध्यान की अवस्था में होते हैं, तब वह धरती का संचालन भगवान शिव को सौंप देते हैं। इस समय भगवान शिव की पूजा-आराधना की जाती है, लेकिन वह खुद शादी समारोह में शामिल नहीं होते, इसलिए सावन में शादी करना शुभ नहीं माना जाता।

भगवान विष्णु के योग निद्रा के कारण सावन के महीने में शादी-विवाह का आयोजन न के बराबर होता है। भक्त इस महीने में पूरी भक्ति और श्रद्धा के साथ भोलेनाथ की पूजा करते हैं और अपने जीवन में सुख-शांति और समृद्धि की कामना करते हैं।

सावन 2025 कब से है

वैदिक पंचांग के अनुसार, इस साल सावन का महीना 11 जुलाई से शुरू होगा। इस बार सावन के पहले ही दिन शिववास योग बन रहा है, यह एक विशेष योग है। इस शुभ योग में भगवान शिव माता पार्वती के साथ कैलाश पर्वत पर विराजमान रहेंगे। मान्यता है कि इस योग में शिवजी की पूजा और जलाभिषेक करने से साधक को सौभाग्य, सुख-समृद्धि और मनचाहा वरदान प्राप्त होता है। इनपुट - आईएएनएस

Medha Chawla
मेधा चावला author

मेधा चावला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर एसोसिएट एडिटर हैं और लाइफस्टाइल सेक्शन की लीड हैं। लाइफस्टाइल पत्रकारिता में 20 वर्षों का अनुभव रखने वा... और देखें

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