अध्यात्म

पीएम मोदी के नामांकन के समय साथ बैठे थे ये संत, सनातन धर्म के हैं प्रख्यात ज्ञाता, जानें कौन हैं गणेश्वर शास्त्री द्रविड़

Who Is Pandit Ganeshwar Shastri Dravid: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज वाराणसी लोकसभा सीट के लिए अपना नामांकन दाखिल कर दिया है। नामांकन के समय पीएम मोदी के साथ एक संत भी नजर आए जिनके बारे में खूब चर्चा हो रही है। बता दें ये संत ज्योतिषाचार्य गणेश्वर शास्त्री द्रविड़ हैं। उन्होंने ही राममंदिर के शिलान्यास का भी मुहूर्त निकाला था।

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Who Is Pandit Ganeshwar Shastri Dravid

Who Is Pandit Ganeshwar Shastri Dravid: पीएम नरेंद्र मोदी के नामांकन के समय उनके साथ मौजूद रहने वाले संत देश के जाने माने ज्योतिषाचार्य गणेश्वर शास्त्री द्रविड़ हैं। जानकारी अनुसार उन्होंने ही पीएम मोदी के नामांकन (PM Modi File Nomination) के लिए 14 मई की सुबह 11 बजकर 40 मिनट का समय शुभ बताया था। बता दें गणेश्वर शास्त्री द्रविड़ देश के सबसे बड़े ज्योतिषी माने जाते हैं। ये ग्रहों, नक्षत्रों और चौघड़ियों के प्रकांड विद्वान हैं। अयोध्या राममंदिर (Ayodhya Ram Mandir) के शिलान्यास से लेकर रामलला के प्राण प्रतिष्ठा तक का शुभ मुहूर्त भी पंडित गणेश्वर शास्त्री द्रविड़ (Ganeshwar Shastri Dravid) ने ही निकाला था। पढ़िए इनकी प्रोफाइल।

कौन हैं पंडित गणेश्वर शास्त्री द्रविड़ (Who Is Pandit Ganeshwar Shastri Dravid)

पंडित गणेश्वर शास्त्री द्रविड़ वर्तमान में काशी के रामघाट इलाके में गंगा किनारे रहते हैं। लेकिन मूल रूप से ये दक्षिण भारत के रहने वाले हैं। इनके एक बड़े भाई पंडित विश्वेश्वर शास्त्री हैं। ये भी भारत के प्रतिष्ठित विद्वान हैं और काशी में ही रहते हैं। पंडित गणेश्वर शास्त्री पूरे देश में शास्त्रीय साधना के लिए जाने जाते हैं और काशी में वे 'शास्त्रार्थ-शाला' भी चलाते हैं। जिसकी शुरुआत उनके परदादा ने की थी। इस शास्त्रार्थ-शाला में विद्यार्थियों को आचार्य बनने और कर्मकांड इत्यादि की पढ़ाई कराई जाती है।

जानकारी अनुसार आचार्य गणेश्वर शास्त्री का जन्म 9 दिसम्बर 1958 में काशी के रामनगर में हुआ था। भारत के प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य होने के बाद भी ये बेहद सादा जीवन जीते हैं। ये नंगे पांव रहते हैं और यम- नियम का पालन करते हुए ऋर्षियों के समान अपना जीवन जीते हैं। इतना ही नहीं गणेश शास्त्री द्रविड़ अपने पास मोबाइल भी नहीं रखते।

राम मंदिर के भूमि पूजन से लेकर प्राण प्रतिष्ठा तक का शुभ मुहूर्त भी ज्योतिषाचार्य गणेश्वर शास्त्री द्रविड़ ने ही निकाला था। इतना ही नहीं काशी विश्वनाथ मंदिर में लोकार्पण का मुहूर्त निकालने वाले विद्वान भी यही थे।

कहा जाता है कि भारत में गणेश्‍वर शास्‍त्री से बड़ा ज्‍योतिषचार्य नहीं है जो ग्रह, नक्षत्र, चौघड़‍ियों के बारे में इतनी सटीक जानकारी देता हो। इन्हें बड़े-बड़े मुहूर्तों के धर्मसंकट से निकालने की महारत हासिल है। इनके पिता आचार्य राजेश्वर शास्त्री द्रविड़ को पंडित राज की उपाधि के साथ ही पद्मभूषण से भी सम्मानित किया जा चुका है।

Laveena Sharma
लवीना शर्माauthor

धरती का स्वर्ग कहे जाने वाले जम्मू-कश्मीर की रहने वाली हूं। पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट हूं। 10 साल से मीडिया में काम कर रही हूं। पत्रकारिता में करियर की शुरुआत न्यूज 24 से हुई। इसके बाद तमाम चैनलों में काम किया। जहां स्क्रिप्ट राइटिंग, एडिटिंग और एंकरिंग का अनुभव हासिल हुआ। रफ्तार यहीं नहीं रूकी अब चाह थी कुछ नया करने की जिसके लिए मैंने डिजिटल मीडिया में स्विच किया और मैं जनसत्ता से जुड़ गई। जनसत्ता में मैंने अध्यात्म सेक्शन लीड किया। इसके बाद पत्रिका में सेवाएं दी और अब timesnowhindi.com से जु़ड़ी हूं। यहां भी मैं अध्यात्म सेक्शन में कार्यरत हूं। भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और ज्योतिष शास्त्र में मेरा शुरू से ही लगाव रहा है। मेरी कोशिश रहती है कि मैं ऐसा कंटेट लिखूं जिससे बड़े बुजुर्ग ही नहीं बल्कि आज के युवा भी कनेक्ट कर सकें।

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