Karni Mata Temple Rajasthan : भारत मंदिरों का देश है, यहां अलग-अलग परंपराओं वाले मंदिर काफी फेमस हैं। लेकिन आज हम आपको राजस्थान के एक फेमस मंदिर के बारे में बताने जा रहे हैं। बीकानेर जिले में मौजूद करणी माता मंदिर अपनी विशेष परंपरा के लिए जाना जाता है। इस मंदिर में प्रसाद के तौर पर चूहों की जूठन दी जाती है। आज अपने बीकानेर दौरे पर प्रधानमंत्री मोदी भी इस प्राचीन मंदिर के दर्शन किए। आइए जानते हैं करणी माता मंदिर के बारे में विस्तार से...
क्या है करणी माता मंदिर का इतिहास?
करणी माता मंदिर काफी प्राचीन मंदिर है। जिसका निर्माण 20वीं शताब्दी की शुरुआत में बीकानेर के महाराजा गंगा सिंह द्वारा किया गया था। सफेद संगमरमर से मुगल वास्तुकला में बनाया गया ये मंदिर आस्था का बड़ा केंद्र है। करणी माता मंदिर के गर्भगृह में देवी की प्रतिमा विराजमान है, जो अपने एक हाथ में त्रिशूल धारण किए हैं। इस प्रतिमा के बराबर में दो और प्रतिमाएं है। मान्यता है कि ये प्रतिमा देवी की दो बहनों की हैं।
चूहों से भरा है मंदिर
करणी माता मंदिर को Rat Temple के नाम से भी जाना जाता है। अनुमान है कि करणी माता मंदिर में लगभग 25 हजार चूहे मौजूद हैं। जिसकी मान्यता है कि ये चूहे करणी माता के वंशज हैं। क्योंकि करणी माता ने यमराज को चुनौती दी थी कि मेरे वंशज कभी यमलोक नहीं जाएंगे। इस मंदिर में मौजूद चूहों को "काबा" कहा जाता है।
सफेद चूहे के दर्शन
इस मंदिर में जाने पर यदि आपको सफेद चूहे के दर्शन होते हैं, तो आपके ऊपर देवी की विशेष कृपा है। क्योंकि मान्यता है कि सफेद चूहे के रूप में माता करणी देवी खुद भक्तों को अपना दर्शन देती हैं। वहीं जब आज देश के प्रधानमंत्री इस मंदिर के दर्शन कर रहे हैं, तो पूरे देश के लोगों की निगाह इस मंदिर पर टिकी हुई हैं।
