Shiv Chaturdashi Vrat: शिव चतुर्दशी के दिन इस पूजा विधि से करें भोलेनाथ को प्रसन्‍न, जानें महत्‍व एवं नियम 

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Sep 27, 2019, 06:30 AM IST

Shiv Chaturdashi Vrat: वैसे तो पूरे साल भगवान शंकर की पूजा होती है लेकिन शिव चतुर्दशी के दिन भोलेनाथ की आराधना करना बहुत फलदायी होता है।

Shiv Chaturdashi Vrat: शिव चतुर्दशी के दिन इस पूजा विधि से करें भोलेनाथ को प्रसन्‍न, जानें महत्‍व एवं नियम 
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Shiv chaturdashi vrat: हिंदू धर्म में सभी देवताओं में भगवान शिव को सबसे श्रेष्ठ माना जाता है। शिव के भक्त इन्हें प्रसन्न करने के लिए उपवास रखते हैं और पूरे विधि विधान से इनकी पूजा करते हैं। प्रत्येक सोमवार को शिव मंदिरों में शिव भक्तों की भारी भीड़ जुटती है। वैसे तो पूरे साल भगवान शंकर की पूजा होती है लेकिन शिव चतुर्दशी के दिन भोलेनाथ की आराधना करना बहुत फलदायी होता है।
 
पंचांग के अनुसार शिव चतुर्दशी प्रत्येक महीने कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को पड़ती है। इस दिन भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए व्रत रखा जाता है और विधिवत शिव की पूजा करने से मनचाहा फल प्राप्त होता है। शिव पुराण के अनुसार शिव चतुर्दशी के दिन उपवास रखने से व्यक्ति सांसारिक बुराइयों जैसे क्रोध, काम, लालच और मोह के बंधन से मुक्त हो जाता है। आइये जानते हैं शिव चतुर्दशी का महत्व और पूजा विधि के बारे में।

शिव चतुर्दशी व्रत का महत्व 
शिव चतुर्दशी के दिन भगवान शिव, माता पार्वती, भगवान गणेश, कार्तिकेय और शिवगणों की पूजा की जाती है। माना जाता है कि पूरे श्रद्धा भाव से भगवान की पूजा करने से व्यक्ति के सभी कष्ट दूर हो जाते हैं। इसके साथ ही चतुर्दशी के दिन उपवास रखने से व्यक्ति को ऐश्वर्य, आरोग्य, संतान और विद्या प्राप्त होती है और व्यक्ति दीर्घायु होता है। कहा जाता है कि शिव चतुर्दशी का व्रत रखने वाला व्यक्ति मृत्यु के बाद शिवलोक जाता है।

शिव चतुर्दशी व्रत नियम

  • कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को उपवास रखें और प्रातःकाल उठकर स्नान करें।
  • इस दिन किसी के प्रति मन में द्वेष ना रखें और प्रसन्नचित्त रहें।
  • नित्यकर्म के बाद चतुर्दशी व्रत का संकल्प लें और विभिन्न प्रकार की पूजा सामग्री से शिव की पूजा करें।
  • पूरे दिन आहार ग्रहण ना करें और शिव की पूजा करने के बाद गरीबों को भोजन कराएं।

चतुर्दशी के दिन ऐसे करें शिव की पूजा

  • मंदिर में जाकर शिवलिंग पर जल और दूध से अभिषेक करें।
  • इसके बाद शिवलिंग के ऊपर बेलपत्र, कुशा, दूब और समीपत्र अर्पित करें।
  • इसके साथ ही भांग, धतूरा चढ़ाएं और श्रीफल से भोलेशंकर को भोग लगाएं।
  • घर आकर शिव मंत्रों का जाप करें।

शिव चतुर्दशी के दिन यह मंत्र जपने से पूरी होती है मनोकामना
शंकराय नमसेतुभ्यं नमस्ते करवीरक
त्र्यम्बकाय नमस्तुभ्यं महेश्र्वरमत: परमनमस्तेअस्तु महादेवस्थाणवे च ततछ परमू
नमः पशुपते नाथ नमस्ते शम्भवे नमः
नमस्ते परमानन्द नणः सोमार्धधारिणे
नमो भीमाय चोग्राय त्वामहं शरणं गतः




मनोवांछित फल की प्राप्ति के लिए शिव के अनेकों भक्त शिव चतुर्दशी के दिन उपवास रखते हैं और पूरी श्रद्धा से भगवान शिव की आराधना करते हैं। भगवान शिव अपने भक्तों की भक्ति से प्रसन्न होते हैं और उनकी मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं।

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