Vivah Muhurat July 2026 : हिंदू धर्म में विवाह को जीवन के सबसे महत्वपूर्ण संस्कारों में से एक माना जाता है। विवाह जैसे शुभ कार्य के लिए शुभ तिथि, नक्षत्र और मुहूर्त का विशेष ध्यान रखा जाता है। मान्यता है कि शुभ मुहूर्त में किए गए विवाह से दांपत्य जीवन में सुख, प्रेम और स्थिरता बनी रहती है।
जुलाई 2026 में विवाह के लिए कुछ ही शुभ मुहूर्त उपलब्ध हैं। पंचांग के अनुसार, महीने की शुरुआत में कुछ शुभ विवाह मुहूर्त रहेंगे, लेकिन इसके बाद गुरु तारा अस्त होने के कारण विवाह जैसे मांगलिक कार्यों पर रोक रहेगी। आइए जानते हैं जुलाई 2026 में विवाह के लिए कौन-कौन सी शुभ तारीखें हैं।
जुलाई 2026 में कब-कब हैं विवाह मुहूर्त
जुलाई 2026 में सिर्फ 5 मुहूर्त ही विवाह के लिए शुभ हैं। इसके बाद गुरु अस्त होने के कारण विवाह करना शुभ नहीं रहेगा। वहीं, 25 जुलाई को देवशयनी एकादशी के साथ ही 4 महीने तक शुभ कार्य बंद हो जाएंगे। आइए जानते हैं जुलाई में कौन से 5 दिन विवाह के लिए शुभ हैं।
1 जुलाई 2026, बुधवार
जुलाई महीने की शुरुआत विवाह के लिए शुभ मुहूर्त के साथ होगी। 1 जुलाई को विवाह के लिए शुभ समय सुबह 6 बजकर 51 मिनट से शाम 4 बजकर 4 मिनट तक रहेगा। इस दिन उत्तराषाढ़ा नक्षत्र और द्वितीया तिथि का संयोग बन रहा है। ज्योतिष के अनुसार उत्तराषाढ़ा नक्षत्र स्थिर और शुभ कार्यों के लिए अच्छा माना जाता है।
6 जुलाई 2026, सोमवार
जुलाई में दूसरा शुभ विवाह मुहूर्त 6 जुलाई को रहेगा। इस दिन रात 1 बजकर 41 मिनट से अगले दिन 7 जुलाई सुबह 5 बजकर 29 मिनट तक विवाह का शुभ समय रहेगा। इस दौरान उत्तर भाद्रपद नक्षत्र और सप्तमी तिथि का संयोग रहेगा। उत्तर भाद्रपद नक्षत्र को शुभ और मंगलकारी कार्यों के लिए अनुकूल माना जाता है।
7 जुलाई 2026, मंगलवार
7 जुलाई को भी विवाह के लिए शुभ योग बन रहा है। इस दिन सुबह 5 बजकर 29 मिनट से दोपहर 2 बजकर 31 मिनट तक विवाह किया जा सकता है।इस दिन उत्तर भाद्रपद नक्षत्र रहेगा और सप्तमी-अष्टमी तिथि का संयोग बनेगा। विवाह के लिए यह समय शुभ माना गया है।
11 जुलाई 2026, शनिवार
जुलाई महीने का एक और शुभ विवाह मुहूर्त 11 जुलाई को रहेगा। इस दिन रात 12 बजकर 5 मिनट से 12 जुलाई सुबह 5 बजकर 32 मिनट तक विवाह का शुभ समय रहेगा। इस दिन रोहिणी नक्षत्र और द्वादशी-त्रयोदशी तिथि का संयोग रहेगा। रोहिणी नक्षत्र को विवाह और नए कार्यों की शुरुआत के लिए विशेष शुभ माना जाता है।
गुरु के अस्त होने के बाद नहीं होंगे विवाह
जुलाई 2026 में 12 जुलाई के बाद विवाह के शुभ मुहूर्त उपलब्ध नहीं रहेंगे। पंचांग के अनुसार 12 जुलाई से 14 जुलाई तक गुरु के वृद्धत्व के कारण विवाह जैसे शुभ कार्यों के लिए समय अनुकूल नहीं रहेगा। इसके बाद 15 जुलाई से 31 जुलाई तक गुरु तारा अस्त रहेगा। हिंदू ज्योतिष में गुरु को विवाह और वैवाहिक सुख का कारक ग्रह माना जाता है। इस कारण गुरु तारा अस्त होने की स्थिति में विवाह जैसे मांगलिक कार्य नहीं करने चाहिए।
क्यों जरूरी होते हैं विवाह के लिए मुहूर्त
ज्योतिष शास्त्र में विवाह के लिए तिथि, वार, नक्षत्र और ग्रहों की स्थिति का विशेष महत्व माना जाता है। शुभ मुहूर्त में विवाह करने से पति-पत्नी के बीच प्रेम, विश्वास और सामंजस्य बढ़ने की मान्यता है। अगर कोई व्यक्ति जुलाई 2026 में विवाह की योजना बना रहा है तो उसे इन शुभ तारीखों में से अपनी सुविधा और कुंडली मिलान के अनुसार मुहूर्त का चयन करना चाहिए। विवाह से पहले कुंडली मिलान और विद्वान ज्योतिषी से सलाह लेना भी शुभ माना जाता है।
