Vishwakarma Puja Samagri List In Hindi pdf: विश्वकर्मा पूजा का त्योहार सूर्य देव के कन्या राशि में प्रवेश करने के दौरान मनाया जाता है। कहते हैं ये वही दिन है जब निर्माण के देवता भगवान विश्वकर्मा का जन्म हुआ था। इन्हें देवताओं के वास्तुकार के रूप में जाना जाता है। इसलिए हर साल 17 सितंबर को इनके जन्मदिन के शुभ अवसर पर इनकी विधि विधान पूजा की जाती है। साथ ही इस दिन लोग अपने काम में प्रयोग होने वाली मशीनों और औजारों की भी पूजा करते हैं। ये पूजा कार्यस्थल पर ही की जाती है। चलिए जानते हैं विश्वकर्मा पूजा में क्या-क्या सामग्री लगेगी।
Vishwakarma Puja Samagri List In Hindi pdf (विश्ववकर्मा पूजा सामग्री लिस्ट)
| सामग्री | मात्रा | सामग्री | मात्रा | सामग्री | मात्रा |
| इत्र | 1 छोटी शीशी | जौ | 100 ग्राम | लाल वस्त्र | 1 मीटर |
| गरी का गोला (सूखा) | 2 पीस | रोली | 10 ग्राम | पीला वस्त्र | 1 मीटर |
| पानी वाला नारियल | 1 पीस | पीला सिंदूर | 10 ग्राम | कुश (पवित्री) | 4 पीस |
| जटादार सूखा नारियल | 1 पीस | पीला अष्टगंध चंदन | 10 ग्राम | लकड़ी की चौकी | 1 पीस |
| अक्षत (साबुत चावल) | 1 किलो | लाल सिंदूर | 10 ग्राम | दोना (छोटा-बड़ा) | 1-1 पीस |
| धूपबत्ती | 1 पैकेट | हल्दी (पिसी) | 50 ग्राम | मिट्टी का कलश (बड़ा) | 1 पीस |
| रुई की बत्ती (गोल / लंबी) | 1-1 पैकेट | हल्दी (समूची) | 50 ग्राम | मिट्टी का प्याला | 8 पीस |
| देशी घी | 500 ग्राम | सुपाड़ी (समूची बड़ी) | 100 ग्राम | मिट्टी की दियाली | 8 पीस |
| कपूर | 20 ग्राम | लौंग | 10 ग्राम | हवन कुण्ड | 1 पीस |
| कलावा | 5 पीस | इलायची | 10 ग्राम | माचिस | 1 पीस |
| चुनरी (लाल / पीली) | 1/1 पीस | सर्वौषधि | 1 डिब्बी | आम की लकड़ी | 2 किलो |
| बताशा | 500 ग्राम | सप्तमृत्तिका | 1 डिब्बी | नवग्रह समिधा | 1 पैकेट |
| गंगाजल | 1 शीशी | पीली सरसों | 50 ग्राम | हवन सामग्री | 500 ग्राम |
| नवग्रह चावल | 1 पैकेट | जनेऊ | 5 पीस | तिल | 100 ग्राम |
| गुड़ | 100 ग्राम | कमलगट्टा | 100 ग्राम | शहद | 50 ग्राम |
| पंचमेवा | 200 ग्राम | पंचरत्न व पंचधातु | 1 डिब्बी | धोती और अगोंछा (पीला/लाल) | 1-1पीस |

Vishwakarma Puja Samagri List In Hindi pdf
विश्वकर्मा पूजा विधि (Vishwakarma Puja Vidhi)
इस दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान कर लें। इसके बाद आपके काम में रोजाना उपयोग में आने वाली मशीनों को साफ करें। फिर पूजा करने बैठे। इस दिन भगवान विश्वकर्मा के साथ-साथ मशीनों की भी पूजा की जाती है। विश्वकर्मा जी को कुमकुम, गुलाल, हल्दी, व फूल, फल, अक्षत, अबीर, मेवे, मिठाई इत्यादि चीजें अर्पित करें। इसके बाद आटे की रंगोली बनाकर उनके ऊपर सात तरह के अनाज रखें। फिर पूजा स्थल पर जल से भरा एक कलश रखें। भगवान को धूप दिखाएं और आरती करें।
