Vikat Sankashti Chaturthi Upay: प्रत्येक मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को संकष्टी चतुर्थी मनाई जाती है, लेकिन वैशाख मास में आने वाली विकट संकष्टी चतुर्थी का विशेष महत्व होता है। इस दिन गणेश जी का व्रत रखने और श्रद्धा से पूजा करने पर जीवन के कष्ट कम होते हैं और मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। हिंदू धर्म में श्री गणेश को प्रथम पूज्य देवता माना जाता है, जो सभी विघ्नों को दूर करने वाले और बुद्धि, समृद्धि तथा सुख के दाता हैं। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन किए गए छोटे-छोटे उपाय भी बड़ा फल देते हैं और भगवान गणेश की कृपा शीघ्र प्राप्त होती है। यहां से आप विकट संकष्टी चतुर्थी के दिन किए जाने वाले उपायों के बारे में विस्तार से जान सकते हैं।
वैशाख विकट संकष्टी चतुर्थी के उपाय-
1. विकट संकष्टी चतुर्थी के दिन श्री गणेश को 21 दूर्वा और मोदक का भोग लगाएं। इससे जीवन के सभी विघ्न दूर होते हैं। साथ ही गणेश जी को लाल फूल और सिंदूर अर्पित करें। यह विशेष रूप से सौभाग्य और समृद्धि बढ़ाने वाला माना जाता है।
2. रात में चंद्रमा के दर्शन कर जल में दूध और अक्षत मिलाकर अर्घ्य दें। इससे व्रत पूर्ण माना जाता है और मनोकामनाएं पूरी होती हैं। अगर आपकी नौकरी में कहीं बाधा आ रही है, तो आपको ये उपाय जरूर करना चाहिए।
3. विकट संकष्टी चतुर्थी पर जरूरतमंद लोगों को भोजन, वस्त्र या धन का दान करें। इससे पुण्य की प्राप्ति होती है और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा आती है। साथ ही इस दिन व्रत कथा सुनना या पढ़ना बेहद शुभ होता है। इससे व्रत का पूर्ण फल मिलता है और जीवन की परेशानियां कम होती हैं।
4. विकट संकष्टी चतुर्थी के दिन 'ऊं गं गणपतये नमः' मंत्र का कम से कम 108 बार जाप करें। ये मंत्र मानसिक शांति और सफलता का रास्ता खोलता है। साथ ही वैवाहिक जीवन के कलेश से भी मुक्ति मिलती है।
भूलकर भी न करें ये काम-
वैशाख की विकट संकष्टी चतुर्थी पर गणेश जी की पूजा करते समय तुलसी का पत्ता भूलकर भी न चढ़ाएं। पौराणिक कथा के अनुसार, तुलसी और गणेश जी ने एक-दूसरे को श्राप दिया था, इसलिए गणेश जी की पूजा में तुलसी का इस्तेमाल नहीं किया जाता। इसके साथ ही पूजा में काले कपड़े पहनने से बचें, क्योंकि हिंदू धर्म में इन्हें नकारात्मकता का प्रतीक माना जाता है। इसके स्थान पर पीले, लाल या सफेद रंग के कपड़े पहनें।
