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Vijaya Ekadashi 2025 Parana Time: विजया एकादशी व्रत का पारण कब से कब तक किया जा सकता है, नोट कर लें व्रत खोलने का सही समय

Vijaya Ekadashi 2025 Parana Time (विजया एकादशी व्रत पारण समय 2025): एकादशी व्रत का पारण अगले दिन यानी द्वादशी तिथि पर किया जाता है। कहते हैं एकादशी व्रत का पारण हमेशा शुभ मुहूर्त पर ही करना चाहिए।

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Vijaya Ekadashi 2025 Parana Time

Vijaya Ekadashi 2025 Parana Time (विजया एकादशी व्रत पारण समय 2025): एकादशी व्रत का पारण द्वादशी तिथि के समाप्त होने से पहले ही कर लेना चाहिए। लेकिन यदि द्वादशी तिथि सूर्योदय से पहले ही खत्म हो जा रही है तब व्रत का पारण सूर्योदय के बाद करना चाहिए। ऐसा माना जाता है कि द्वादशी तिथि के भीतर पारण न करने से पाप लगता है और व्रत का पूर्ण फल प्राप्त नहीं हो पाता। चलिए आपको बताते हैं विजया एकादशी व्रत का पारण कब से कब तक किया जा सकता है।

विजया एकादशी व्रत पारण टाइम 2025 (Vijaya Ekadashi Vrat Parana Time 2025)

विजया एकादशी व्रत पारण का समय 25 फरवरी की सुबह 6 बजकर 50 मिनट से लेकर 9 बजकर 8 मिनट तक रहेगा। वहीं पारण तिथि के दिन द्वादशी समाप्त होने का समय दोपहर 12:47 का है।

विजया एकादशी व्रत पारण विधि (Vijaya Ekadashi Vrat Parana Vidhi)

विजया एकादशी व्रत का पारण करने के लिए 25 फरवरी की सुबह जल्दी उठ जाएं। फिर स्नान करने के बाद भगवान विष्णु की विधि विधान पूजा करें। इसके बाद ब्राह्मणों या जरूरतमंदों को भोजन कराएं और उन्हें दान-दक्षिणा भी दें। इसके बाद अपना व्रत खोल लें।

Laveena Sharma
लवीना शर्माauthor

धरती का स्वर्ग कहे जाने वाले जम्मू-कश्मीर की रहने वाली हूं। पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट हूं। 10 साल से मीडिया में काम कर रही हूं। पत्रकारिता में करियर की शुरुआत न्यूज 24 से हुई। इसके बाद तमाम चैनलों में काम किया। जहां स्क्रिप्ट राइटिंग, एडिटिंग और एंकरिंग का अनुभव हासिल हुआ। रफ्तार यहीं नहीं रूकी अब चाह थी कुछ नया करने की जिसके लिए मैंने डिजिटल मीडिया में स्विच किया और मैं जनसत्ता से जुड़ गई। जनसत्ता में मैंने अध्यात्म सेक्शन लीड किया। इसके बाद पत्रिका में सेवाएं दी और अब timesnowhindi.com से जु़ड़ी हूं। यहां भी मैं अध्यात्म सेक्शन में कार्यरत हूं। भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और ज्योतिष शास्त्र में मेरा शुरू से ही लगाव रहा है। मेरी कोशिश रहती है कि मैं ऐसा कंटेट लिखूं जिससे बड़े बुजुर्ग ही नहीं बल्कि आज के युवा भी कनेक्ट कर सकें।

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