vat savitri vrat kab hai 2025
Vat Savitri Vrat 2025 Date (वट सावित्री व्रत 2025 बिहार, उत्तर प्रदेश में कब है): वट सावित्री का व्रत हर साल ज्येष्ठ मास की अमावस्या तिथि को रखा जाता है। मान्यता है कि इसी व्रत के जरिए ही सावित्री ने अपने पति सत्यवान के प्राण वापस लिए थे। इस वजह से सुहागिन महिलाएं वट सावित्री व्रत को पूरा आस्था और विधि के साथ करती हैं। यह व्रत उत्तर और दक्षिण भारत - दोनों क्षेत्रों में पूरा श्रद्धा के साथ मनाया जाता है। दोनों जगह अंतर ये है कि उत्तर भारत में वट सावित्री व्रत को ज्येष्ठ अमावस्या पर रखा जाता है, वहीं दक्षिण भारत में वट सावित्री व्रत को ज्येष्ठ मास की पूर्णिमा तिथि पर करते हैं।
वट सावित्री का व्रत विवाहित महिलाएं अपने पति की लंबी आयु और सेहत की मंगलकामना के साथ करती हैं। पंचांग के अनुसार 2025 में वट सावित्री का व्रत ज्येष्ठ मास की अमावस्या तिथि यानी 26 मई, दिन सोमवार को रखा जाएगा।
साल भर में आने वाली अमावस्या तिथियों में सोमवती अमावस्या की तिथि को श्रेष्ठ माना जाता है। इस तरह साल 2025 में 26 मई को सोमवार का दिन होने से वट सावित्री का व्रत सोमवती अमावस्या के शुभ संयोग के साथ रखा जाएगा। इस व्रत में सावित्री, सत्यवान और वट वृक्ष की खासतौर पर पूजा होती है।
वट सावित्री का व्रत के दिन सुबह नहा धोकर महिलाएं निर्जला उपवास रखती हैं। दोपहर में सुहागन वाला श्रृंगार करके सभी वट यानी की बरगद के पेड़ की पूजा करती हैं। वट की पूजा में पेड़ के वृक्ष के चारों ओर कच्चा धागा (सूत्र) लपेटकर परिक्रमा करती हैं। पूजा के दौरान सावित्री और सत्यवान की कथा का भी जाप होता है। पूजा के उपरांत महिलाएं पति के चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लेती हैं।